कैबिनेट की बैठक में कुल 14 प्रस्ताव रखे गए, जिनमें से 13 को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद वित्त एवं संसदीय मामलों के मंत्री सुरेश खन्ना ने मीडिया को बताया कि यह निर्णय प्रदेश के विकास, रोजगार सृजन, पारिवारिक संपत्ति प्रबंधन और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अब केवल 5 हजार में प्रॉपर्टी ट्रांसफर
स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि नए नियम के तहत अब परिवार के रक्त संबंधियों के बीच किसी भी प्रकार की संपत्ति चाहे वह आवासीय, कृषि, व्यावसायिक या औद्योगिक हो गिफ्ट डीड के माध्यम से हस्तांतरित करने पर सिर्फ 5 हजार रुपये स्टांप शुल्क देना होगा।
पहले यह शुल्क संपत्ति के बाजार मूल्य के आधार पर बहुत अधिक होता था, जिससे अक्सर लोग रजिस्ट्री कराने से बचते थे और पारिवारिक विवाद बढ़ते थे। मंत्री के अनुसार, इस कदम से पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे और हस्तांतरण की प्रक्रिया सरल होगी। इससे न केवल मुकदमेबाजी में कमी आएगी, बल्कि लोग आसानी से लोन लेने जैसी सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे। उन्होंने इसे "परिवारों के लिए बड़ी राहत" करार दिया।
विशेषज्ञों की क्या है राय?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह निर्णय परिवारों के लिए वित्तीय बोझ कम करने के साथ-साथ संपत्ति विवाद को घटाने में भी मदद करेगा। साथ ही, यह प्रदेश में रजिस्ट्री और संपत्ति के कानूनी लेन-देन को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए यह कदम निश्चित रूप से आर्थिक और पारिवारिक स्थिरता दोनों के लिए लाभकारी साबित होगा।

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