बिहार में गिग वर्कर्स के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी राहत!

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है। राज्य सरकार ने पहली बार गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने का ठोस फैसला लिया है। नई नियमावली के लागू होने के बाद 1 अप्रैल 2026 से गिग वर्कर्स को न्यूनतम वेतन, स्वास्थ्य सुविधाएं, कार्यस्थल सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा जैसी अहम सुविधाएं मिलेंगी।

नई नियमावली: मुख्य बिंदु

श्रम संसाधन विभाग ने इस नियमावली को चार केंद्रीय श्रम संहिताओं के अनुरूप तैयार किया है। नियमावली लागू होने के बाद गिग वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ लेने के लिए कम से कम 120 दिन काम करने की शर्त पूरी करनी होगी। इसके तहत एक दिन के लिए एक एग्रीगेटर के साथ काम करने वाले को एक कार्य दिवस माना जाएगा। यदि कोई एक ही दिन में तीन अलग-अलग एग्रीगेटर के साथ काम करता है, तो उसे तीन कार्य दिवस के रूप में गिना जाएगा।

एग्रीगेटरों की जिम्मेदारी

हर एग्रीगेटर को अपने प्लेटफार्म पर जुड़े गिग वर्कर्स का विवरण तिमाही आधार पर पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। यदि वे समय पर विवरण अपलोड नहीं करते, तो संबंधित कामगार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं। यह कदम एग्रीगेटरों की जवाबदेही सुनिश्चित करेगा।

सामाजिक सुरक्षा खाता

नियमावली में गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स के लिए अलग सामाजिक सुरक्षा खाता बनाने का प्रावधान रखा गया है। अगर एग्रीगेटर समय पर योगदान जमा नहीं करता है, तो उसे प्रति माह एक प्रतिशत ब्याज देना होगा। अंतिम योगदान जमा करने की तारीख 30 जून और विवरण जमा करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

पंजीकरण प्रक्रिया

पात्र असंगठित कामगार स्व-घोषणा के आधार पर केंद्र सरकार के पोर्टल पर पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए आधार कार्ड और आवश्यक दस्तावेजों का होना अनिवार्य है। इस पहल से बिहार में लाखों गिग और प्लेटफार्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा। राज्य सरकार की यह पहल न केवल रोजगार की गुणवत्ता बढ़ाएगी, बल्कि श्रमिकों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।

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