बता दें की इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में लगभग 125 करोड़ रुपये का निवेश होने की संभावना है और करीब 1,187 नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद जताई जा रही है। आवंटित भूमि प्लग एंड प्ले शेड के रूप में दी गई है, जिससे उद्योगों को बुनियादी ढांचा तैयार करने में समय और लागत की बचत होगी और उत्पादन जल्दी शुरू हो सकेगा।
प्लग एंड प्ले शेड
इस योजना के तहत कुल 9.637 एकड़ भूमि निवेशकों को दी गई है। प्लग एंड प्ले शेड मॉडल से नई इकाइयों का निर्माण तेजी से होगा और उन्हें उत्पादन शुरू करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम बिहार में औद्योगिक स्थापना की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने में सहायक होगा।
विविध क्षेत्रों में निवेश
आवंटित इकाइयां आईटी और आईटीईएस, खाद्य प्रसंस्करण, फार्मास्युटिकल और सामान्य विनिर्माण जैसे विविध क्षेत्रों में फैली हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि बिहार अब पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि तकनीक आधारित और आधुनिक उद्योगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है।
मुख्य जिलों पर फोकस
ज्यादातर भूमि पटना, गया, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर में दी गई है। ये क्षेत्र पहले से ही बेहतर बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी वाले माने जाते हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन जिलों में नई इकाइयों की स्थापना स्थानीय रोजगार बढ़ाने और सहायक उद्योगों को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
कंपनियों का विवरण
जिन कंपनियों को जमीन आवंटित की गई है, उनमें हिकेन हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड,, ओम शक्ति कैटल फीड्स प्राइवेट लिमिटेड, कॉर्पोरेट इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड, किंग्सशाही इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, प्रेरणा इंजीनियरिंग एजुकेशन ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड और वेदारका बोटेनिकल्स शामिल हैं। ये कंपनियां अपने-अपने क्षेत्र में निवेश करेगी। इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा।
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