आपको बता दें की इससे पहले अगस्त में ट्रंप प्रशासन ने भारत के कुछ उत्पादों पर 50% तक भारी टैरिफ लगाया था। इसके पीछे का कारण भी भारत की रूस से तेल खरीद बताया गया था। अब ट्रंप ने इस टैरिफ को और बढ़ाने की बात दोहराई है।
ट्रंप के बयान की खास बातें:
ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते हुए कहा कि वे अच्छे इंसान हैं, लेकिन अमेरिका और मैं भारत की रूस से तेल खरीद पर खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर भारत हमारी मदद नहीं करता, तो हम जल्दी ही टैरिफ बढ़ा सकते हैं। ट्रंप के अलग-अलग दावे भी सामने आए हैं। कुछ समय पहले उन्होंने कहा था कि मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि भारत रूस से तेल खरीद बंद कर देगा, लेकिन भारत ने इस दावे को खारिज कर दिया। अब ट्रंप ने कहा कि भारत ने तेल खरीद जारी रखी है और इस वजह से टैरिफ बढ़ाया जा सकता है।
भारत और रूस का संबंध:
भारत के लिए रूस एक भरोसेमंद ऊर्जा सहयोगी है। सस्ता तेल मिलने के कारण भारत को आर्थिक फायदा होता है। वहीं, ट्रंप का कहना है कि रूस इस तेल के जरिए यूक्रेन में युद्ध को वित्तपोषित कर रहा है और इसलिए भारत और चीन जैसे देशों को रूस से तेल खरीद बंद करना चाहिए।
ट्रंप और अमेरिका-भारत संबंध:
ट्रंप का यह रुख अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों में तनाव पैदा कर सकता है। पिछले कुछ समय से दोनों देशों के बीच लंबित ट्रेड डील भी इसी तनाव का असर दिखाती है। ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाकर दबाव बनाने की कोशिश की, लेकिन भारत ने साफ किया कि आर्थिक फायदे के आधार पर रूस से तेल खरीद जारी रखी जाएगी।
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