यूपी में स्कूली छात्रों के लिए खुशखबरी: सभी जिलों को निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूली छात्रों की शैक्षिक गुणवत्ता और सोचने–समझने की क्षमता को मजबूत करने के लिए एक नई पहल की है। अब प्रदेश के सभी बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए अखबार पढ़ना अनिवार्य किया गया है। इसका सीधा असर छात्रों की भाषा, सामान्य ज्ञान और प्रस्तुति कौशल पर देखने को मिलेगा।

यूपी दिवस पर दिखेगा नई पहल का असर

उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर 23, 24 और 26 जनवरी को प्रदेशभर के स्कूलों में तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में छात्र समाचार पत्रों के आधार पर लेख, भाषण और संक्षिप्त प्रस्तुति तैयार करेंगे। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धक पुस्तकों के रूप में पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की स्थापना 24 जनवरी 1950 को हुई थी। इसी ऐतिहासिक दिन की याद में वर्ष 2018 से हर साल यूपी दिवस मनाया जा रहा है, ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक प्रगति और विकास यात्रा को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।

‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत’ होगी थीम

इस वर्ष यूपी दिवस समारोह की मुख्य थीम ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत’ रखी गई है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस संबंध में सभी स्कूलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों के अनुसार, प्राथमिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक शैक्षिक और सांस्कृतिक गतिविधियां कराई जाएंगी।

तीन दिन का पूरा कार्यक्रम

23 जनवरी: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती

इस दिन नेताजी के जीवन, उनके योगदान और स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े विषयों पर वाद-विवाद, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। साथ ही अखबार आधारित लेखन और प्रस्तुति प्रतियोगिताओं के जरिए छात्रों में पढ़ने की आदत को बढ़ावा दिया जाएगा।

24 जनवरी: यूपी दिवस

इस दिन ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत’ विषय पर प्रश्नोत्तरी, वाद-विवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और विचार अभिव्यक्ति से जुड़ी गतिविधियां होंगी। इसके साथ ही राष्ट्रीय मतदाता दिवस की थीम ‘माई इंडिया, माई वोट’ पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

26 जनवरी: गणतंत्र दिवस

स्कूलों में झंडारोहण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सभी प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

सख्ती से पालन के निर्देश

महानिदेशक स्कूल शिक्षा, निदेशक बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, मंडलीय अधिकारी, डीआईओएस और बीएसए को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कार्यक्रम समयबद्ध, अनुशासित और गंभीरता के साथ आयोजित किए जाएं। यह पहल न केवल छात्रों को समसामयिक घटनाओं से जोड़ने वाली है, बल्कि उनकी भाषा, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाई देने का काम करेगी।

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