भारत की आर्थिक प्रगति
पिछले कुछ दशकों में भारत ने धीमे लेकिन स्थिर कदमों से आर्थिक मजबूती हासिल की है। 1962 में देश की प्रति व्यक्ति आय महज 90 डॉलर थी, जबकि अब यह करीब 3,000 डॉलर तक पहुंच चुकी है। कोरोना महामारी जैसी चुनौतियों के बावजूद अर्थव्यवस्था ने अपनी गति बरकरार रखी है।
5 ट्रिलियन डॉलर का लक्ष्य
SBI की रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि वर्तमान विकास दर जारी रहती है, तो भारत 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के करीब होगा। गौरतलब है कि भारत को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने में लगभग छह दशक लगे, लेकिन इसके बाद विकास की गति तेज हो गई। दूसरा ट्रिलियन डॉलर लगभग 7 साल में, तीसरा ट्रिलियन 2021 तक, चौथा ट्रिलियन 2025 तक, पांचवां ट्रिलियन 2027 तक संभव।
प्रति व्यक्ति आय में तेज़ उछाल
रिपोर्ट के मुताबिक भारत ने 1962 से 2026 तक लो-इनकम से लोअर-मिडिल इनकम देश बनने में करीब 60 साल लगाए, और 2030 तक प्रति व्यक्ति आय 4,000 डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है, जिससे करोड़ों भारतीयों की जीवन शैली में सुधार की उम्मीद है।
2047 का बड़ा लक्ष्य: हाई-इनकम देश
भारत सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक भारत एक हाई-इनकम देश बने, जिसके लिए प्रति व्यक्ति आय को लगभग 13,936 डॉलर तक पहुंचाना होगा। SBI का मानना है कि अगर देश औसतन 7.5% की वार्षिक वृद्धि बनाए रखता है, तो यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसके लिए शिक्षा, रोजगार, उद्योग, निर्यात और संरचनात्मक सुधारों पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा।
वर्तमान में भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते देशों में शामिल है। 1990 में केवल 39 देश हाई-इनकम थे, जबकि 2024 तक यह संख्या बढ़कर 87 हो गई है। SBI की रिपोर्ट संकेत देती है कि भारत इस तेज़ी से विकास के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ रहा है। इस रिपोर्ट के अनुसार, यदि भारत ने निरंतर सुधार और निवेश की गति बनाए रखी, तो आने वाले वर्षों में वह वैश्विक आर्थिक नक्शे पर चीन जैसी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को चुनौती दे सकता है।

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