आचार संहिता के कारण बढ़ा इंतजार
विधान परिषद की सीटों पर होने वाले चुनाव के चलते राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है। ऐसे में सरकारी शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सावधानी बरती जा रही है। शिक्षा विभाग ने इसी मामले में निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा है। विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट होने तक सामान्य ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन पोर्टल नहीं खोलने का निर्णय लिया गया है।
आयोग के जवाब पर टिकी प्रक्रिया
शिक्षा विभाग अब निर्वाचन आयोग के जवाब का इंतजार कर रहा है। आयोग की ओर से यदि ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर अनुमति या स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलते हैं, तो उसके बाद पोर्टल खोलने और आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। यानी फिलहाल शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए नई तारीख का इंतजार करना होगा। विभाग की ओर से पोर्टल खुलने की कोई निश्चित नई तारीख अभी सामने नहीं आई है।
सामान्य ट्रांसफर के साथ दूसरे मामलों पर भी असर
मामला केवल सामान्य स्थानांतरण तक सीमित नहीं है। सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण, म्यूचुअल ट्रांसफर और अंतरजिला स्थानांतरण से संबंधित प्रक्रियाएं भी प्रभावित हुई हैं। इन मामलों में तैयार सूचियों को जारी करने अथवा आगे की कार्रवाई को लेकर भी निर्वाचन आयोग से मिलने वाले मार्गदर्शन का इंतजार किया जा रहा है। आयोग की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही संबंधित सूचियों पर आगे निर्णय लिया जा सकेगा।
लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षक
स्थानांतरण प्रक्रिया में देरी का सीधा असर उन शिक्षकों पर पड़ रहा है, जो लंबे समय से अपनी पसंद की पोस्टिंग या स्थानांतरण से संबंधित निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद के बीच अब एक बार फिर इंतजार बढ़ गया है। कई शिक्षक अपने वर्तमान विद्यालय से दूसरे स्थान पर जाने या पारिवारिक एवं प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरण की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में पोर्टल नहीं खुलने से उनकी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
कब खुलेगा ट्रांसफर पोर्टल?
फिलहाल 4 अक्टूबर से सामान्य ट्रांसफर पोर्टल खुलने की उम्मीद नहीं है। नई तारीख निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शन के बाद ही तय होने की संभावना है। शिक्षा विभाग की ओर से अभी पोर्टल खोलने की अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है। इसलिए शिक्षकों को सलाह है कि वे शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करें और किसी भी अपुष्ट तारीख या सोशल मीडिया पर वायरल संदेश के आधार पर आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद न करें।
आगे क्या होगा?
अब पूरा मामला निर्वाचन आयोग के जवाब पर निर्भर है। आयोग से स्थिति स्पष्ट होने के बाद शिक्षा विभाग सामान्य ट्रांसफर, सरप्लस, म्यूचुअल और अंतरजिला स्थानांतरण से जुड़ी अगली प्रक्रिया को लेकर फैसला करेगा। तब तक बिहार के सरकारी शिक्षकों को ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।

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