सीएम नीतीश का एक और बड़ा फैसला, जनता के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए प्रशासनिक व्यवस्था में एक अहम बदलाव की घोषणा की है। इस फैसले के बाद राज्य के लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। अब तय दिनों में अधिकारी खुद अपने कार्यालय में मौजूद रहेंगे और जनता की शिकायतें सुनेंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार, 7 जनवरी 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए इस नई पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नई सरकार के गठन के बाद राज्य को देश के अग्रणी विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने के उद्देश्य से “सात निश्चय-3” कार्यक्रम लागू किया गया है। इसी के तहत सातवां निश्चय “सबका सम्मान–जीवन आसान” है, जिसका मकसद आम नागरिकों की रोजमर्रा की परेशानियों को कम करना है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि अक्सर यह देखा गया है कि जब आम लोग अपनी शिकायत लेकर सरकारी कार्यालय पहुंचते हैं तो संबंधित अधिकारी मौजूद नहीं रहते। इससे लोगों को न सिर्फ समय की बर्बादी होती है, बल्कि उन्हें अनावश्यक असुविधा का भी सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने यह नया कदम उठाया है।

क्या होगी नई व्यवस्था?

मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार, अब राज्य भर के सरकारी कार्यालयों में हर सप्ताह दो कार्यदिवस सोमवार और शुक्रवार को जनता की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।

1 .ग्राम पंचायत से लेकर थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर तक के सभी कार्यालयों में संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित कार्यालय कक्ष में मौजूद रहेंगे।

2 .इन दिनों अधिकारी आम लोगों से सम्मानपूर्वक मिलेंगे, उनकी बात गंभीरता से सुनेंगे और शिकायतों के त्वरित समाधान का प्रयास करेंगे।

3 .सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों के लिए बैठने की उचित व्यवस्था, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

4 .प्राप्त शिकायतों को दर्ज करने के लिए पंजी रखी जाएगी और उनके निरंतर अनुश्रवण की भी व्यवस्था होगी।

कब से लागू होगी योजना?

सरकार ने इस नई व्यवस्था को 19 जनवरी 2026 से पूरे राज्य में लागू करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इससे न केवल आम जनता को सुविधा मिलेगी, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही भी बढ़ेगी और शिकायतों का समाधान तेजी से हो सकेगा।

जनता को क्या मिलेगा फायदा?

इस फैसले से बिहार के लोगों को अब अधिकारियों से मिलने के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। तय दिनों में सीधे संवाद की सुविधा मिलने से पारदर्शिता बढ़ेगी और “सरकार आपके द्वार” की भावना को मजबूती मिलेगी। कुल मिलाकर, यह कदम बिहार में प्रशासन और जनता के बीच दूरी को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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