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यूपी सरकार का बड़ा फैसला, ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण इलाकों के युवाओं और बच्चों तक पढ़ाई के बेहतर संसाधन पहुंचाने पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में गांवों में डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण विद्यार्थियों को किताबों के साथ-साथ कंप्यूटर और डिजिटल माध्यम से अध्ययन की सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं और दूसरी पढ़ाई के लिए उन्हें हर बार शहर का रुख न करना पड़े।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गांवों में बन रहे डिजिटल पुस्तकालयों से आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा है कि अब शहर की दूरी ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती। उनके मुताबिक, गांव तक अध्ययन सामग्री और डिजिटल संसाधन पहुंचने से युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए बेहतर माहौल मिल रहा है।

11,350 ग्राम पंचायतों में दूसरे चरण की तैयारी

डिजिटल पुस्तकालयों के विस्तार को लेकर सरकार अब अगले चरण की ओर बढ़ रही है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर दूसरे चरण में शामिल 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना से जुड़े कार्यों की समीक्षा करेंगे। इससे पहले पहले चरण में भी 11,350 ग्राम पंचायतों को डिजिटल पुस्तकालयों से जोड़ने का काम शुरू किया गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इनमें से 2,000 से अधिक पुस्तकालयों की स्थापना हो चुकी है।

सरकार के कदम से ग्रामीण युवाओं के लिए अवसर

डिजिटल पुस्तकालय केवल किताबें पढ़ने की जगह नहीं होंगे, बल्कि ग्रामीण युवाओं को तकनीक आधारित अध्ययन से जोड़ने का माध्यम भी बन सकते हैं। कंप्यूटर और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता से विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, परीक्षा से जुड़ी जानकारी और अन्य शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच बना सकेंगे।

सरकार की यह पहल खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनके गांव में अब तक पढ़ाई के आधुनिक संसाधन सीमित थे। गांव में ही बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलने से ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

यूपी में बदला मौसम का मिजाज, कई जिलों में बारिश के साथ ओले का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ने के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया है। खासकर पूर्वी यूपी के कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश दर्ज की गई है। मौसम के इस बदलाव को पोस्ट-मानसून बारिश के पहले दौर के तौर पर देखा जा रहा है।

राजधानी लखनऊ समेत प्रदेश के कई जिलों में आने वाले दिनों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 7 अक्टूबर तक लखनऊ में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। सप्ताह के अंत तक अलग-अलग इलाकों में बारिश और तेज हवा का असर देखने को मिल सकता है।

पूर्वी यूपी में बारिश ने दी दस्तक

पूर्वी उत्तर प्रदेश में मौसम का असर पहले दिखाई देना शुरू हुआ है। गोरखपुर में 14.2 मिमी, जबकि आजमगढ़ में 10 मिमी बारिश दर्ज की गई। आने वाले दिनों में पूर्वी यूपी के अन्य जिलों में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। धीरे-धीरे इसका प्रभाव पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक पहुंचने की संभावना है।

बारिश के साथ ओलावृष्टि का भी खतरा

इस बार मौसम का बदलाव सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं रहने वाला है। सप्ताह के अंत तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है। ऐसे में मौसम खराब होने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और आकाशीय बिजली के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

सप्ताह के अंत तक बना रहेगा मौसम का असर

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, बारिश और बादलों का यह दौर अलग-अलग क्षेत्रों में सप्ताह के अंत तक जारी रह सकता है। हालांकि बारिश की तीव्रता सभी जिलों में एक जैसी नहीं होगी। कुछ जगहों पर हल्की बारिश तो कहीं गरज-चमक के साथ तेज बौछारें देखने को मिल सकती हैं।

IMD का बड़ा अलर्ट! 17 राज्यों में तूफानी बारिश, 60 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

नई दिल्ली। देश में मानसून की वापसी के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। 6 अक्टूबर को मौसम विभाग ने दिल्ली, यूपी, बिहार समेत 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तेज हवाओं और आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

पूर्वी भारत में बारिश के साथ बिजली गिरने और वज्रपात का खतरा बताया गया है। वहीं पहाड़ी राज्यों में तेज बारिश के कारण कुछ स्थानों पर भूस्खलन की आशंका है। मौसम को देखते हुए पहाड़ी इलाकों की यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। मछुआरों के लिए भी समुद्री क्षेत्रों में जाने को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

इन 17 राज्यों में बारिश का अलर्ट

IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार,  पंजाब, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और आंध्र प्रदेश में बारिश के आसार हैं। कई क्षेत्रों में तेज हवा और आंधी का असर भी देखने को मिल सकता है।

दिल्ली-UP में भी बदलेगा मौसम

दिल्ली में आज मध्यम से भारी बारिश के साथ 30-40 KM/H की हवाएं चलने की संभावना है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश और आंधी को लेकर येलो अलर्ट है। मेरठ, गाजियाबाद, आगरा, कानपुर, लखनऊ, मथुरा, गोरखपुर और आसपास के इलाकों में मौसम खराब रह सकता है।

बिहार और मध्य प्रदेश में भी बारिश

बिहार के पटना, भोजपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज और कई अन्य जिलों में बारिश की चेतावनी है। मध्य प्रदेश में छिंदवाड़ा, जबलपुर, शहडोल, भोपाल, इंदौर समेत कई इलाकों में बारिश और तेज हवा का असर रह सकता है।

पहाड़ी राज्यों में बारिश-बर्फबारी का खतरा

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना भी है। उत्तराखंड के हरिद्वार, नैनीताल, बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ में मौसम खराब रहने का अनुमान है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती परिसंचरण बनने की स्थिति भी नजर आ रही है। इसके प्रभाव से आने वाले दिनों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम में खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

8वें वेतन आयोग में देरी से बढ़ेगा एरियर? केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकता है इतना पैसा

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों का इंतजार जारी है। आयोग फिलहाल कर्मचारी संगठनों, अधिकारियों और दूसरे हितधारकों से सुझाव जुटा रहा है। सरकार ने आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया है। रिपोर्ट आने के बाद सरकार उस पर विचार करेगी और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने पर नई वेतन व्यवस्था लागू होगी।

ऐसे में अगर वेतन संशोधन की वास्तविक शुरुआत 1 जनवरी 2026 के बाद होती है, तो कर्मचारियों के बीच एरियर को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। यहां प्रभावी तारीख और बढ़ी हुई सैलरी खाते में आने की तारीख को अलग-अलग समझना जरूरी है। यदि सरकार अंतिम रूप से वेतन संशोधन को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी करती है, तो बाद में लागू होने पर बीच की अवधि के वेतन अंतर का एरियर दिया जा सकता है।

50 हजार बेसिक सैलरी पर समझें उदाहरण

मान लीजिए किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है। भविष्य में अगर उदाहरण के तौर पर फिटमेंट फैक्टर 2.00 तय होता है, तो नई बेसिक सैलरी 1 लाख रुपये हो सकती है। हालांकि, यह केवल गणितीय उदाहरण है और इसे वास्तविक वेतन वृद्धि नहीं माना जा सकता।

इसी उदाहरण में अगर 50,000 रुपये का मासिक अंतर बनता है और जनवरी 2026 से संशोधन प्रभावी माना जाता है, तो छह महीने का मूल वेतन अंतर 3 लाख रुपये हो सकता है। लेकिन वास्तविक एरियर इससे अलग हो सकता है, क्योंकि इसमें DA, HRA, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य वेतन घटकों का हिसाब भी शामिल हो सकता है।

अंतिम रकम पर सरकार का फैसला अहम

फिलहाल 8वें वेतन आयोग के एरियर की कोई निश्चित रकम तय नहीं है। वास्तविक राशि फिटमेंट फैक्टर, संशोधित वेतन, प्रभावी तारीख और सरकार के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगी। इसलिए अभी बताए जा रहे आंकड़ों को अनुमान या उदाहरण के तौर पर ही देखना चाहिए। एरियर मिलेगा या नहीं और किस अवधि का मिलेगा, इसकी अंतिम पुष्टि सरकारी आदेश जारी होने के बाद ही होगी।

45+ पुरुषों के लिए ये 5 फल हैं बेस्ट, डाइट में शामिल करते ही मिलेंगे कई फायदे

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें भी बदलने लगती हैं। खासकर 45 साल की उम्र के बाद पुरुषों के लिए ऐसी डाइट लेना जरूरी हो जाता है, जिसमें पर्याप्त विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट मिल सकें। फल इस जरूरत को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। डाइट में नियमित रूप से अलग-अलग फलों को शामिल करने से संपूर्ण सेहत को फायदा मिल सकता है।

1. सेब

सेब में फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे डाइट में शामिल करने से पाचन तंत्र को पर्याप्त फाइबर मिल सकता है। पूरे फल के रूप में खाना जूस की तुलना में बेहतर विकल्प माना जाता है।

2. केला

केला पोटैशियम और कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ मांसपेशियों और सामान्य शारीरिक गतिविधियों के लिए उपयोगी पोषण प्रदान करता है। व्यायाम करने वाले पुरुष इसे स्नैक के तौर पर भी ले सकते हैं।

3. संतरा

संतरा विटामिन C और पानी से भरपूर फल है। विटामिन C शरीर के सामान्य इम्यून सिस्टम के कामकाज में भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद पानी और फाइबर भी रोजाना की डाइट के लिए उपयोगी हैं।

4. पपीता

पपीते में फाइबर, विटामिन C और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से पाचन और सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषण मिल सकता है।

5. अनार

अनार में पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसे डाइट में शामिल करना हृदय सहित संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद आहार पैटर्न का हिस्सा हो सकता है।

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! बेंगलुरु-मुंबई रूट पर दौड़ेगी वंदे भारत स्लीपर

न्यूज डेस्क। बेंगलुरु और मुंबई के बीच सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। भारतीय रेलवे इस व्यस्त रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू करने की तैयारी में है। यह ट्रेन केएसआर बेंगलुरु से मुंबई CSMT के बीच चल सकती है। रेलवे बोर्ड की ओर से जल्द इसकी आधिकारिक घोषणा होने की उम्मीद है।

दोनों शहर देश के प्रमुख आर्थिक केंद्र हैं और इनके बीच लंबे समय से तेज रेल कनेक्टिविटी की मांग रही है। फिलहाल उद्यान एक्सप्रेस को बेंगलुरु से मुंबई पहुंचने में करीब 24 घंटे लगते हैं। नई स्लीपर वंदे भारत शुरू होने के बाद यात्रा का समय 16 घंटे से कम होने की उम्मीद है।

सप्ताह में 6 दिन चलने की संभावना

प्रस्तावित योजना के मुताबिक ट्रेन दोनों दिशाओं में सप्ताह में 6 दिन संचालित हो सकती है। संभावित समय के अनुसार यह रात करीब 10 बजे बेंगलुरु से रवाना होकर अगले दिन दोपहर 1:50 बजे मुंबई पहुंच सकती है। वापसी में मुंबई से रात करीब 10:30 बजे चलकर अगले दिन दोपहर 1:50 बजे बेंगलुरु पहुंचने का प्रस्ताव है। रास्ते में अनंतपुर, गुंतकल, रायचूर, कलबुर्गी, सोलापुर और कल्याण जैसे स्टेशनों पर ठहराव प्रस्तावित है।

160 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार

वंदे भारत स्लीपर को अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की गति के लिए डिजाइन किया गया है। परीक्षण के दौरान इसकी रफ्तार 180 किमी प्रति घंटे तक पहुंचाई गई है। हालांकि, वास्तविक संचालन की गति रेलवे ट्रैक और उपलब्ध बुनियादी ढांचे पर निर्भर करेगी।

इस 16 कोच वाली ट्रेन में 11 एसी 3-टियर, 4 एसी 2-टियर और 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच होने की जानकारी है। इससे लंबी दूरी के यात्रियों को तेज यात्रा के साथ आरामदायक स्लीपर सुविधा मिलने की उम्मीद है।

8 अक्टूबर को बनेगा शुक्ल योग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। 8 अक्टूबर 2026 का दिन ज्योतिष के लिहाज से खास रहने वाला है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन शुक्ल योग का निर्माण होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में शुक्ल योग को शुभ योगों में गिना जाता है। माना जाता है कि इस योग में किए गए शुभ और महत्वपूर्ण कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

पंचांग के अनुसार शुक्ल योग 8 अक्टूबर को पूरे दिन प्रभावी रहेगा और 9 अक्टूबर की मध्यरात्रि 12:58 बजे तक बना रहेगा। ऐसे में इस दौरान कई लोगों के लिए नए काम शुरू करने, जरूरी फैसले लेने और योजनाओं को आगे बढ़ाने का समय अनुकूल माना जा सकता है।

इन 4 राशियों को मिल सकता है फायदा

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग नई शुरुआत के लिहाज से अच्छा माना जा सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए कामों को गति मिलने की उम्मीद रहेगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शुक्ल योग सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में भी कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना बन सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ के रास्ते नजर आ सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण योजना पर आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए शुक्ल योग शुभ परिणाम देने वाला माना जा सकता है। धन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है और परिवार में भी सकारात्मक माहौल रहने की उम्मीद है। लंबे समय से अटके किसी काम को पूरा करने का अवसर मिल सकता है।

केंद्र सरकार का तोहफा, 9वीं-10वीं के छात्रों के लिए खुशखबरी, मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र छात्रों को कक्षा 9वीं और 10वीं की पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है, जिनके परिवार कठिन और जोखिम वाले कामों से जुड़े हैं।

किन छात्रों को मिल सकता है लाभ?

यह योजना मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के पात्र विद्यार्थियों के लिए है। इसके अलावा निर्धारित श्रेणियों में आने वाले ऐसे परिवारों के बच्चों को भी लाभ दिया जाता है, जिनके माता-पिता कचरा बीनने, सफाई या अन्य जोखिमपूर्ण कामों में लगे हैं।

पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख तक निर्धारित है। विद्यार्थी का पिछली कक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना भी जरूरी है। इसके अलावा छात्र का संबंधित कक्षा में नियमित रूप से अध्ययनरत होना आवश्यक है।

पढ़ाई के साथ हॉस्टल की सुविधा

योजना का मकसद केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना भी है। पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों के तहत छात्रावास की सुविधा भी मिल सकती है। इससे ऐसे बच्चों को पढ़ाई और रहने से जुड़े खर्च में मदद मिलती है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय विद्यार्थी को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और शैक्षणिक अंकतालिका जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। दस्तावेजों और पात्रता की जानकारी आवेदन से पहले अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है।

योजना से संबंधित जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। इसके अलावा राज्यों की ओर से भी विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जाती हैं, इसलिए छात्र अपने राज्य की योजनाओं की जानकारी भी जरूर लें।

लो स्पर्म काउंट से हैं परेशान? डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें, मिल सकता है फायदा

हेल्थ डेस्क। पुरुषों में फर्टिलिटी से जुड़ी समस्या के कई कारण हो सकते हैं। इनमें कम स्पर्म काउंट भी एक महत्वपूर्ण कारण है। खान-पान, वजन, तनाव, नींद और जीवनशैली का असर स्पर्म की संख्या और गुणवत्ता पर पड़ सकता है। ऐसे में संतुलित और पोषक आहार लेना पुरुषों की रिप्रोडक्टिव हेल्थ के लिए मददगार हो सकता है।

हालांकि, केवल किसी एक खाद्य पदार्थ को खाने से स्पर्म काउंट बढ़ने की गारंटी नहीं होती। अगर लंबे समय से परेशानी बनी हुई है तो डॉक्टर से सलाह और जरूरी जांच कराना बेहतर है।

1. अंडे

अंडे प्रोटीन के साथ कई जरूरी पोषक तत्वों का स्रोत हैं। इनमें मौजूद विटामिन और मिनरल्स शरीर के सामान्य स्वास्थ्य के साथ स्पर्म हेल्थ को सपोर्ट करने वाली संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकते हैं। इन्हें अपनी जरूरत और स्वास्थ्य के अनुसार भोजन में शामिल किया जा सकता है।

2. अखरोट

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित मात्रा में नट्स का सेवन पुरुषों की ओवरऑल हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है। रोजाना कुछ अखरोट डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।

3. पालक

पालक और हरी पत्तेदार सब्जियों में फोलेट, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। शरीर में पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए पालक, मेथी और दूसरी हरी सब्जियों को नियमित भोजन का हिस्सा बनाना अच्छा विकल्प है।

4. खट्टे फल

संतरा, मौसमी, नींबू जैसे खट्टे फलों में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट मिलते हैं। ये शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं। इसलिए मौसम के अनुसार ताजे फलों को डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

5. मछली

साल्मन, सार्डिन जैसी फैटी फिश में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह संतुलित डाइट का हिस्सा होने पर शरीर के सामान्य स्वास्थ्य को सपोर्ट करता है। जो लोग मछली खाते हैं, वे डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार इसे अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

खुशखबरी का ऐलान! आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब स्वयं बना सकती हैं आयुष्मान कार्ड

आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए राहत की खबर है। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खुद अपना आयुष्मान कार्ड बना सकती हैं। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सालाना 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।

अगर किसी आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का नाम संबंधित सरकारी डेटाबेस में पात्र लाभार्थी के तौर पर दर्ज है, तो वह आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर सकती है। खास बात यह है कि इन कार्यकर्ताओं के लिए पात्रता जांच संबंधित विभाग के रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है।

कैसे चेक करें पात्रता?

आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी पात्रता आधिकारिक आयुष्मान पोर्टल या नजदीकी CSC केंद्र के माध्यम से जांच सकती हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग या स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में पंजीकरण होना जरूरी है। पात्रता की पुष्टि सरकारी डेटाबेस से होने के बाद कार्ड बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड, आधार से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर और कर्मचारी कोड या विभागीय पहचान पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं। आवेदन के दौरान इन दस्तावेजों की जानकारी का सत्यापन किया जाता है।

मोबाइल से भी बना सकती हैं कार्ड

पात्र कार्यकर्ता मोबाइल के जरिए आयुष्मान ऐप या संबंधित आधिकारिक ऑनलाइन माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए लॉगिन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सत्यापन सफल होने के बाद आयुष्मान कार्ड जनरेट किया जा सकता है।

CSC केंद्र से भी मिलेगा विकल्प

अगर ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी हो रही है तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या जन सेवा केंद्र पर जाकर भी कार्ड बनवाया जा सकता है। यहां आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर साथ ले जाना बेहतर रहेगा। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद पात्र कार्यकर्ता योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकती हैं। 

केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, श्रमिकों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। नवरात्रि और दिवाली से पहले खेती, निर्माण और दूसरे क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने वेरिएबल महंगाई भत्ते (VDA) में बढ़ोतरी की है, जिसके बाद केंद्रीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अलग-अलग श्रेणी के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में बदलाव होगा। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी।

सरकार की ओर से यह संशोधन महंगाई के असर को ध्यान में रखते हुए किया गया है। वेरिएबल महंगाई भत्ता मजदूरी का वह हिस्सा है, जिसे कीमतों में बढ़ोतरी के असर को कम करने के लिए समय-समय पर संशोधित किया जाता है।

CPI में बढ़ोतरी के आधार पर फैसला

वेरिएबल DA में संशोधन औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर किया गया है। 30 जून 2026 तक सूचकांक में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके आधार पर केंद्रीय क्षेत्र के श्रमिकों के लिए नई न्यूनतम मजदूरी दरें तय की गई हैं। इसका मतलब है कि पात्र श्रमिकों को अब उनके काम और क्षेत्र के अनुसार पहले से अधिक न्यूनतम दैनिक मजदूरी मिलेगी।

निर्माण श्रमिकों को कितना मिलेगा?

निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी नई दरें लागू होंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अनस्किल्ड श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी ₹840 और कुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹1,111 प्रतिदिन हो गई है। इससे निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले हजारों श्रमिकों की दैनिक कमाई पर सीधा असर पड़ेगा।

कृषि मजदूरों के लिए भी बढ़ी दर

कृषि क्षेत्र में मजदूरी काम के कौशल और निर्धारित क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग है। एरिया A में अनस्किल्ड कृषि श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी ₹537 प्रतिदिन और स्किल्ड श्रमिकों के लिए ₹705 प्रतिदिन निर्धारित की गई है। वहीं, एरिया B में अनस्किल्ड श्रमिकों के लिए यह दर ₹491 प्रतिदिन और एरिया C में ₹486 प्रतिदिन बताई गई है।

महंगाई से राहत देने की कोशिश

VDA में बदलाव का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच श्रमिकों की वास्तविक आय को कुछ हद तक बनाए रखना है। हालांकि, वास्तविक मजदूरी श्रमिक के काम की श्रेणी, क्षेत्र और लागू नियमों पर निर्भर करेगी। यह संशोधन खास तौर पर केंद्रीय क्षेत्र के दायरे में आने वाले श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

यूपी सरकार ने दी बड़ी सौगात! किसानों के लिए आई 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धान बेचने वाले किसानों के लिए इस बार राहत की खबर है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए केंद्र सरकार ने सामान्य धान का एमएसपी 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। वहीं ग्रेड-ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढ़कर 2,461 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। यानी पिछले साल के मुकाबले किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलेगा।

करीब 500 केंद्रों पर होगी खरीद

प्रदेश में धान खरीद की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार लगभग 500 क्रय केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है। यह संख्या पिछले वर्ष से करीब 50 अधिक होगी। सरकार अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से धान खरीद शुरू करने की तैयारी में है। हालांकि अंतिम खरीद नीति जारी होने के बाद इसमें कुछ बदलाव हो सकता है।

62.30 लाख टन खरीद का लक्ष्य

पिछले खरीफ सीजन में सरकार ने 62.30 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य तय किया था, जबकि वास्तविक खरीद 103.83 लाख टन तक पहुंच गई थी। इस बार भी शुरुआती लक्ष्य 62.30 लाख टन रखा गया है। किसानों को नजदीकी केंद्र पर ही सुविधा देने के लिए पंजीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया समय से पूरी कराने पर जोर दिया जा रहा है।

ऑनलाइन भुगतान पर भी जोर

धान बेचने के बाद किसानों को भुगतान जल्द मिले, इसके लिए ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी है। खरीद केंद्रों पर तौल और जरूरी कागजी प्रक्रिया पहले से पूरी कराने के निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि किसानों को केंद्र पर अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

धान खरीद में खाद्य एवं रसद विभाग के अलावा पीसीएफ, पीसीयू, मंडी परिषद, नेफेड, एनसीसीएफ और एफसीआई जैसी एजेंसियां भी भूमिका निभाएंगी। सभी संबंधित संस्थाओं को अपने केंद्रों पर व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

खुशखबरी का धमाकेदार ऐलान! यूपी में बंपर भर्ती, 15 अक्टूबर तक करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने वर्ष 2026 की भर्ती प्रक्रिया के तहत 12,405 प्राथमिक सहायक शिक्षक पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 सितंबर से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 15 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

12,405 पदों पर होगी नियुक्ति

आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत सहायक शिक्षक के कुल 12,405 पद शामिल हैं। इनमें 11,508 पद अर्बन प्राइमरी और 897 पद संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों के हैं। भर्ती उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों के प्राथमिक और संबंधित सहायता प्राप्त विद्यालयों के लिए है।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन

अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए UPESSC की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाना होगा। आवेदन OTR आधारित ऑनलाइन प्रक्रिया के जरिए किया जाएगा। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 1,000 रुपये है, जबकि एससी/एसटी के लिए 500 रुपये और PwBD अभ्यर्थियों के लिए 300 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

दिसंबर में होगी लिखित परीक्षा

भर्ती की लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। अभ्यर्थियों को आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी जाती है, ताकि अंतिम समय में तकनीकी समस्या या भुगतान संबंधी परेशानी से बचा जा सके।

आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई पात्रता, जरूरी दस्तावेज और अन्य शर्तों को ध्यान से देख लेना चाहिए।

बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी, 1 नवंबर से शुरू होगी धान खरीद

पटना। बिहार में धान की खेती करने वाले किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य में 1 नवंबर 2026 से धान की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। सहकारिता विभाग ने खरीद की तैयारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों, पैक्स और व्यापार मंडलों को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। धान की खरीद की प्रक्रिया 31 मार्च तक चलाने की तैयारी है।

एमएसपी में 72 रुपये का इजाफा

इस सीजन सामान्य धान की खरीद 2,441 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर होगी। पिछले साल सामान्य धान के लिए 2,369 रुपये प्रति क्विंटल की दर थी। यानी किसानों को इस बार प्रति क्विंटल 72 रुपये अधिक मिलेंगे। इसी तरह ए-ग्रेड धान का एमएसपी भी बढ़ाया गया है। इस साल इसकी खरीद 2,461 रुपये प्रति क्विंटल की दर से होगी, जबकि पिछले वर्ष किसानों को 2,389 रुपये प्रति क्विंटल मिले थे।

बोरे और भंडारण की पहले से तैयारी

सरकार ने धान खरीद के दौरान बोरों की कमी से होने वाली परेशानी को रोकने के लिए पहले से इंतजाम करने को कहा है। सभी पैक्स और व्यापार मंडलों को पर्याप्त मात्रा में जूट के बोरे और सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों से ऑनलाइन पंजीकरण की अपील

सरकारी खरीद का लाभ लेने के लिए किसानों का पंजीकरण जरूरी है। जिन किसानों ने अभी तक कृषि विभाग के पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, उनसे जल्द ऑनलाइन पंजीकरण पूरा करने की अपील की गई है।

इस सीजन में धान की खरीद लक्ष्य बढ़ाने की मांग

पिछले सीजन में बिहार में 36.85 लाख टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था और करीब 36.79 लाख टन धान की सरकारी खरीद हुई। इस बार केंद्र ने राज्य के लिए 35 लाख टन का लक्ष्य तय किया है। वहीं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने केंद्र से इसे बढ़ाकर 50 लाख टन करने की मांग की है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 1 अक्टूबर से लागू, लाखों लोगों पर सीधा असर

नई दिल्ली। त्योहारों से पहले केंद्रीय क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर 2026 से VDA (वेरिएबल डियरनेस अलाउंस) में संशोधन किया है। इसके साथ ही अलग-अलग श्रेणी के श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी लागू हो गई है। यह बदलाव कृषि, निर्माण और मेंटेनेंस जैसे क्षेत्रों में काम करने वालों के लिए अहम है।

दरअसल, VDA महंगाई से जुड़ा भुगतान है, जिसे CPI-IW में होने वाले बदलाव के आधार पर संशोधित किया जाता है। इसका उद्देश्य महंगाई बढ़ने के असर को कम करना और न्यूनतम मजदूरी की वास्तविक क्रय क्षमता को बनाए रखने में मदद करना है। संशोधित दरें 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई हैं।

CPI-IW बढ़ने के आधार पर बदला VDA

VDA में संशोधन औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI-IW के आधार पर किया गया है। 30 जून 2026 को CPI-IW 424.80 था, जो बढ़कर 431.42 हो गया। यानी इंडेक्स में 6.62 अंक की बढ़ोतरी हुई। इसी बदलाव के आधार पर नया VDA 1 अक्टूबर से लागू किया गया है।

कंस्ट्रक्शन वर्कर्स को अब 1,111 रुपये तक

निर्माण और मेंटेनेंस क्षेत्र में मजदूरी श्रमिक की स्किल और क्षेत्र के हिसाब से तय होगी। Area A में अनस्किल्ड वर्कर को 840 रुपये प्रतिदिन, सेमी-स्किल्ड को 933 रुपये, स्किल्ड/क्लेरिकल को 1,024 रुपये और हाइली स्किल्ड श्रमिक को 1,111 रुपये प्रतिदिन तक मिलेंगे। वहीं Area B में ये दरें क्रमशः 704, 794, 933 और 1,024 रुपये हैं। Area C में अनस्किल्ड से लेकर हाइली स्किल्ड तक न्यूनतम दर 565 से 933 रुपये प्रतिदिन तक है।

कृषि श्रमिकों के लिए भी बढ़ी न्यूनतम मजदूरी

कृषि क्षेत्र में भी नई दरें लागू की गई हैं। Area A में अनस्किल्ड श्रमिक के लिए न्यूनतम मजदूरी 537 रुपये प्रतिदिन, सेमी-स्किल्ड के लिए 587 रुपये, स्किल्ड/क्लेरिकल के लिए 637 रुपये और हाइली स्किल्ड श्रमिक के लिए 705 रुपये प्रतिदिन है। Area B में ये दरें 491 से 655 रुपये और Area C में 486 से 587 रुपये प्रतिदिन तक निर्धारित की गई हैं।

बुध का महाअसर! 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-दौलत के खुलेंगे दरवाजे

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार, तर्क और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। बुध की चाल में बदलाव का असर सभी राशियों पर अलग-अलग तरह से देखने को मिलता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध का शुभ प्रभाव कुछ राशियों के लिए आर्थिक लाभ और करियर में तरक्की के अवसर लेकर आ सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध का प्रभाव शुभ रह सकता है। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन सकते हैं और आय के नए रास्ते खुल सकते हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि के स्वामी बुध ही हैं, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना मानी जाती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। कारोबार करने वालों को भी नई डील या लाभ का मौका मिल सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बुध का असर आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला हो सकता है। व्यापार में फायदा मिलने के साथ नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकते हैं। धन से जुड़े फैसलों में भी लाभ के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुध का प्रभाव करियर में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। काम के सिलसिले में नए संपर्क बनेंगे, जिससे भविष्य में फायदा हो सकता है। आय बढ़ाने के अवसर भी सामने आ सकते हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए बुध का शुभ प्रभाव आर्थिक लाभ और सफलता के रास्ते खोल सकता है। नौकरी में प्रगति के साथ व्यापार में भी मुनाफे के अवसर बन सकते हैं। निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसला करना फायदेमंद रहेगा।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, लाखों कर्मचारियों को राहत, 66% तक बढ़ गई पेंशन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से EPF और EPS के तहत वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 किए जाने का फैसला लाखों कर्मचारियों के लिए अहम बदलाव माना जा रहा है। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जिनकी बेसिक सैलरी नई पेंशन योग्य वेतन सीमा के बराबर या उससे ज्यादा है। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि वेतन सीमा में 66.6% की बढ़ोतरी का मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी की वास्तविक पेंशन भी 66.6% बढ़ जाएगी। पेंशन में बदलाव सेवा अवधि और पेंशन योग्य वेतन के आधार पर होगा।

EPS पेंशन कैसे होती है तय?

कर्मचारी पेंशन योजना यानी EPS में पेंशन की गणना एक तय फॉर्मूले के आधार पर की जाती है। सामान्य तौर पर इसका फॉर्मूला इस प्रकार है:

मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70

यहां पेंशन योग्य वेतन का मतलब उस वेतन से है, जिस पर EPS के तहत पेंशन की गणना की जाती है। अभी तक इसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 मानी जाती रही है। अगर यह सीमा बढ़कर ₹25,000 होती है, तो पात्र कर्मचारियों की पेंशन गणना में ज्यादा वेतन शामिल हो सकता है।

वहीं, पेंशन योग्य सेवा का मतलब कर्मचारी की EPS के दायरे में आने वाली नौकरी की अवधि से है। यानी किसी कर्मचारी ने जितने ज्यादा साल नौकरी की है, उसकी पेंशन की गणना उसी हिसाब से होती है। नियमों के तहत 20 साल या उससे ज्यादा की पेंशन योग्य सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी को निर्धारित शर्तों के अनुसार अतिरिक्त सेवा बोनस का लाभ भी मिल सकता है।

₹15 हजार और ₹25 हजार की सीमा में कितना अंतर?

मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹25,000 या उससे ज्यादा है और वह पूरी तरह नई अधिकतम सीमा के हिसाब से पेंशन गणना के लिए पात्र है। ऐसी स्थिति में पुरानी और नई सीमा के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है।

10 साल की सेवा: ₹15,000 की सीमा पर गणना करने पर पेंशन करीब ₹2,143 बैठती है। वहीं ₹25,000 की सीमा के आधार पर यह करीब ₹3,571 हो सकती है। यानी लगभग ₹1,428 प्रति माह का अंतर।

15 साल की सेवा: पुरानी सीमा पर पेंशन करीब ₹3,214 और ₹25,000 की सीमा पर करीब ₹5,357 हो सकती है। इस तरह करीब ₹2,143 प्रति माह का अंतर बनता है।

20 साल की सेवा: यदि नियमों के अनुसार 2 साल का सेवा बोनस जोड़कर 22 साल की गणना होती है, तो ₹15,000 की सीमा पर पेंशन करीब ₹4,714 और ₹25,000 की सीमा पर करीब ₹7,857 हो सकती है। यानी करीब ₹3,143 प्रति माह का अंतर दिखाई देता है।

कंपनी के योगदान में क्या होता है?

EPF व्यवस्था में कर्मचारी की ओर से सामान्य तौर पर बेसिक वेतन का 12% योगदान किया जाता है। नियोक्ता की ओर से भी 12% योगदान दिया जाता है। नियोक्ता के योगदान में से निर्धारित हिस्सा EPS यानी पेंशन फंड में जाता है, जबकि बाकी हिस्सा EPF खाते में जमा होता है।

नई वेतन सीमा लागू होने की स्थिति में पेंशन योग्य वेतन बढ़ने से EPS में जाने वाली राशि और भविष्य की पेंशन गणना पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, वास्तविक लाभ कर्मचारी की पात्रता, वेतन संरचना, सेवा अवधि और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

इन-हैंड सैलरी पर क्या होगा असर?

कर्मचारियों के लिए एक बड़ा सवाल यह भी है कि पेंशन में संभावित बढ़ोतरी के साथ हाथ में आने वाली सैलरी पर क्या प्रभाव पड़ेगा। अगर कर्मचारी के योगदान की गणना अधिक वेतन सीमा पर होती है, तो कर्मचारी के PF योगदान में भी बदलाव आ सकता है। ऐसे में मौजूदा वेतन संरचना के आधार पर इन-हैंड सैलरी में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन दूसरी तरफ PF/EPS में ज्यादा राशि जमा होने से रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ में इजाफा हो सकता है।

7 अक्टूबर से बदलेगा भाग्य, 14 अक्टूबर तक 4 राशियों को मिलेंगे बड़े फायदे

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और शुभ योग का विशेष महत्व माना जाता है। 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर 2026 के बीच बनने वाले शुभ संयोग कुछ राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकते हैं। इस दौरान इन राशि वालों को करियर, धन, कारोबार और पारिवारिक जीवन से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के योग बन सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए 7 से 14 अक्टूबर का समय उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। लंबे समय से अटका हुआ काम आगे बढ़ने के संकेत हैं। कारोबार करने वालों के लिए भी यह अवधि लाभकारी रह सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह अवधि करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होने के साथ नई जिम्मेदारी भी मिल सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए 7 से 14 अक्टूबर के बीच शुभ परिणाम मिलने के योग बन सकते हैं। आपकी मेहनत का असर दिखाई दे सकता है और कार्यक्षेत्र में आपकी स्थिति मजबूत हो सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है। आर्थिक मोर्चे पर भी समय अनुकूल रह सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह अवधि कई मामलों में राहत लेकर आ सकती है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। जो लोग लंबे समय से किसी नए काम की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए समय सकारात्मक रह सकता है।

खुशखबरी की बरसात! बिहार में आई बंपर भर्ती, 23 अक्टूबर तक आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने मत्स्य प्रसार पदाधिकारी (Fisheries Extension Officer) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए कुल 231 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। नियुक्तियां पशुपालन एवं मत्स्य संसाधन से जुड़े विभाग के अंतर्गत होंगी।

24 सितंबर से शुरू हुआ आवेदन

BTSC की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 24 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में उम्मीदवारों को आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना आवेदन पूरा कर लेना चाहिए।

231 पदों पर होगी नियुक्ति

इस भर्ती अभियान के तहत मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के कुल 231 पद भरे जाएंगे। यह नियमित सीधी भर्ती होगी और उम्मीदवारों का चयन प्रतियोगी कंप्यूटर आधारित परीक्षा यानी CBT के माध्यम से किया जाएगा। परीक्षा के साथ अनुभव के आधार पर मिलने वाले अंकों को भी चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

लेवल-7 के अनुसार मिलेगा वेतन

चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-7 के अनुसार वेतन और सरकार द्वारा निर्धारित अन्य सुविधाएं मिलेंगी। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भर्ती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें नियमित नियुक्ति का अवसर दिया जा रहा है।

उम्र सीमा और आवेदन शुल्क

भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिल सकता है। आवेदन करने के लिए ₹100 शुल्क निर्धारित किया गया है।

23 अक्टूबर है आखिरी तारीख

BTSC की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 23 अक्टूबर 2026 है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह है कि आवेदन भरने के बाद सभी जानकारी ध्यान से जांच लें और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद आवेदन का प्रिंट या उसकी कॉपी सुरक्षित रख लें।

गर्भाशय में गांठ बनने के 5 बड़े संकेत, भूलकर भी नहीं करना चाहिए नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। महिलाओं में गर्भाशय से जुड़ी कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं। इनमें गर्भाशय में गांठ यानी फाइब्रॉइड भी एक आम समस्या है। फाइब्रॉइड गर्भाशय की मांसपेशियों में बनने वाली आमतौर पर गैर-कैंसरकारी गांठ होती है। कई महिलाओं में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते, जबकि कुछ मामलों में यह रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकती है।

ऐसे में शरीर में दिखाई देने वाले कुछ बदलावों को लगातार नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। खासकर अगर लक्षण बार-बार हो रहे हों या समय के साथ बढ़ रहे हों, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

1. पीरियड्स में ज्यादा या लंबे समय तक ब्लीडिंग

गर्भाशय में फाइब्रॉइड होने पर मासिक धर्म के दौरान सामान्य से ज्यादा रक्तस्राव हो सकता है। कुछ महिलाओं में पीरियड्स कई दिनों तक चल सकते हैं या बार-बार पैड बदलने की जरूरत पड़ सकती है। ज्यादा ब्लीडिंग लंबे समय तक रहने पर शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया भी हो सकता है।

2. पेट के निचले हिस्से में दर्द या भारीपन

गर्भाशय में गांठ का आकार बढ़ने पर पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में दर्द, दबाव या भारीपन महसूस हो सकता है। कुछ महिलाओं को कमर में दर्द या लंबे समय तक खड़े रहने पर असहजता भी महसूस हो सकती है।

3. बार-बार पेशाब आना

अगर फाइब्रॉइड का आकार बढ़कर आसपास के अंगों पर दबाव डालने लगे, तो बार-बार पेशाब आने जैसी परेशानी हो सकती है। हालांकि, बार-बार पेशाब आने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल इस लक्षण के आधार पर गांठ का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

4.पेट का आकार बढ़ना

कुछ मामलों में बड़ी गांठ के कारण पेट के निचले हिस्से में सूजन, पेट फूलने या दबाव जैसा महसूस हो सकता है। कभी-कभी महिला को ऐसा लग सकता है कि पेट का आकार सामान्य से बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर रहता है।

5. गर्भधारण में परेशानी

कुछ महिलाओं में गर्भाशय की गांठ गर्भधारण में परेशानी पैदा कर सकती है। इसका असर गांठ के आकार और गर्भाशय में उसकी स्थिति पर निर्भर करता है। हालांकि, फाइब्रॉइड होने का मतलब यह नहीं है कि महिला गर्भधारण नहीं कर सकती। बहुत सी महिलाएं फाइब्रॉइड के बावजूद सामान्य गर्भावस्था पूरी करती हैं।

हवाई यात्रियों को झटका! IndiGo ने बढ़ाए टिकट के दाम, जानें रेट

नई दिल्ली। अगर आप आने वाले दिनों में फ्लाइट से सफर करने की तैयारी कर रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। IndiGo ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का फैसला किया है। इसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ सकता है और फ्लाइट टिकट पहले की तुलना में महंगे हो सकते हैं।

एयरलाइन के मुताबिक, बढ़ोतरी 6 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। कंपनी ने यह कदम विमान ईंधन यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए उठाया है।

₹100 से ₹350 तक बढ़ेगा फ्यूल सरचार्ज

IndiGo ने घरेलू उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज में दूरी के हिसाब से ₹100 से लेकर ₹350 तक की बढ़ोतरी की है। यानी यात्री जितनी लंबी दूरी की उड़ान लेंगे, टिकट में ईंधन से जुड़ा अतिरिक्त शुल्क उतना अधिक हो सकता है। इस बढ़ोतरी का असर अलग-अलग रूट और यात्रा की दूरी के अनुसार अलग होगा। इसलिए सभी यात्रियों के टिकट पर एक जैसा अतिरिक्त शुल्क नहीं लगेगा।

ATF महंगा होने से बढ़ा सफर का खर्च

हवाई यात्रा की लागत में विमान ईंधन की अहम भूमिका होती है। हाल के समय में ATF की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिली है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ईंधन की कीमतों में महीने-दर-महीने 14 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है और कीमतें करीब एक दशक के ऊंचे स्तर तक पहुंच गई हैं।

एयरलाइन कंपनियों के संचालन खर्च में ईंधन का हिस्सा काफी बड़ा होता है। ऐसे में जब ATF महंगा होता है तो विमानों के संचालन की लागत भी बढ़ जाती है। कंपनियां इस अतिरिक्त खर्च को कम करने के लिए किराये या फ्यूल सरचार्ज में बदलाव करती हैं।

घरेलू और इंटरनेशनल यात्रियों पर असर

नया फ्यूल सरचार्ज सिर्फ घरेलू उड़ानों तक सीमित नहीं है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी इसका असर पड़ेगा। हालांकि, शुल्क की वास्तविक राशि रूट और उड़ान से जुड़ी परिस्थितियों के अनुसार अलग हो सकती है।

यात्रियों के लिए इसका मतलब है कि अगर वे 6 अक्टूबर या उसके बाद यात्रा की बुकिंग करते हैं, तो उन्हें पहले के मुकाबले ज्यादा राशि चुकानी पड़ सकती है। खासकर लंबी दूरी की उड़ानों में अतिरिक्त शुल्क का असर अधिक दिखाई दे सकता है।

टिकट बुक करने से पहले किराया जरूर जांचें

अगर आप त्योहार, छुट्टी या किसी जरूरी काम से फ्लाइट से यात्रा करने वाले हैं तो टिकट बुक करने से पहले कुल किराया और उसमें शामिल फ्यूल सरचार्ज जरूर जांच लें। हवाई किराया कई चीजों पर निर्भर करता है, इसलिए सिर्फ बेस फेयर देखकर टिकट की अंतिम कीमत का अंदाजा नहीं लगाना चाहिए।

यूपी के लोग ₹1 लाख में शुरू करें ये 3 बिजनेस, हर महीने होगी शानदार कमाई

लखनऊ। अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते हैं और कम पूंजी में अपना काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो छोटे कारोबार आपके लिए अच्छा विकल्प बन सकते हैं। आज कई ऐसे बिजनेस हैं जिन्हें सीमित बजट में शुरू किया जा सकता है और धीरे-धीरे ग्राहकों की संख्या बढ़ाकर कमाई को भी बढ़ाया जा सकता है। यहां हम ₹1 लाख तक के बजट में शुरू किए जा सकने वाले 3 कारोबार के बारे में बता रहे हैं।

1. मसाला बनाने और पैकिंग का बिजनेस

घर या छोटी जगह से मसाले तैयार करके उनकी पैकिंग और बिक्री शुरू की जा सकती है। हल्दी, धनिया, मिर्च, गरम मसाला और दूसरे रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले मसालों की स्थानीय बाजार में मांग बनी रहती है।

इस काम में शुरुआती पैसा कच्चा माल, ग्राइंडिंग मशीन, पैकिंग सामग्री और छोटे स्तर की ब्रांडिंग पर लगाया जा सकता है। शुरुआत आसपास की दुकानों, किराना स्टोर और स्थानीय ग्राहकों से की जा सकती है। अच्छी गुणवत्ता और साफ-सफाई बनाए रखने पर धीरे-धीरे ग्राहक बढ़ाए जा सकते हैं।

2. टिफिन और होम फूड सर्विस

शहरों में नौकरी करने वाले लोगों, छात्रों और अकेले रहने वाले लोगों के बीच घर के बने खाने की मांग रहती है। ऐसे में करीब ₹1 लाख के बजट में टिफिन सर्विस शुरू की जा सकती है।

शुरुआत सीमित ग्राहकों से करके की जा सकती है। खर्च का बड़ा हिस्सा रसोई के जरूरी सामान, पैकेजिंग, डिलीवरी और प्रचार पर आ सकता है। अगर खाना स्वादिष्ट और समय पर पहुंचाया जाए तो नियमित ग्राहक बनाना आसान हो सकता है।

इस बिजनेस में कमाई पूरी तरह ग्राहकों की संख्या, खाने की कीमत, कच्चे माल की लागत और डिलीवरी खर्च पर निर्भर करेगी। इसलिए शुरुआत से ही लागत और मुनाफे का हिसाब रखना जरूरी है।

3. मोबाइल रिपेयरिंग और एक्सेसरीज की दुकान

मोबाइल आज लगभग हर व्यक्ति की जरूरत बन चुका है। ऐसे में मोबाइल रिपेयरिंग के साथ चार्जर, ईयरफोन, केबल, कवर, स्क्रीन गार्ड जैसी एक्सेसरीज बेचने का काम भी शुरू किया जा सकता है।

अगर आपको रिपेयरिंग का काम आता है तो शुरुआती निवेश अपेक्षाकृत कम रखा जा सकता है। वहीं, जिन्हें यह काम नहीं आता वे पहले प्रशिक्षण लेकर कारोबार शुरू कर सकते हैं। दुकान का किराया, जरूरी उपकरण, शुरुआती एक्सेसरीज का स्टॉक और दुकान की सेटिंग बजट का हिस्सा हो सकते हैं।

पेंशनर्स ध्यान दें! अक्टूबर में जमा करना होगा ये दस्तावेज, जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली। पेंशन लेने वाले लोगों के लिए अक्टूबर का महीना बेहद जरूरी है। हर साल पेंशन जारी रखने के लिए लाभार्थियों को अपना लाइफ सर्टिफिकेट यानी जीवन प्रमाण जमा करना होता है। इसके जरिए यह पुष्टि होती है कि पेंशनर जीवित हैं और उन्हें आगे भी पेंशन का भुगतान किया जा सके।

80 साल या ज्यादा उम्र वालों के लिए अक्टूबर में मौका

मौजूदा व्यवस्था के अनुसार 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स 1 अक्टूबर से अपना जीवन प्रमाण जमा कर सकते हैं। वहीं 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया आमतौर पर 1 नवंबर से शुरू होती है। सभी पात्र पेंशनर्स के लिए सामान्य अंतिम तारीख 30 नवंबर रहती है।

घर बैठे भी बन सकता है डिजिटल जीवन प्रमाण

अब पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना पहले के मुकाबले आसान हो गया है। Jeevan Pramaan आधार आधारित डिजिटल सुविधा है, जिसके जरिए पात्र पेंशनर्स अपना डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं। यह सुविधा कई CSC सेंटर, बैंक शाखाओं और सरकारी कार्यालयों में उपलब्ध रहती है। जरूरी डिवाइस और ऑथेंटिकेशन सुविधा होने पर मोबाइल ऐप के जरिए भी प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसमें फिंगरप्रिंट, आईरिस या फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल हो सकता है।

ये जानकारी पहले से रखें तैयार

जीवन प्रमाण बनवाने से पहले पेंशनर को आधार नंबर, मोबाइल नंबर, PPO नंबर, पेंशन अकाउंट और पेंशन देने वाले बैंक से जुड़ी जानकारी अपने पास रखनी चाहिए। आवेदन में दी गई जानकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाने पर डिजिटल सर्टिफिकेट में दिक्कत आ सकती है।

17 अक्टूबर से पलटेगा 4 राशियों का भाग्य! त्रिग्रही योग दिलाएगा धन और तरक्की

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 17 अक्टूबर 2026 को तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र की मौजूदगी से एक खास ग्रह संयोग बनने जा रहा है। तीन ग्रहों के एक राशि में आने से त्रिग्रही योग बनेगा। इसी दौरान सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग तथा बुध-शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग बनने की बात कही जा रही है। माना जाता है कि इन योगों का प्रभाव कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए यह समय करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी करने वालों को कार्यस्थल पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से अटके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है। आय के अतिरिक्त स्रोत बनाने की कोशिश भी सफल हो सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए त्रिग्रही योग शिक्षा, करियर और धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में नई योजना शुरू करने का विचार है तो उस पर काम आगे बढ़ सकता है। निवेश से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचते हुए फैसला लेना बेहतर रहेगा। परिवार के साथ भी अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा।

तुला राशि

सूर्य, बुध और शुक्र की युति तुला राशि में ही बनने जा रही है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह संयोग खास माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और कामकाज में आपकी पहचान मजबूत हो सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या पद से जुड़ा अवसर मिल सकता है। व्यापारियों को नए सौदे मिलने के साथ आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं। व्यक्तिगत जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह योग आमदनी और पेशेवर जीवन में फायदा देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से रुका कोई आर्थिक काम पूरा हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में नए ग्राहक और काम के अवसर बढ़ सकते हैं। विदेश या दूर स्थान से जुड़े काम में भी प्रगति के संकेत मिल सकते हैं।

पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में पैसा लगाने का मौका! 7.5% ब्याज के साथ रकम होगी डबल

नई दिल्ली। बचत का पैसा कहां लगाया जाए, जहां जोखिम कम हो और रकम समय के साथ अच्छी तरह बढ़े? ऐसे निवेशकों के लिए पोस्ट ऑफिस की किसान विकास पत्र (KVP) योजना एक शानदार विकल्प है। इसके नाम में भले ही किसान शब्द जुड़ा हो, लेकिन इसका लाभ लेने के लिए खेती-किसानी करना जरूरी नहीं है। पात्र व्यक्ति इसमें निवेश कर सकता है।

7.5% ब्याज से बढ़ेगी जमा रकम

मौजूदा समय में KVP पर 7.5 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 वाली तिमाही में भी सरकार ने ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। इस दर पर निवेश की गई रकम 115 महीने यानी 9 साल 7 महीने में दोगुनी हो जाती है।

यानी अगर कोई व्यक्ति आज 1 लाख रुपये जमा करता है तो तय मैच्योरिटी अवधि पूरी होने पर करीब 2 लाख रुपये मिल सकते हैं। 50 हजार रुपये के निवेश पर करीब 1 लाख और 5 हजार रुपये पर करीब 10 हजार रुपये मिलने का हिसाब बनता है। हालांकि यह गणना मौजूदा ब्याज दर के आधार पर है।

छोटी रकम से भी खोल सकते हैं खाता

इस योजना में निवेश शुरू करने के लिए बड़ी रकम की जरूरत नहीं है। 1000 रुपये से KVP खरीदा जा सकता है। निवेश की अधिकतम सीमा तय नहीं है, इसलिए व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार ज्यादा रकम भी जमा कर सकता है। अकाउंट अकेले या संयुक्त रूप से खोला जा सकता है। नाबालिग के नाम पर भी अभिभावक के जरिए निवेश किया जा सकता है। इसके अलावा खाते में नॉमिनी जोड़ने की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।

तुरंत पैसे निकालने का विकल्प नहीं

KVP में पैसा लगाने वालों को इसे कुछ समय के लिए लॉक रखना पड़ता है। सामान्य नियम के मुताबिक ढाई साल से पहले खाते को बंद कर रकम निकालने की सुविधा नहीं होती। इसके बाद तय नियमों के तहत समय से पहले निकासी संभव हो सकती है।

निवेश से पहले टैक्स का हिसाब समझें

KVP का एक जरूरी पहलू टैक्स से जुड़ा है। इसमें लगाया गया पैसा 80C के तहत आयकर छूट के लिए पात्र नहीं है। वहीं खाते से मिलने वाला ब्याज भी टैक्स योग्य होता है। इसलिए निवेश का फैसला केवल रकम दोगुनी होने के आधार पर न लें, बल्कि अपनी आय, टैक्स स्लैब और वित्तीय जरूरत को भी ध्यान में रखें।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, बुजुर्गों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुजुर्गों के लिए बड़ी खुशखबरी है। योगी सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी का फैसला किया है। अब पात्र बुजुर्गों को हर महीने 1000 रुपये की जगह 1500 रुपये पेंशन मिलेगी। यानी सालभर में लाभार्थी को कुल 18,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी।

सरकार ने योजना को सुचारू रूप से जारी रखने के लिए अनुपूरक बजट में 1500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों वरिष्ठ नागरिकों को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है।

दो किस्तों में खाते में आएगी रकम

पेंशन के भुगतान की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। पहले लाभार्थियों को तीन महीने की पेंशन एक साथ 3000 रुपये के रूप में मिलती थी। अब बढ़ी हुई पेंशन 1500-1500 रुपये की दो किस्तों में जारी की जाएगी। पेंशन की रकम DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

इन बातों का रखना होगा ध्यान

योजना का नियमित लाभ लेने के लिए लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी है। इसके साथ DBT भुगतान के लिए बैंक खाते का NPCI पोर्टल पर मैपिंग भी जरूरी है। इसके अलावा e-KYC पूरा होना भी महत्वपूर्ण है। अगर किसी बुजुर्ग की पेंशन अचानक रुक जाती है तो सबसे पहले e-KYC और बैंक खाते की स्थिति की जांच करानी चाहिए।

पेंशन नहीं आए तो क्या करें?

अगर पात्र लाभार्थी के खाते में पेंशन की किस्त नहीं पहुंचती है, तो नजदीकी CSC या बैंक शाखा जाकर e-KYC और NPCI मैपिंग की स्थिति चेक कराई जा सकती है। इसके बाद संबंधित जिले के समाज कल्याण विभाग से संपर्क कर आवेदन और आधार संबंधी जानकारी का सत्यापन कराया जा सकता है।

लाभार्थी यूपी सामाजिक पेंशन पोर्टल के माध्यम से भी अपने आवेदन और भुगतान का स्टेटस ऑनलाइन देख सकते हैं। इस तरह सरकार की बढ़ी हुई आर्थिक सहायता का लाभ पात्र बुजुर्गों तक सीधे पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।

8वें वेतन आयोग पर नया अपडेट जारी! केंद्रीय कर्मचारियों पर क्या होगा असर?

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। आयोग अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं और सर्विस बेनिफिट्स से जुड़ी जानकारी जुटा रहा है। इन आंकड़ों का अध्ययन करके कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और दूसरी सुविधाओं की समीक्षा में मदद मिलेगी।

CGEGIS की जानकारी मांगी गई

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आयोग ने सेंट्रल गवर्नमेंट एम्प्लॉयी ग्रुप इंश्योरेंस स्कीम (CGEGIS) से संबंधित जानकारी भी मांगी है। इसके बाद सेंट्रल पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट (CPWD) ने 1 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में कार्यालय ज्ञापन जारी किया।

इसके तहत मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स के अधीन आने वाले विभागों और कार्यालयों से CGEGIS से जुड़ा डेटा मांगा गया है। संबंधित अधिकारियों को तय प्रारूप Annexure-M में जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। यह डेटा 9 अक्टूबर तक भेजने को कहा गया है।

अभी किसी बढ़ोतरी का ऐलान नहीं

यहां कर्मचारियों के लिए यह समझना जरूरी है कि CGEGIS की जानकारी मांगे जाने का मतलब योजना के लाभ बढ़ा दिए जाना नहीं है। फिलहाल सरकार या आयोग की ओर से इंश्योरेंस कवर बढ़ाने या कोई नया लाभ देने की घोषणा नहीं हुई है। यह कदम मुख्य रूप से जानकारी जुटाने और उसका अध्ययन करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।

CGEGIS केंद्र सरकार के कर्मचारियों से जुड़ी ग्रुप इंश्योरेंस व्यवस्था है, जिसमें बीमा कवर के साथ बचत का प्रावधान भी रहता है। ऐसे में आयोग द्वारा इससे संबंधित डेटा जुटाना सर्विस बेनिफिट्स की व्यापक समीक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नवंबर 2025 में गठित हुआ था आयोग

केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था। इसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग में प्रो. पुलक घोष पार्ट-टाइम सदस्य और पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं। आयोग को केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी, अलाउंसेस, रिटायरमेंट बेनिफिट्स और सेवा शर्तों की समीक्षा कर सरकार को अपनी सिफारिशें देनी हैं।