मील का पत्थर साबित होगा यह प्रोजेक्ट
करीब 42 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे का मुख्य गेटवे गाजीपुर के महाराजगंज में बनाया जाएगा। इसे वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन से सीधे जोड़ा जाएगा। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि गोरखपुर, मऊ और आजमगढ़ से आने वाले राहगीर अब वाराणसी शहर के जाम में फंसे बिना सीधे चंदौली और बिहार की सीमा तक पहुँच सकेंगे। इससे समय और ईंधन की भारी बचत होगी।
सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान
NHAI के उप प्रबंधक संकेत मंगला ने बताया कि थ्री-डी मैपिंग के आधार पर मार्ग पूरी तरह स्पष्ट हो गया है। अब जिला प्रशासन के सहयोग से संबंधित गांवों की भूमि की पैमाइश और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस एक्सप्रेस-वे में सुरक्षा और सुविधा के लिए आधुनिक मानकों का पालन किया जाएगा
आपको बता दें की यह ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे न केवल उत्तर प्रदेश के पूर्वी जिलों की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा, बल्कि यात्रियों और व्यापारियों के लिए जीवन को आसान और तेज़ बनाएगा। यह प्रोजेक्ट क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों और निवेश के लिए भी मील का पत्थर साबित होगा। टेंडर प्रक्रिया के तुरंत बाद इसका निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया जायेगा।

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