मुजफ्फरपुर। बिहार में लंबे समय से प्रोन्नति का इंतजार कर रहे नियोजित शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। करीब 23 वर्षों के अंतराल के बाद राज्य सरकार ने ऐसे शिक्षकों को पदोन्नति देने का निर्णय लिया है, जिससे हजारों शिक्षकों में खुशी की लहर है।
यह लाभ पंचायत, प्रखंड, नगर निगम, नगर परिषद और जिला परिषद के अंतर्गत नियोजित शिक्षकों को मिलेगा। तय मानकों के अनुसार, जिन शिक्षकों ने न्यूनतम 12 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें अगले वेतनमान में पदोन्नति दी जाएगी। इस संबंध में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) की ओर से सभी नियोजन इकाइयों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू
निर्देशों के मुताबिक, पात्र शिक्षकों की सूची निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जानी है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिला शिक्षा विभाग के इस फैसले से शिक्षकों में लंबे समय से चली आ रही निराशा अब उम्मीद में बदलती नजर आ रही है।
शिक्षक संगठनों ने जताई खुशी
जिला और प्रमंडलीय स्तर के कई शिक्षक नेताओं ने इस फैसले पर संतोष व्यक्त किया है। उनका मानना है कि वर्षों से अटकी पदोन्नति प्रक्रिया के शुरू होने से शिक्षकों को आर्थिक और मानसिक दोनों रूप से राहत मिलेगी। कई शिक्षकों ने इसे सरकार का सकारात्मक और समयोचित फैसला बताया है।
परीक्षा को लेकर अवकाश पर लगी रोक
इधर, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित होने वाली इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने एक अहम आदेश जारी किया है। फरवरी माह में होने वाली परीक्षाओं के दौरान सरकारी विद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है।
जारी आदेश के अनुसार, शिक्षक और कर्मचारी केवल सरकारी कैलेंडर में घोषित अवकाश का ही उपयोग कर सकेंगे। विद्यालय स्तर या प्रखंड स्तर पर किसी भी प्रकार का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। केवल विशेष परिस्थितियों में जिला स्तर पर गठित समिति की अनुशंसा के बाद ही अवकाश संभव होगा।

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