योजना के मुख्य बिंदु
योजना के तहत किसानों को पॉपिंग मशीन जैसी उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
10,000 रुपये से कम कीमत वाली मशीनों के लिए कोई टोकन राशि नहीं होगी।
अधिक मूल्य वाली मशीनों के लिए 5,000 रुपये का टोकन देना होगा।
मशीन का उपयोग करके किसान घर पर ही पॉपकॉर्न या अन्य मक्का उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचकर अतिरिक्त आय कमा सकते हैं।
योजना से किसानों को लाभ
उत्तर प्रदेश मक्का उत्पादन के मामले में देश में चौथे स्थान पर है। प्रदेश में मक्का का उपयोग मुख्य रूप से पोल्ट्री फीड, प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ, स्टार्च, एथेनॉल और एनीमल फीड के लिए होता है। इसके अलावा, होटल उद्योग में स्वीट कॉर्न और बेबी कॉर्न की मांग भी लगातार बढ़ रही है।
खेती और उत्पादन की जानकारी
यूपी में मक्का की खेती तीनों मौसम – खरीफ, रबी और जायद – में होती है, लेकिन खरीफ मौसम मुख्य माना जाता है। वर्तमान में प्रदेश में मक्का का क्षेत्रफल 10.85 लाख हेक्टेयर है। कुल उत्पादन लगभग 30.55 मीट्रिक टन और औसत उत्पादकता 28.15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है। इस योजना से किसान अपने कृषि व्यवसाय को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आय में वृद्धि कर सकते हैं और मक्का से जुड़ी अन्य व्यापारिक गतिविधियों में भी अवसर पा सकते हैं।
आवेदन की प्रक्रिया और कब तक समय
योजना का लाभ उठाने के लिए किसान को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण और ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। इच्छुक किसान आवेदन 21 जनवरी तक कर सकते हैं।
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