एक करोड़ पेंशनधारकों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रदेश में फिलहाल करीब एक करोड़ लोग अलग-अलग सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से जुड़े हुए हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या वृद्धावस्था पेंशन पाने वालों की है, जबकि निराश्रित विधवा महिलाएं और दिव्यांगजन भी बड़ी तादाद में इन योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। सरकार मानती है कि पेंशन राशि में बढ़ोतरी का असर केवल लाभार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके परिवारों के जरिए यह संदेश करोड़ों मतदाताओं तक पहुंचेगा।
पहले भी बढ़ चुकी है पेंशन राशि
योगी सरकार के सत्ता में आने से पहले पेंशन की राशि 300 रुपये प्रतिमाह थी। वर्ष 2017 के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया गया। पहले 200 रुपये की बढ़ोतरी की गई, फिर एकमुश्त 500 रुपये बढ़ाकर पेंशन को 1000 रुपये प्रतिमाह किया गया। अब तीसरी बार बढ़ोतरी की योजना बनाई जा रही है, जिससे पेंशनधारकों को महंगाई के दौर में अतिरिक्त सहारा मिल सके।
चुनावी रणनीति से भी जुड़ा फैसला
राजनीतिक दृष्टि से भी पेंशन बढ़ोतरी को बेहद अहम माना जा रहा है। महंगाई, रोजगार और आय जैसे मुद्दों पर विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में पेंशन में बढ़ोतरी को सरकार एक बड़ी राहत और उपलब्धि के रूप में पेश करना चाहती है। खासकर ग्रामीण इलाकों में बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगजनों के बीच इससे सकारात्मक भावनात्मक जुड़ाव बनाने की रणनीति है।
बजट में हो सकती है घोषणा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार ने संबंधित विभागों से लाभार्थियों की संख्या और संभावित अतिरिक्त खर्च का आकलन मांगा है। इस आधार पर आने वाले बजट में पेंशन बढ़ाने की औपचारिक घोषणा की जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो यह फैसला सरकार के सामाजिक सुरक्षा एजेंडे को और मजबूत करेगा।
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