यूपी में पुलिसकर्मियों को खुशखबरी, नई ट्रांसफर पॉलिसी लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग में तैनात कर्मचारियों के लिए एक अहम बदलाव लागू किया गया है। पुलिस महानिरीक्षक (स्थापना) मोदक राजेश जी राव द्वारा जारी नए निर्देशों के तहत अब ट्रांसफर और पोस्टिंग की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और नियमबद्ध बनाया गया है। खास बात यह है कि अब यूपी पुलिस में कार्यरत पति-पत्नी को अनुकंपा के आधार पर ट्रांसफर का लाभ मिलेगा। साथ ही कुछ विशेष परिस्थितियों में भी कर्मचारियों को राहत देने का प्रावधान किया गया है।

सेवा विवरण होगा अनिवार्य

नए आदेशों में साफ कहा गया है कि स्पष्ट सेवा विवरण के अभाव में कर्मचारियों को ट्रांसफर से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को दूर करने के लिए 14 बिंदुओं को तय किया गया है, जिनके आधार पर अब अनुकंपा के आधार पर स्थानांतरण पर विचार किया जाएगा। इससे निर्णय लेने में देरी कम होगी और कर्मचारियों को भटकना नहीं पड़ेगा।

2019–22 तक के मामलों पर विचार

पुलिस स्थापना बोर्ड ने जिलों में रिक्त पदों और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह तय किया है कि सामान्य मामलों में वर्ष 2019 से 2022 तक भर्ती हुए सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबलों के अनुकंपा ट्रांसफर पर विचार किया जाएगा। वहीं 2019 के बाद भर्ती हुए सब-इंस्पेक्टर और कांस्टेबलों के पति-पत्नी मामलों में भी अनुकंपा के आधार पर स्थानांतरण संभव होगा।

पति-पत्नी ट्रांसफर के प्रावधान

यदि पति-पत्नी दोनों यूपी पुलिस में कार्यरत हैं, तो ऐसे मामलों में मुख्यालय में उपस्थित होने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए दोनों के पुलिस परिचय पत्रों की सत्यापित प्रतियां अनिवार्य रूप से संलग्न करनी होंगी। केवल ऐसे ही प्रकरण मुख्यालय को भेजे जाएंगे।

गृह जनपद से जुड़ी व्यवस्था

जारी नीति के अनुसार शासनादेश और विभागीय तबादला नियमों के तहत: इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर को उनके गृह जनपद के सीमावर्ती जिले में। हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल को गृह जनपद या उससे सटे जनपद में नियुक्त किया जाएगा इससे स्थानीय संतुलन और प्रशासनिक सुविधा बनी रहेगी।

गंभीर बीमारी में मिलेगी राहत

नई पॉलिसी में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जो पुलिस कर्मचारी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें अनुकंपा के आधार पर ट्रांसफर दिया जा सकता है। इसके लिए संबंधित जनपद और इकाई प्रभारी के समक्ष अनुरोध करना होगा। मेडिकल सर्टिफिकेट और इलाज से संबंधित स्पष्ट रिपोर्ट के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

हर ट्रांसफर अनुरोध नहीं होगा स्वीकार

पुलिस मुख्यालय ने साफ किया है कि केवल अपने जनपद या कमिश्नरेट में वापस आने की इच्छा के आधार पर ट्रांसफर पर विचार नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों को मुख्यालय भेजने से भी मना किया गया है। हालांकि, गंभीर बीमारी, निकट सेवा निवृत्ति जैसी विशेष परिस्थितियों में स्पष्ट संस्तुति के साथ प्रस्ताव भेजा जा सकता है।

मुख्यालय में उपस्थिति के सख्त नियम

मुख्यालय में ट्रांसफर से संबंधित मामलों के लिए: कर्मचारी 11:00 बजे से 1:00 बजे के बीच ही उपस्थित हो सकेंगे। केवल कर्मचारी स्वयं आएगा, रिश्तेदार या परिचितों को अनुमति नहीं होगी। बिना अनुमति अवकाश लेकर मुख्यालय आने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 

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