बिहार में शिक्षकों के लिए बड़ा फरमान, व‍िभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी

पटना। बिहार सरकार ने सरकारी शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर के हस्ताक्षरित मार्गदर्शिका के अनुसार अब अंतरजिला स्थानांतरण वाले सभी शिक्षकों के लिए स्थानांतरित विद्यालयों में योगदान देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जो शिक्षक इस दिशा में सहयोग नहीं करेंगे, उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आदेश का उद्देश्य और पालन

शिक्षा विभाग के इस आदेश का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्थानांतरित शिक्षक अपने आवंटित विद्यालयों में पूरी जिम्मेदारी के साथ योगदान दें। सभी जिलों को निर्देशित किया गया है कि वे मार्गदर्शिका का तुरंत पालन करें।

23 जिलों में स्कूल आवंटन

बता दें की अब तक 23 जिलों में अंतरजिला स्थानांतरित शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए जा चुके हैं। इनमें लखीसराय, जहानाबाद, मधुबनी, समस्तीपुर, भोजपुर, कटिहार, मुजफ्फरपुर, खगड़िया, पश्चिमी चंपारण, सारण, सिवान और जमुई प्रमुख हैं। वहीं, कुछ जिलों में स्कूल आवंटन प्रक्रिया अभी प्रगति पर है और शेष जिलों में यह प्रक्रिया हाल ही में शुरू हुई है। शिक्षकों को उनके आवंटन के लिए ई-शिक्षा कोष का सहारा लिया जा रहा है।

शिक्षकों में असुविधा और संकोच

दरअसल अंतरजिला स्थानांतरण के लिए ई-शिक्षा कोष के माध्यम से कुल 41,689 शिक्षकों ने आवेदन किया, जिनमें से 27,171 शिक्षकों का जिला स्तर पर आवंटन किया गया। इन शिक्षकों में 22,928 को प्रखंडों के विकल्प भी दिए गए। हालांकि, कई शिक्षक वर्तमान पदस्थापन वाले विद्यालय में ही बने रहना चाहते हैं क्योंकि वहां आवागमन सुविधाजनक है। लेकिन मार्गदर्शिका में ऐसा विकल्प नहीं होने के कारण उन्हें स्थानांतरित विद्यालय में योगदान देना अनिवार्य है, जिससे कुछ शिक्षक असुविधा महसूस कर रहे हैं।

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