बिहार के सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था, छात्रों को खुशखबरी

मुजफ्फरपुर। बिहार में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का तरीका अब आधुनिक तकनीक पर आधारित होने जा रहा है। ब्रह्मपुरा और साहेबगंज के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन की पहल से निशुल्क डिजिटल शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों दोनों को डिजिटल और कंप्यूटर कौशल में प्रशिक्षित करना है।

छात्रों के लिए प्रशिक्षण

इस पहल के तहत छात्रों को कंप्यूटर की बुनियादी जानकारी, डिजिटल कौशल, सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और आधुनिक सूचना प्रौद्योगिकी की ट्रेनिंग दी जाएगी। इससे छात्र निजी स्कूलों के छात्रों के साथ तकनीकी क्षमता के मामले में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे और भविष्य के लिए बेहतर तैयार होंगे।

शिक्षकों का सशक्तिकरण

सरकारी स्कूलों के शिक्षक भी साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल टूल्स जैसे चैट GPT में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। यह उन्हें पढ़ाई का तरीका और अधिक रोचक और प्रभावी बनाने में मदद करेगा।

संस्थाओं और साझेदारी

यह कार्यक्रम सुविक्सन वेलफेयर फाउंडेशन और NIELIT पटना के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण सामग्री हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगी, ताकि सभी छात्र इसे आसानी से समझ सकें।

लाभ और प्रमाण पत्र

छात्रों को निशुल्क कंप्यूटर पुस्तकें दी जाएंगी और पाठ्यक्रम पूरा करने पर प्रमाण पत्र भी मिलेगा। योजना का विस्तार जिले के करीब 100 सरकारी स्कूलों तक किया जाएगा।

स्थानीय रोजगार

जिलाधिकारी के अनुसार, इस पहल से छात्रों को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर मिलेंगे और बिहार से बाहर पलायन कम करने में भी मदद मिलेगी। डिजिटल साक्षरता के साथ छात्रों का करियर और शिक्षा दोनों मजबूत होंगे।

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