भारत अब नंबर-3 पर, अमेरिका और चीन को सीधी टक्कर!

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टार्टअप इंडिया के 10 साल पूरे होने के मौके पर युवा उद्यमियों से बातचीत में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की प्रगति और भविष्य की योजनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आने वाले दस वर्षों में भारत का लक्ष्य नई टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप इनोवेशन में दुनिया के अग्रणी देशों के स्तर तक पहुंचना है।

तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बना भारत

2016 में लॉन्च किए गए स्टार्टअप इंडिया मिशन की शुरुआत के समय देश में मात्र 500 से भी कम स्टार्टअप्स थे। आज उनकी संख्या दो लाख से अधिक हो गई है। इसी तेजी के चलते भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इन स्टार्टअप्स में से 45 प्रतिशत में कम से कम एक महिला निदेशक शामिल है, जो महिला उद्यमियों की भागीदारी को दर्शाता है।

मैन्यूफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी पर जोर

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब स्टार्टअप्स को केवल डिजिटल प्रोडक्ट्स तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें मैन्यूफैक्चरिंग, उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद और नए-नए टेक्नोलॉजी सेक्टर पर भी ध्यान देना होगा। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में भारतीय स्टार्टअप्स को नेतृत्व देना है। मोदी ने स्पष्ट किया कि स्वदेशी AI भारतीय प्रतिभा द्वारा विकसित हो और भारतीय सर्वरों पर संचालित हो।

जोखिम लेना अब सम्मान की बात

पीएम मोदी ने बताया कि पहले देश में जोखिम लेने के प्रयासों को हतोत्साहित किया जाता था, जबकि अब इसे मुख्य धारा का हिस्सा माना जाता है। प्रधानमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि देश के लिए जरूरी निर्णय लेने के लिए जोखिम उठाना जरूरी है।

AI और नई टेक्नोलॉजी के अवसर

प्रधानमंत्री ने कहा कि AI और अन्य उभरते हुए क्षेत्रों में स्टार्टअप्स की भूमिका अहम होगी। ये क्षेत्र न केवल आर्थिक सुरक्षा बढ़ाएंगे, बल्कि भारत को वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में मजबूत बनाएंगे।

वैश्विक नेतृत्व का लक्ष्य

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि स्टार्टअप इंडिया मिशन केवल एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि एक विजन है, जो विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि अगले 10 साल में भारत स्टार्टअप्स के माध्यम से वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर होगा।

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