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# प्रेरक विचार
By HappyNews November 05, 2018
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जानें, हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए संबंध बनाना सही है या गलत
By HappyNews November 05, 2018
Health News, Research, Women Health News, पुरुष हेल्थ, सभी श्रेणियाँ No comments
हेल्थ डेस्क, साइंस की बात करें तो संबंध बनाना हर इंसान के लिए सही नहीं होता हैं। ये इंसान की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर निर्भर करता हैं। आज के समय में वैसे लोग जो हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित हैं उन लोगों के दिमाग में एक सवाल हमेशा बना रहता हैं की उन्हें अपने पार्टनर के साथ संबंध बनाने चाहिए या नहीं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की वैसे लोग जो हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित हैं उन लोगों के लिए संबंध बनाना सही हैं या गलत हैं। साथ हीं साथ ये भी जानने की कोशिश करेंगे की संबंध बनाने से उनके शरीर पर क्या प्रभार पड़ता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए संबंध बनाना सही है या गलत।
हाई ब्लड प्रेशर, एमोरी यूनिवर्सिटी के मेडिकल साइंस के एक रिसर्च के अनुसार हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए संबंध बनाना खतरनाक होता हैं। ये महिला और पुरुष दोनों के लिए सही नहीं होता हैं। क्यों की हाई ब्लड प्रेशर के दौरान संबंध बनाने से महिला और पुरुष के शरीर में अचानक से रक्त का संचार बढ़ जाता हैं। जिसके कारण इनके शरीर में हार्ट एटैक होने का ख़तरा होता हैं। इस रिसर्च को करने वाले डॉक्टरों का ये भी कहना हैं की वैसे लोग जो हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित होते हैं उनके शरीर में हार्मोन्स का स्राव ठीक तरीकों से नहीं होता हैं। जिसके कारण संबंध बनाने से इंसान के दिमाग में स्ट्रेस आ जाता हैं और वो इंसान शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ हो जाता हैं।
इस रिसर्च को करने वाले डॉक्टरों का ये भी कहना था की जो लो ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित होते हैं उनके लिए संबंध बनाना अच्छा होता हैं तथा संबंध बनाने से इनके शरीर में धीरे धीरे लो ब्लड प्रेशर की समस्या समाप्त हो जाती हैं। लेकिन वही हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए संबंध बनाना अच्छा नहीं होता हैं। डॉक्टरों ने कहा की इस रिसर्च को करने के लिए हमारी टीम से 20 वैसे कपल पर रिसर्च किये जो लो ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित थे और 20 ऐसे कपल को शामिल किया जो हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रसित थी। इन कपल पर रिसर्च करने के बाद ये साबित हो पाया की हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों के लिए संबंध बनाना हैं गलत।
यूरिन के ये 3 संकेत, बड़ी बीमारी की ओर करते हैं इशारा
By HappyNews November 05, 2018
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हेल्थ डेस्क, साइंस के अनुसार जब किसी व्यक्ति के शरीर में कोई बड़ी बीमारियां घर कर लेती हैं तो शरीर का यूरिन पहले से हीं उस बीमारी के बारे में इशारा कर देती हैं। इसलिए हर इंसान को अपने यूरिन के उस संकेत के बारे में पता होनी चाहिए ताकि उस बीमारी का इलाज किया जा सके और उसे भविष्य में किसी बड़ी परेशानी का सामना करना ना पड़े। आज इसी संदर्भ साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे यूरिन के उन संकेत के बारे में जो संकेत किसी बड़ी बीमारी की ओर इशारा करते हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की यूरिन के ये 3 संकेत, बड़ी बीमारी की ओर करते हैं इशारा।
1 .साइंस के अनुसार अगर किसी पुरुषों का यूरिन गाढ़ा और लाल होता हैं तो ये किसी बड़ी बीमारी की ओर इशारा करते हैं। पुरुषों को इसे बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ नहीं करनी चाहिए। क्यों की पुरुषों के शरीर में ऐसा तभी होता हैं जब उनके डोर्सल भेन में संक्रमण की समस्या जन्म ले लेती हैं। अगर किसी पुरुष का यूरिन यह संकेत देता हैं तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास जानी चाहिए। क्यों की डोर्सल भेन में होने वाला यह संक्रमण धीरे धीरे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों का रूप ले लेता हैं। जो पुरुषों के जीवन के लिए खतरनाक होता हैं।
2 .अगर किसी महिला के यूरिन में सफ़ेद रंग का स्राव होता हैं तो ये संकेत महिलाओं के शरीर में होने वाले किसी बड़ी बीमारी की ओर इशारा करते हैं। महिलाओं के यूरिन में सफ़ेद रंग का स्राव तभी होता हैं जब उनके गर्भाशय में संक्रमण की समस्या जन्म ले लेती। इस समस्या के कारण महिलाएं लिकोरिया नमक बीमारी से ग्रसित जो जाती हैं। इस बीमारी में महिलाओं के गर्भाशय धीरे धीरे ख़राब हो जाते हैं। जिससे महिलाओं को गर्भवती होने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। अगर किसी महिला को ऐसी समस्या होती हैं तो उसे भूल कर भी नज़रअंदाज़ ना करें तो शीघ्र हीं डॉक्टर से संपर्क करें।
3 .साइंस के अनुसार अगर किसी महिला के यूरिन में रक्त का स्राव होता हैं तथा यूरिन करते समय दर्द और जलन की समस्या होती हैं तो ये संकेत महिलाओं के लिए बहुत खतरनाक होता हैं। क्यों की महिलाओं के शरीर में ऐसी समस्या तभी उत्पन होती हैं जब महिलाएं यूट्रस कैंसर का शिकार हो जाती हैं। अगर किसी महिला का यूरिन ये संकेत देता हैं तो महिलाएं इसे बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ ना करें तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएँ। आज के वर्तमान समय में बहुत सारी महिलाएं इस समस्या से ग्रसित हैं।
इस उम्र में पिता बनना पुरुषों के लिए होता है अच्छा
हेल्थ डेस्क, साइंस की बात करें तो पुरुषों में पिता बनने की छमता उम्र भर होती हैं। लेकिन एक समय ऐसा होता हैं जिस समय पिता बनने के लिए पुरुषों के शरीर में मौजूद शक्राणुओं की गुणवत्ता सबसे अच्छी हैं इसलिए यह उम्र पिता बनने के लिए सबसे अच्छा माना जाता हैं। आज इसी संदर्भ में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में हुए एक रिसर्च के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की कौन से उम्र में पिता बनना पुरुषों के लिए सबसे अच्छा होता हैं। साथ हीं साथ ये भी जानने की कोशिश करेंगे की इस उम्र में पिता बनने से पुरुषों को क्या लाभ होते हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की इस उम्र में पिता बनना पुरुषों के लिए होता है अच्छा।
रिसर्च, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में हुए एक रिसर्च के अनुसार 25 से 30 साल की उम्र में पिता बनना पुरुषों के लिए सबसे अच्छा होता हैं। क्यों की इस उम्र में पुरुषों के शरीर में पाए जाने वाले शुक्राणु अच्छी गुणवत्ता के होते हैं जो महिलाओं के अंडे के साथ मिल कर एक स्वस्थ और सेहतमंद भूर्ण का निर्माण करते हैं। इतना हीं नहीं इस रिसर्च को करने वाले डॉक्टरों का ये भी कहना हैं की 25 से 30 साल की उम्र में पुरुषों के शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स का निर्माण सबसे ज्यादा होता हैं। जिसके कारण इस उम्र के पुरुष शारीरिक और मानसिक तौर पर मजबूत होते हैं। जिससे कारण यह उम्र पिता बनने के लिए सबसे अच्छा उम्र होता हैं।
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर डॉक्टर डेनियल का कहना हैं की हमारी टीम में इस रिसर्च को करने के लिए 20 से 60 साल तक के उम्र के 640 पुरुषों को शामिल किया था और उन सभी पुरुषों पर बारी बारी से कई तरह में मेडिकल टेस्ट और रिसर्च किये गए थे। जिससे ये बातें निकल कर सामने आयी की पिता बनने के लिए 25 से 30 साल का उम्र पुरुषों के लिए सबसे अच्छा होता हैं। इस उम्र में पुरुषों के शरीर का पीएच लेवल भी सामान्य होता हैं तथा शरीर में रक्त का संचार भी ठीक तरीकों से होता हैं। इतना हीं नहीं पुरुषों में पाए जाने वाले टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स की मात्रा भी इस उम्र में सबसे अधिक होती हैं। इसलिए पिता बनने के लिए 25 से 30 साल का उम्र सबसे बेस्ट होता हैं।
# शिक्षा व्यक्ति को सफल बनाता हैं
By HappyNews November 04, 2018
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हर इंसान के जीवन की एक कहानी होती हैं
By HappyNews November 04, 2018
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गर्भवती हैं या नहीं, घर बैठे इन 3 तरीकों से करे पता
हेल्थ डेस्क, साइंस की बात करें तो आज के वर्तमान समय में महिलाएं बाजार में उपयुक्त कई सारे साधनों से ये पता लगा सकती हैं की वो गर्भवती हैं या नहीं। लेकिन इन साधनों के अलाबे घरों में भी कुछ ऐसी चीजें मौजूद होती हैं जिससे महिलाएं गर्भवती हैं या नहीं इसके बारे पता लगा सकती हैं। आज इसी संदर्भ में साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन चीजों के बारे में जिन चीजों की सहायता से महिलाएं अपने गर्भवती होने की खबर का पता लगा सकती हैं और ये जान सकती हैं की वो माँ बनने वाली हैं या नहीं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की गर्भवती हैं या नहीं, घर बैठे इन 3 तरीकों से करे पता।
1 .साइंस के अनुसार घरों में मौजूद कोलगेट की सहायता से महिलाएं अपने गर्भाधान के बारे में पता लगा सकती हैं। महिलाएं कोलगेट को एक शीशे के गिलास में ले उसके बाद उस गिलास में अपनी यूरिन की थोड़ी मात्रा को डाले। अगर उस यूरिन के कलर में परिवर्तन होता हैं तो वो महिला गर्भवती होती हैं और अगर कोई परिवर्तन नहीं होता हैं तो वो महिला गर्भवती नहीं होती हैं। कोलगेट में एक एंटीक गुण होता हैं जो गर्भाधान के पहचान करने में सछम होता हैं।
2 .महिलाएं अपने गर्भवती होने की खबर को पता करने के लिए हनी का सहारा ले सकती हैं। गर्भवती महिलाओं के यूरिन में एस्ट्रोजन की मात्रा पायी जाती हैं जो हनी के कलर को परिवर्तित कर देती हैं। अगर कोई महिला हानि में अपने यूरिन को मिलती हैं और इसे मिलाने से इसके कलर में परिवर्तन आता हैं तो वो महिला गर्भवती होती हैं और अगर हनी इस यूरिन में घुल नहीं पाता हैं और इसमें कोई परिवर्तन नहीं होता हैं तो वो महिला गर्भवती नहीं होती हैं।
3,साइंस के अनुसार महिलाएं गर्भवती हैं या नहीं मुल्तानी मिट्टी की सहायता से पता लगा सकती हैं। क्यों की मुल्तानी मिट्टी में ज़िंकसाइफाईड के तत्व होते हैं जो एस्ट्रोजन की मात्रा को विखंडित करते हैं। महिलाएं सबसे पहले एक शीशे के गिलास में मुल्तानी मिट्टी को डाल दें और इसके बाद इस मिट्टी में अपने यूरिन को मिलाए। इसे मिलने के बाद अगर यूरिन के रेशा आ जाता हैं तो ये गर्भवती महिला की निशानी होती हैं और अगर इसमें कोई परिवर्तन नहीं होता हैं तो ऐसी महिलाएं गर्भवती नहीं होती हैं।
ये 3 गुण वाली महिलाओं के प्रेम संबंध होते हैं पवित्र
शास्त्रों की बात माने तो महिलाओं के जीवन में पवित्र प्रेम संबंध का होना बहुत ज़रूरी होता हैं। इससे उनके जीवन में पार्टनर के साथ रिश्ते हीं अच्छे नहीं होते हैं बल्कि इनका साथ जन्मो जन्म का एक पवित्र बंधन बन जाता हैं और इनके जीवन पर दैविक शक्तियों का भी असर होता हैं। इतना हीं नहीं इन महिलाओं के घरों में सुख और शांति हमेशा बनी रहती हैं तथा घरों में कभी किसी चीज की कोई कमी नहीं होती हैं। आज इसी संदर्भ में वस्तु शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन गुण वाली महिलाओं के बारे में जिन गुण वाली महिलाओं के प्रेम संबंध पवित्र होते हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की ये 3 गुण वाली महिलाओं के प्रेम संबंध होते हैं पवित्र।
धार्मिक, वस्तु शास्त्र के अनुसार वैसी महिलाएं जो धार्मिक प्रवृत्ति की होती हैं तथा जिन्हे भगवान में सबसे ज्यादा विश्वास होता हैं। उन महिलाओं के प्रेम संबंध पवित्र होता हैं। ये महिलाएं अपने लव पार्टनर को कभी भी धोखा नहीं देती हैं और अपने मन मंदिर में सिर्फ और सिर्फ एक हीं इंसान को रखती हैं। इनके जीवन पर सदैव दैविक शक्तियों का असर होता हैं। जिसके कारण इनका वैवाहिक जीवन खुशहाल रहता हैं तथा इनके वैवाहिक जीवन में कभी किसी चीज की कोई कमी नहीं होती हैं।
संस्कारी, शास्त्रों की बात करें तो वैसी महिलाएं जो संस्कारी गुण की होती हैं उन महिलाओं का स्वभाव बहुत हीं शांत और सुशील होता हैं। ये महिलाएं अपने जीवन में सच्चे प्रेम के लिए जानी जाती हैं तथा अपने लव पार्टनर से सच्चा और पवित्र प्रेम संबंध रखती हैं। संस्कारी महिलाओं की सबसे खास बात यह होती हैं की ये महिलाएं अपने जीवन में कभी किसी को धोखा नहीं देती हैं। जिससे इनके घरों में हमेशा शांति और प्यार का माहौल कायम रहता हैं।
आज्ञाकारी, वस्तु शास्त्र के अनुसार वैसी महिलाएं जो आज्ञाकारी गुण की होती हैं वो चंद्र कुल की होती हैं। ये महिलाये स्वभाव के नेचर से ईमानदार और सभ होती हैं। इनका प्रेम संबंध भी सच्चा और पवित्र होता हैं। इन महिलाओं की सबसे खास बात यह होती हैं की ये महिलाएं किसी भी स्थिति में अपने परिवार का साथ नहीं छोड़ती हैं। इनके लिए इनका प्यार और परिवार दोनों एक सम्मान होता हैं। इतना हीं नहीं इनके जीवन पर सदैव सकारात्मक शक्तियों का असर होता हैं जो इनके विचारों को उच्च बनाता हैं।
चाँद देखना इन 3 राशि के प्रेमियों के लिए होता है शुभ
राशिफल, शास्त्रों की बात करें तो वैसी राशि जिस राशि के प्रेमियों की कुंडली के पंचम भाग में चन्द्रमा निवास करता हैं। उस राशि के प्रेमियों को चाँद देखना सबसे शुभ माना जाता हैं तथा चाँद देखने से इनके लव लाइव में अच्छे दिन की शुरूआत हो जाती हैं तथा पार्टनर के साथ इनके प्रेम संबंध भी मजबूत हो जाते हैं। आज इसी संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उस राशियों के प्रेमियों के बारे में जिस राशि के प्रेमियों के लिए चाँद देखना शुभ होता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की चाँद देखना इन 3 राशि के प्रेमियों के लिए होता है शुभ।
कर्क राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कर्क राशि चंद्र कुल की राशि होती हैं तथा इस राशि के प्रेमियों की कुंडली में चन्द्रमा पंचम भाग में होता हैं। जिसके कारण इन्हे चाँद देखना शुभ माना जाता हैं। इतना हीं नहीं इस राशि के प्रेमी यदि रात्रि में चाँद दर्शन करते हैं तो इनके लव लाइफ में ख़ुशियों की कोई कमी नहीं होती हैं और पार्टनर के साथ प्रेम संबंध भी मजबूत होते हैं। साथ हीं साथ चाँद देखने से इस राशि के प्रेमियों के जीवन में प्रेम विवाह के भी संयोग बनते हैं। इसलिए कर्क राशि के प्रेमियों को चाँद ज़रूर देखानी चाहिए।
कुंभ राशि, राशिफल में शामिल कुंभ राशि दूसरी ऐसी राशि हैं जिस राशि के प्रेमियों के लिए चाँद देखना शुभ माना जाता हैं। इतना हीं नहीं इस राशि के प्रेमी अगर रात्रि में चाँद देखते हैं तो इनके लव लाइव में नकारात्मक शक्तियों का असर नहीं होता हैं। जिसके कारण इन्हे प्यार में सफलता हासिल होती हैं और ये लोग प्रेम विवाह करने में भी सफल होते हैं। इसलिए कुंभ राशि के जातक को हर रात चाँद देखानी चाहिए। इससे इनके लव लाइफ में कभी कोई परेशानी नहीं आएगी।
मकर राशि, इस राशि के प्रेमियों की कुंडली में चन्द्रमा पंचम भाग में होता हैं जो मंगल के साथ मिल कर चंद्र मंगल योग का निर्माण करता हैं। जिसके कारण मकर राशि के प्रेमियों को चाँद देखना शुभ माना जाता हैं तथा चाँद देखने से इनके लव लाइव में हमेशा शांति बनी रहती हैं तथा लव पार्टनर के साथ इनके रिश्ते भी मजबूत रहते हैं। इतना हीं नहीं ये लोग अगर रात्रि में चाँद को देखते हैं तो चंद्र देव की कृपा से इनकी शादी भी संपन हो जाती हैं और इनका वैवाहिक जीवन भी अच्छा रहता हैं।
जानें, एक अच्छे लव पार्टनर में होते हैं ये 4 गुण
नई दिल्ली, आज के वर्तमान समय में सभी लोग एक अच्छे लव पार्टनर की तलाश में होते हैं ताकि उनके जीवन में कभी कोई परेशानी ना आएं और पार्टनर के साथ रिलेशनशिप भी अच्छा रहे। आज इसी संदर्भ में जानने की कोशिश करेंगे उन गुणों के बारे में जो गुण एक अच्छे लव पार्टनर में होता हैं। ये गुण वाले लव पार्टनर जीवन को प्रकाश से भर देते हैं तथा जिंदगी में कभी अंधेरा नहीं आने देते हैं। साथ हीं साथ इस गुण लव पार्टनर प्यार और रोमांस में भी आगे रहते हैं। जिससे जीवन में हमेशा ख़ुशियाँ बना रहता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की एक अच्छे लव पार्टनर में होते हैं ये 4 गुण।
1 .मनोविज्ञान की बात करें तो वैसे लव पार्टनर को अपने साथी की बातों को ध्यान से सुनते हैं तथा उनके बातों के साथ आसानी से कनेक्ट हो जाते हैं। वो लव पार्टनर अच्छे गुण वाले होते हैं तथा इनके साथ रहने से जीवन में कभी कोई परेशानी नहीं आती हैं और वैवाहिक जीवन भी बेहद खुशनुमा रहता हैं। ऐसे लोग सच्चे गुण वाले लोग होते हैं तथा इनका विचार भी उच्च होता हैं। ये लोग अपने जीवन में एक अच्छा दोस्त, एक अच्छा प्रेमी के साथ साथ एक अच्छा लाइफ पार्टनर भी होते हैं।
2 .वैसे लव पार्टनर जिनके लिए प्यार से ज्यादा अपने पार्टनर की ख़ुशी माईने रखता हैं वो लव पार्टनर अच्छे गुण वाले होते हैं तथा इनकी सोच बहुत गहरी होती हैं। ये लोग अपने पार्टनर को खुश करने के लिए किसी भी हद तक चले जाते हैं और उनकी ख़ुशी को हीं अपनी जिंदगी समझते हैं। ऐसे लोगों के साथ रिलेशनशिप में रहना भाग की बात होता हैं। इतना हीं नहीं ये लोग विवाह के बाद अपने पार्टनर के जीवन को बदल देते हैं जीवन में प्रकाश लाते हैं।
3 .मनोविज्ञान के अनुसार वैसे लव पार्टनर जो अपने पार्टनर के कैरियर और भविष्य को लेकर चिंतित रहते हैं। साथ हीं साथ उसे अच्छा कैरियर बनाने के लिए फाॅर्स करते रहते हैं। वैसे लव पार्टनर अच्छे गुण वाले होते हैं। इनमें जिंदगी को समझने की छमता हैं। ये लोग ना सिर्फ एक अच्छे दोस्त होते हैं बल्कि अपने जीवन में एक अच्छा जीवन साथी भी बनते हैं। इतना हीं नहीं ऐसे लव पार्टनर के साथ जिंदगी के लिए एक आशीर्वाद के सम्मान होता हैं।
4 .एक अच्छे लव पार्टनर की सबसे बड़ी गुण उनके सोच में शामिल सही गलत की पहचान से होती हैं। अगर आपके लव पार्टनर के अंदर सही गलत चीजों की पहचान हैं तो वो एक अच्छा लव पार्टनर हैं। क्यों की जिनके अंदर सही गलत की पहचान होती हैं वो लोग सही चीज को सही और गलत चीज को गलत मानते हैं। वो लोग बिना किसी बात को ले कर बहस नहीं करते हैं। जिससे उनके जीवन में शांति का माहौल कायम रहता हैं तथा वैवाहिक जीवन भी खुशहाल रहती हैं।
पीरियड्स के समय खून आना होता है खतरनाक
हेल्थ डेस्क, साइंस की बात करें तो जब कोई महिला अपने बाल अवस्था से युवा अवस्था में आती हैं तब उसके शरीर में पीरियड्स की समस्या उत्पन होती हैं। लेकिन महिलाओं को इस पीरियड्स की समस्या से बारे में सही जानकारी प्राप्त होनी चाहिए ताकि भविष्य में उसे किसी बड़ी परेशानी का सामना करना ना पड़े।आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की पीरियड्स के समय खून आना महिलाओं के लिए अच्छा नहीं होता हैं। इसलिए महिलाएं इसे बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ ना करें। तो आइये जानते हैं विस्तार से की पीरियड्स के समय खून आना होता है खतरनाक।
पीरियड्स, बोस्टन यूनिवर्सिटी की मेडिकल साइंस के शोधकर्ताओं ने एक शोध के अनुसार बताया की पीरियड्स के समय खून आना महिलाओं के लिए खतरनाक होता हैं। महिलाएं इसे भूल कर भी नज़रअंदाज़ ना करें। क्यों की पीरियड्स के समय खून तभी आते हैं जब महिलाओं के ओवरीज में संक्रमण की समस्या जन्म ले लेती हैं और पीरियड्स के समय उससे रक्त स्राव होते हैं। यह संक्रमण कभी कभी महिलाओं के पुरे ओवरीज को संक्रमित कर देता हैं। जिसके कारण महिलाएं को कई तरह के बीमारियों का सामना करना पड़ता हैं और उन्हें गर्भाधान करने में भी दिक्कत होती हैं।
शोधकर्ताओं का कहना हैं की पीरियड्स महिलाओं के शरीर में बनने वाले वो अंडे होते हैं जो भूर्ण का निर्माण ना करने पर हर महीने शरीर से बहार आ जाते हैं। इनमें खून की मात्रा अधिक होना महिलाओं के लिए खतरनाक होता हैं। अगर किसी महिला को पीरियड्स के समय ऐसी समस्या होती हैं तो उसे शीघ्र की डॉक्टर से संपर्क करनी चाहिए। ताकि उसे किसी बड़ी परेशानी का सामना करना ना पड़े और उनका स्वास्थ भी अच्छा और सेहतमंद रहे।
बड़ी सफलता कठिन मेहनत से हासिल होती हैं
By HappyNews November 03, 2018
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प्रेम राशिफल: इन 3 राशियों के प्रेम संबंध होंगे मजबूत
शास्त्रों की बात करें तो नवग्रहों के दिशा चक्र में बदलाव होने से कुछ राशियों के जीवन में प्रेम चक्र योग का निर्माण हो रहा हैं। जिसके कारण उस राशि के लोगों के प्रेम संबंध मजबूत हो सकते हैं तथा पार्टनर के साथ रिश्तों में भी गहराई आ सकती हैं। आज इसी संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की वो कौन सी राशि हैं जिस राशि के लोगों के प्रेम संबंध मजबूत हो सकते हैं तथा पार्टनर के साथ अनबन की समस्या समाप्त हो सकती हैं। इतना हीं नहीं इस राशियों के लव लाइफ में अच्छे दिन आ सकते हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की इन 3 राशियों के प्रेम संबंध होंगे मजबूत।
मीन राशि, राशिफल में शामिल सभी राशियों के मिल राशि के लोगों के जीवन में प्रेम चक्र योग का निर्माण हो रहा हैं। जिसके कारण इस राशि के लोगों का प्रेम संबंध मजबूत हो सकता हैं तथा पार्टनर के साथ रिश्तों में भी नयापन देखने को मिल सकता हैं। इतना हीं नहीं इस संयोग के कारण मीन राशि के लोग अपने लव पार्टनर के साथ कुछ रोमांटिक पल बिता सकते हैं और कही घूमने की प्लानिंग कर सकते हैं। यह समय इनके लव लाइफ के सबसे उत्तम समय हैं। अगर आप मीन राशि के जातक हैं तो आप अपने आराध देव श्री कृष्ण की आराधना ज़रूर करें।
कुंभ राशि, ग्रहों की चाल कुंभ राशि के लोगों के जीवन में प्रेम चक्र योग का निर्माण कर रहा हैं। जिसके कारण इस राशि के लोगों को प्यार में सफलता हासिल हो सकता हैं तथा पार्टनर के साथ इनके प्रेम संबंध भी मजबूत हो सकते हैं। इतना हीं नहीं इस राशि के लोगों के लव लाइफ में भी अच्छे दिन आ सकते हैं और ये लोग आने वाले समय में शादी के बंधन में भी बंध सकते हैं। अगर आपकी राशि कुंभ हैं तो आप अपने आराध शनि देव की आराधना करें। इससे आपकी हर मनोकामना पूर्ण होगी और आपके प्रेम संबंध भी मजबूत रहेंगे।
मकर राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर राशि के लोगों के प्रेम संबंध मजबूत हो सकते हैं तथा इनके जीवन में प्रेम की नई शुरूआत भी हो सकती हैं। इतना हीं नहीं मकर राशि के लोगों की कुंडली में प्रेम चक्र योग का निर्माण हो रहा हैं जिसके कारण ये लोग अपने लव पार्टनर के साथ प्रेम विवाह करने में भी कामयाब हो सकते हैं और एक सफल और कामयाब वैवाहिक जीवन एन्जॉय कर सकते हैं। मकर राशि के लोगों को अपने लव लाइफ में अच्छे दिन बनाये रखने के लिए चंद्र दर्शन ज़रूर करनी चाहियें। इससे पार्टनर के साथ प्रेम संबंध हमेशा मजबूत रहते हैं और अनबन की समस्या भी उत्पन नहीं होती हैं।
नवंबर माह: मंगल के प्रभाव से चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत
राशिफल, शास्त्रों की बात करें तो ग्रहों के चाल में परिवर्तन होने से कुछ राशि के लोगों पर मंगल का प्रभाव बढ़ गया हैं। इस प्रभाव के कारण उस राशि के लोगों की किस्मत चमकने वाली हैं तथा उसके जीवन में अच्छे दिन की शुरूआत हो सकती हैं। आज इसी संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन राशियों के बारे में जिन राशियों की किस्मत मंगल के प्रभाव से नवंबर माह में चमकने वाली हैं। जिससे उस राशि के लोगों को अपने जीवन के हर कार्यों में सफलता और कामयाबी हासिल हो सकती हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की मंगल के प्रभाव से चमकेगी इन 3 राशियों की किस्मत।
मेष राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नवंबर माह में मंगल के प्रभाव के कारण मेष राशि वाले लोगों की किस्मत चमक सकती हैं तथा इन्हे अपने जीवन के हर कार्यों में सफलता हासिल हो सकता हैं। इतना हीं नहीं इस महीने में मंगल का प्रभाव इनके जीवन में वैवाहिक योग का निर्माण कर रहा हैं। जिसके कारण इनकी शादी भी पक्की हो सकती हैं और ये लोग बहुत जल्द शादी के बंधन में बंध सकते हैं। मेष राशि के लोगों को मंगलवार के दिन हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए। उनकी कृपा से इनके जीवन में अच्छे दिन बने रहेंगे।
कर्क राशि, बहुत दिनों के बाद इस नवंबर माह में कर्क राशि के लोगों पर मंगल का प्रभाव हो रहा हैं। इसके प्रभाव से कर्क राशि वाले लोगों की किस्मत चमक सकती हैं तथा इन्हे जीवन में अचानक से आर्थिक धन लाभ भी हो सकता हैं। इतना हीं नहीं इस प्रभाव के कारण कर्क राशि के लोगों को किसी का सच्चा प्रेम भी प्राप्त हो सकता हैं और ये लोग अपने लव पार्टनर के साथ शादी के बंधन में बंध सकते हैं। अगर आपकी राशि कर्क हैं तो नवंबर माह में आप गणेश जी की पूजा ज़रूर करें। इससे आपकी हर मनोकामना पूर्ण होगी।
मकर राशि, नवंबर माह में नवग्रहों की चाल परिवर्तन होने से मकर राशि के लोगों पर मंगल का प्रभाव हो सकता हैं। इसके प्रभाव से मकर राशि के लोगों की किस्मत खुल सकती हैं और इन्हे कैरियर के छेत्र में मनचाहा सफलता हासिल हो सकता हैं। इतना हीं नहीं इस प्रभाव से इनके लव लाइफ में भी अच्छे दिन आ सकते हैं और लव पार्टनर के साथ प्रेम संबंध भी गहरा हो सकता हैं। साथ हीं साथ ये लोग शादी के बंधन में भी बंध सकते हैं। अगर आपकी राशि मकर हैं तो आप मंगलवार के दिन हनुमान जी का आशीर्वाद ज़रूर लें। ये आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा।
जानें, शारीरिक संबंध बनाने से क्यों डरती है महिलाएं
हेल्थ डेस्क, साइंस की बात करें तो आज के वर्तमान समय में बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं जिन्हे शारीरिक संबंध बनाने से डर लगता हैं तथा महिलाएं इसे लेकर चिंतित भी रहती हैं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की आखिर क्या कारण हैं की कुछ महिलाओं के अंदर शारीरिक संबंध को ले कर डर बना रहता हैं। जिसके कारण महिलाएं अपने लव लाइफ को भी ठीक से एन्जॉय नहीं कर पाती हैं और पार्टनर के साथ उनका रिलेशन धीरे धीरे ख़राब हो जाता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की शारीरिक संबंध बनाने से क्यों डरती है महिलाएं।
कोइटोफोबिआ, हॉलैंड यूनिवर्सिटी के मेडिकल साइंस के शोधकर्ताओं ने एक रिसर्च के बाद बताया की वैसी महिलाएं जो कोइटोफोबिआ नामक बीमारी से ग्रसित होती हैं। उन महिलाओं को शारीरिक संबंध बनाने से डर लगता हैं और वो महिलाएं अपने पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध नहीं बना पाती हैं। कोइटोफोबिआ एक मानसिक बीमारी हैं तो महिलाओं के दिमाग में स्ट्रेस के कारण जन्म लेती हैं। इस बीमारी से ग्रसित होने के बाद महिलाएं मानसिक तौर पर अस्वस्थ हो जाती हैं और उनके दिमाग में संबंध को ले कर गलत विचार आने लगते हैं। इतना हीं नहीं इस बीमारी से ग्रसित महिलाओं के शरीर में थकान की समस्या बनी रहती हैं और उनके अंदर चिड़चिड़ापन भी आ जाता हैं।
इस कोइटोफोबिआ नामक बीमारी से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। इसे कभी भी नज़रअंदाज़ नहीं करनी चाहिए। क्यों की इस बीमारी के कारण महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन्स के उत्सर्जन में कमी आ जाती हैं जिससे महिलाओं को भविष्य में गर्भाधान करने में काफी समस्या का सामना करना पड़ता हैं। साथ हीं साथ महिलाओं को ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए जिससे दिमाग में उत्पन होने वाला स्ट्रेस ख़त्म हो जाये और उनका शरीर स्वस्थ और सेहतमंद रह सके।
लिपस्टिक लगाना महिलाओं के लिए होता है खतरनाक
हेल्थ डेस्क, साइंस की बात करें तो आज के वर्तमान समय में इस दुनिया की लगभग सभी महिलाएं लिपस्टिक लगाती हैं जो महिलाओं के लिए अच्छी बात नहीं हैं। कुछ दिन पहले अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ स्कूल के शोधकर्ताओं ने एक शोध किया और बताया की लिपस्टिक लगाना महिलाओं के सेहत के लिए अच्छा नहीं होता हैं। इससे महिलाओं के शरीर में कई तरह की बीमारियां जन्म ले लेती हैं। आज इसी शोध के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की लिपस्टिक लगाना महिलाओं के लिए क्यों होता हैं खतरनाक। तो आइये जानते हैं विस्तार से।
शोध, अमेरिका की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के पब्लिक हेल्थ स्कूल के शोधकर्ताओं एक शोध के बात बताया की लिपस्टिक लगाना महिलाओं के लिए खतरनाक होता हैं। क्यों की लिपस्टिक सीसा, एल्युमिनियम, और क्रोमियम नामक तत्व से बना होता हैं जो महिलाओं के शरीर में जानलेवा बीमारियों को जन्म देता हैं। इतना हीं नहीं शोधकर्ताओं ने ये भी बताया की इस लिपस्टिक में लेड की मात्रा सबसे अधिक होती हैं। जिसका असर सबसे ज्यादा महिलाओं के किडनी पर होता हैं। साथ हीं साथ इससे महिलाओं में रोग प्रितिरोधक छमता में भी कमी आती हैं और महिलाएं धीरे धीरे मानसिक रूप से बीमार पड़ जाती हैं और उनका स्वास्थ भी अच्छा नहीं रहता हैं।
इस शोध के बारे में कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर एडम मार्टिन का कहना हैं की हमारी टीम ने इस शोध को करने के लिए दुनिया के टॉप ब्रांड के लिपस्टिक को चुना था और उसपर कई तरह के रिसर्च किये थे। प्रोफ़ेसर का ये भी कहना था की वैसी महिलाएं जो बार बार लिपस्टिक लगाती हैं। उन महिलाओं के शरीर में प्रतिदिन 87 मिली ग्राम लिपस्टिक शरीर के अंदर चली जाती हैं। इस लिपस्टिक में पाए जाने वाला क्रोमियम महिलाओं के पेट में गैस और ट्यूमर नामक बीमारियों को जन्म देता हैं। तो वही एल्युमिनियम के कारण महिलाओं के पेट में अल्सर जैसी बीमारियां उत्पन होती हैं। इसलिए महिलाओं को लिपस्टिक नहीं लगानी चाहियें। ये महिलाओं के लिए खतरनाक होता हैं।
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माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में होते हैं 3 बड़े बदलाव
नई दिल्ली, इस दुनिया में सभी महिलाओं के जीवन में एक समय ऐसा आता हैं जब महिलाएं माँ बनती हैं। लेकिन पहली बार माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं जिन बदलाव के बारे में महिलाओं को जानना ज़रूरी होता हैं ताकि उसे किसी परेशानी का सामना करना ना पड़े। आज इसी संदर्भ में साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन बदलाव के बारे में जो माँ बनने के बाद हर महिलाओं के शरीर में होता हैं। साथ हीं साथ ये भी जानने की कोशिश करेंगे की इस बदलाव से महिलाओं के शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में होते हैं 3 बड़े बदलाव।
ओवरीज में फैलाव, माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में सबसे बड़ा बदलाव महिलाओं के ओवरीज में होते हैं। इस बदलाव के कारण ओवरीज की मांसपेशियों में रक्त का संचार रूक जाता हैं और इसमें फैलाव आ जाते हैं। इतना हीं नहीं ओवरीज में फैलाव होने से महिलाओं के जनन अंग लचीले और कमजोर हो जाते हैं। लेकिन महिलाओं को इससे परेशान होने की कोई ज़रूरत नहीं हैं। क्यों की ओवरीज में कुछ समय के बाद जब रक्त का संचार शुरू हो जाता हैं तो यह समस्या महिलाओं के शरीर से धीरे धीरे समाप्त हो जाती हैं और ओवरीज का यह फैलाव ख़त्म हो जाता हैं।
हार्मोनिक बदलाव, साइंस के अनुसार माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के हार्मोनिक बदलाव होते हैं। कुछ हार्मोनिक बदलाव महिलाओं के लिए अच्छा होता हैं तो कुछ हार्मोनिक बदलाव के कारण महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। माँ बनने के बाद महिलाओं के शरीर का वजन बढ़ जाता हैं और उनके शरीर में फैलाव होने लगते हैं। जिसके कारण महिलाएं पहले से अधिक मोटी दिखने लगती हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए महिलाओं को व्यायाम करनी चाहिए तथा उसे ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए जिसमे कैल्शियन, आयरन और फाइबर की मात्रा सबसे अधिक होती हैं।
भावनात्मक बदलाव, साइंस के एक अध्ययन के अनुसार माँ बनने के बाद महिलाओं के हाइपोथैलेमस में Neuropeptide हार्मोन्स का एक सोशल बॉन्डिंग बनता हैं। जिसके कारण महिलाएं के शरीर में कई तरह के भावनात्मक बदलाव आते हैं। महिलाएं पहले से ज्यादा भावुक हो जाती हैं तथा उनका दिमाग भी शांत रहता हैं। महिलाओं के शरीर में होने वाला यह बदलाव महिलाओं के लिए अच्छा माना जाता हैं। क्यों की इस बदलाव के कारण महिलाओं के शरीर में ऊर्जा का संचार होता हैं और महिलाएं खुद को हैप्पी और सेहतमंद महसूस करती हैं। साथ हीं साथ महिलाओं के शरीर में रोग प्रतिरोधक छमता में भी वृद्धि होती हैं।
नवंबर माह में इन 3 राशियों पर होगा चन्द्रमा का असर
नई दिल्ली, शास्त्रों की बात करें तो नवंबर माह में नवग्रहों के चाल परिवर्तन होने से कुछ राशि वाले लोगों पर चन्द्रमा का असर हो सकता हैं। इस असर की वजह से उस राशि के लोगों के नसीब खुल सकते हैं तथा उन्हें किसी का सच्चा प्रेम प्राप्त हो सकता हैं। आज इसी संदर्भ में ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन राशियों के बारे में जिस राशियों पर इस नवंबर माह में चन्द्रमा का असर होने वाला हैं तथा इस असर से उसके जीवन में अच्छे दिन की शुरूआत होने वाली हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की नवंबर माह में इन 3 राशियों पर होगा चन्द्रमा का असर।
कर्क राशि, नवग्रहों के चाल में परिवर्तन होने से इस नवंबर माह में कर्क राशि के लोगों पर चन्द्रमा का असर हो सकता हैं और इस असर से इनके जीवन में अच्छे दिन की शुरूआत हो सकती। इतना हीं नहीं चन्द्रमा के इस असर के कारण कर्क राशि वाले लोगों को किसी का सच्चा प्रेम भी प्राप्त हो सकता हैं जिसके साथ ये लोग शादी के पवित्र बंधन में बंध सकते हैं। कर्क राशि के लोगों को नवंबर महीने में सफेद रंग का कपड़ा पहनना चाहिए। इससे इनके जीवन पर सकारात्मक शक्तियों का असर होता हैं और ये लोग अपने हर कार्यों में सफल होंगे।
तुला राशि, ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तुला राशि के लोगों पर नवंबर माह में चन्द्रमा का असर हो सकता हैं और इस असर के कारण तुला राशि के लोगों की शादी पक्की हो सकती हैं और इन्हे बहुत जल्द वैवाहिक सुख की भी प्राप्ति हो सकती हैं। इतना हीं नहीं इस राशि के वैसे लोग जो किसी से प्रेम विवाह करना चाहते हैं उन्हें भी चन्द्रमा के इस असर से लाभ हो सकता हैं। तुला राशि के लोगों को नवंबर महीने में चंद्र दर्शन ज़रूर करनी चाहिए। इससे इनके जीवन पर सकारात्मक शक्तियों का प्रभाव होगा।
मकर राशि, शास्त्रों की बात करें तो नवग्रहों के चाल परिवर्तन होने से मकर राशि के लोगों की कुंडली में चन्द्रमा का असर बढ़ गया हैं। जिसके कारण इन्हे प्यार में सफलता हासिल हो सकती हैं और पार्टनर के साथ प्रेम संबंध भी गहरे हो सकते हैं। इतना हीं नहीं चन्द्रमा के इस असर से इनके जीवन में वैवाहिक संयोग की स्थिति भी बनी हुयी हैं। जिससे इनकी शादी पक्की हो सकती हैं। मकर राशि के लोगों को रात्रि में चंद्र देव की आराधना करनी चाहिए। उनकी कृपा से इनके जीवन में अच्छे दिन की शुरूआत हो जाएगी।
जानें, महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में क्यों होती हैं सूजन की समस्या
नई दिल्ली, साइंस की बात करें तो आज के वर्तमान समय में बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं जो अपने प्राइवेट पार्ट में सूजन की समस्या को लेकर परेशान रहती हैं। क्यों की इस समस्या की वजह से महिलाओं को कई तरह के शारीरिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता हैं। आज इसी संदर्भ में साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की आखिर क्या कारण हैं की महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में सूजन की समस्या होती हैं। साथ हीं ये भी जानने की कोशिश करेंगे की इस सूजन की वजह से महिलाओं के शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में क्यों होती हैं सूजन की समस्या।
लिकोरिया, साइंस के अनुसार वैसी महिलाएं जो लिकोरिया नामक बीमारी से ग्रसित होती हैं उन महिलाओं के प्राइवेट पार्ट में सूजन की समस्या होती हैं। इस समस्या के कारण महिलाओं के प्राइवेट पार्ट सूज जाते हैं तथा महिलाओं को यूरिन करते समय असहनीय दर्द का सामना करना पड़ता हैं। यह समस्या महिलाओं के गर्भाशय में संक्रमण होने से फैलता हैं। इतना हीं नहीं इस संक्रमण की वजह से महिलाओं के प्राइवेट पार्ट से वाइट द्रव का भी स्राव होता हैं जो महिलाओं के लिए अच्छा नहीं माना जाता हैं। क्यों की इस समस्या की वजह से महिलाओं के शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स का निर्माण रूक जाता हैं और महिलाओं को गर्भाधान करने में भी परेशानी होती हैं।
अगर किसी महिला के प्राइवेट पार्ट में सूजन की समस्या होती हैं तो महिलाओं को इसे बिल्कुल भी नज़रअंदाज़ ना करें और शीघ्र हीं डॉक्टर से संपर्क करें। क्यों की इस समस्या की वजह से महिलाओं की शारीरिक और मानसिक स्थिति पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ता हैं और महिलाएं अस्वस्थ हो जाती हैं। इतना हीं नहीं लिकोरिया की बीमारी कभी कभी पुरे गर्भाशय को संक्रमित कर देती हैं जिसके कारण महिलाओं के गर्भाशय को शरीर से बाहर निकालना पड़ता हैं।
अपने लक्ष्य के प्रति पागल रहो
By HappyNews November 01, 2018
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सफलता एक रास्ता हैं
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इस उम्र में माँ बनना महिलाओं के लिए होता है अच्छा
साइंस की बात करें तो महिलाओं को माँ बनने की सही उम्र को लेकर इस दुनिया में कई तरह के रिसर्च किये गए हैं ताकि महिलाओं को इसके बारे में सही जानकारी प्राप्त हो सके और उन्हें भविष्य में माँ बनने में कोई परेशानी ना आयें। इन्ही बातों को जानने के लिए कुछ दिन पहले एमोरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने महिलाओं पर एक रिसर्च किया और ये जानने की कोशिश की की माँ बनने के लिए कौन सा उम्र महिलाओं के लिए सबसे अच्छा होता हैं। आज इसी संदर्भ में इस रिसर्च के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की इस उम्र में माँ बनना महिलाओं के लिए होता हैं अच्छा। तो आइये जानते हैं विस्तार से।
रिसर्च, डेली मेल में प्रकाशित खबर के अनुसार एमोरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 20 से 35 साल की उम्र के 490 महिलाओं पर रिसर्च करने के बाद बताया की 28 से 30 साल का उम्र माँ बनने के लिए सबसे अच्छा उम्र होता हैं। क्यों की इस उम्र में महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन की संख्या सबसे अधिक होती हैं। जिसके कारण महिलाओं के गर्भाशय में बनने वाले अंडे उच्च किस्म के होते हैं जो एक स्वस्थ और सेहतमंद भूर्ण का निर्माण करते हैं। इतना हीं नहीं शोधकर्ताओं ने ये भी बताया की इस उम्र में महिलाओं के शरीर में प्रोजेस्टेरोन हार्मोन्स का निर्माण भी सबसे अधिक होता हैं जो महिलाओं के लिए अच्छा माना जाता हैं।
इस रिसर्च में शामिल एमोरी यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर एडम मार्कन का कहना हैं की 28 से 30 साल की उम्र में महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन्स का उत्सर्जन सबसे चर्म अवस्था में होता हैं। जिसके कारण महिलाएं शारीरिक और मानसिक रूप से भी मजबूत होती हैं और उनका गर्भाशय भूर्ण निर्माण करने के लिए पूरी तरह से तैयार होता हैं। प्रोफ़ेसर का ये भी कहना था की इस उम्र में महिलाओं के ओवरीज में फैलाव अधिक होते हैं। जिससे महिलाओं को नार्मल तरीकों से बच्चे जन्म देने में भी कोई समस्या नहीं होती हैं और जन्म लेने वाला बच्चा भी स्वस्थ और सेहतमंद रहता हैं तथा बच्चे की मानसिक स्थिति भी मजबूत होती हैं।
इस रिसर्च को करने के लिए एमोरी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने 8 डॉक्टरों की एक टीम बनाई थी और इन डॉक्टरों ने 20 से 35 साल के 490 महिलाओं पर पर बारी बारी के कई तरह के मेडिकल रिसर्च किये और इनके शरीर में होने वाले हार्मोनिक परिवर्तन पर अध्ययन किये। इसके बाद डॉक्टरों ने बताया की 28 से 30 साल की उम्र में माँ बनना महिलाओं के लिए अच्छा होता हैं।
जानें, पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में क्यों होती हैं दर्द की समस्या
साइंस की बात करें तो आज के वर्तमान समय में बहुत से पुरुष ऐसे हैं जिनके प्राइवेट पार्ट में दर्द की समस्या बनी रहती हैं। जिसके कारण पुरुषों को संबंध बनाने में परेशानी होती हैं तथा यूरिन करते समय उन्हें जलन का भी एहसास होता हैं। आज इसी संदर्भ में साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन समस्या के बारे में जिसकी वजह से पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में दर्द की समस्या होती हैं। साथ हीं साथ ये भी जानने की कोशिश करेंगे की इस समस्या के कारण पुरुषों के शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में क्यों होती हैं दर्द की समस्या।
सुजाक, साइंस के अनुसार जब पुरुषों के डोर्सल भेन में संक्रमण हो जाता हैं तो वो पुरुष धीरे धीरे सुजाक नामक बीमारी से ग्रसित हो जाते हैं। इस बीमारी के कारण हीं पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में दर्द की समस्या होती हैं। इतना हीं नहीं इस बीमारी की वजह से पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में सूजन आ जाते हैं और उन्हें यूरिन करने में भी जलन का एहसास होता हैं। इस दर्द की वजह से पुरुष अपने पार्टनर के साथ संबंध बनाने में भी असमर्थ हो जाते हैं तथा उनके शरीर की शारीरिक और मानसिक स्थिति भी कमजोर हो जाती हैं।
सुजाक की समस्या से छुटकारा पाने के लिए पुरुषों को डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। क्यों की इस बीमारी की वजह से पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में दर्द की समस्या तो होती हीं हैं। लेकिन पुरुष दिखे दिखे नपुंसकता के शिकार भी हो जाते हैं और उनके शरीर में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन्स का निर्माण होना रूक जाता हैं। जिसकी वजह से पुरुषों को पिता बनने में परेशानी होती हैं और ये पुरुष अपने जनरेशन को बढ़ाने में असमर्थ हो जाते हैं। इसलिए पुरुषों को इस दर्द की समस्या से बचने के लिए कैल्शियम, फाइबर और आयरन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए और इसकी इलाज के लिए डॉक्टर के पास जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी बड़ी परेशानी का सामना करना ना पड़े।
इन 3 कारणों की वजह से महिलाओं के शरीर में होती है खून की कमी
साइंस की बात करें तो आज के वर्तमान समय में बहुत सी महिलाएं ऐसी हैं जो खून की कमी के समस्या से घिरी हुयी हैं। इस समस्या के कारण महिलाएं शारीरिक और मानसिक रूप से कमजोर हो जाती हैं और उनके शरीर में थकान की समस्या बनी रहती हैं। आज इसी संदर्भ में साइंस के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे उन कारणों के बारे में जिन कारणों की वजह से महिलाओं के शरीर में खून की कमी हो जाती हैं और महिलाएं खुद को अस्वस्थ और ऊर्जाहीन महसूस करती हैं। तो आइये जानते हैं विस्तार से की इन 3 कारणों की वजह से महिलाओं के शरीर में होती हैं खून की कमी।
पीरियड्स, साइंस के अनुसार प्रतिमाह महिलाओं के शरीर में पीरियड्स की समस्या होती हैं। इस समस्या के कारण महिलाओं के शरीर में खून की कमी हो जाती हैं और महिलाएं खुद को ऊर्जाहीन और अस्वस्थ महसूस करती हैं। क्यों की पीरियड्स के समय महिलाओं के शरीर से अंडे के साथ साथ रक्त का भी स्राव होता हैं जिससे महिलाओं के शरीर में खून की मात्रा कम जाती हैं। इसलिए महिलाओं को पीरियड्स के समय ऐसे खाद्य पदार्थ का सेवन करना चाहिए जिसमे आयरन और हिमोग्लोबिन की मात्रा अधिक पायी जाती हो। इससे महिलाओं के शरीर में खून की कमी नहीं होगी और उनका स्वस्थ भी अच्छा रहेगा।
थायराइड, वैसी महिलाएं जो थायराइड की समस्या से ग्रसित होती हैं उन महिलाओं के शरीर में भी खून की कमी हो जाती हैं। क्यों थायराइड की समस्या से ग्रसित होने के बाद महिलाओं के शरीर में रक्त का बनाना कम जाता हैं तथा रुधिर ग्रंथियों में भी पानी की मात्रा बढ़ जाती हैं। जिसके कारण महिलाओं के शरीर में सूजन की समस्या होने लगती हैं और उनका शरीर भी थका थका रहने लगता हैं। अगर किसी महिला को ऐसी समस्या होती हैं तो उसे तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और थायराइड की जांच करानी चाहिए।
एनीमिया, साइंस के अनुसार वैसी महिलाएं जो एनीमिया नामक बीमारी से ग्रसित होती हैं उन महिलाओं के शरीर में खून की कमी हो जाती हैं। क्यों की एनीमिया से ग्रसित होने के बाद महिलाओं के शरीर में रेड ब्लड सेल्स का निर्माण नहीं हो पाता हैं जिसके कारण महिलाओं के शरीर में धीरे धीरे खून की कमी होती रहती हैं जो महिलाओं के लिए खतरनाक होता हैं। इस बीमारी से ग्रसित होने के बाद महिलाओं की त्वचा पीली पड़ जाती हैं और उसके सीने और सिर में दर्द की समस्या बनी रहती हैं। इतना हीं नहीं इस बीमारी के कारण महिलाओं के तलवें और हथेलियाँ ठंडी पड़ जाती हैं। इसलिए अगर किसी महिला को ऐसी समस्या हो रही हैं तो उसे शीघ्र हीं डॉक्टर के पास जानी चाहिए और ब्लड टेस्ट करानी चाहिए।
































