इस नई व्यवस्था के तहत बुजुर्गों को उनके घर पर ही जमीन निबंधन (Registration) की सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। यह कदम विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए लाभकारी साबित होगा, जो स्वास्थ्य संबंधी या यात्रा की कठिनाइयों के कारण सरकारी दफ्तरों तक पहुँचने में असमर्थ हैं।
सरकारी अधिकारियों का कहना है कि इस सेवा का उद्देश्य बुजुर्गों के समय और श्रम की बचत करना है और उन्हें सरकारी प्रक्रियाओं में आसानी प्रदान करना है। घर पर रजिस्ट्री की सुविधा मिलने से न केवल बुजुर्गों का जीवन सरल होगा, बल्कि यह सरकारी कार्यप्रणाली को भी और अधिक लोगों तक पहुँचाने में मदद करेगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना को राज्य में डिजिटल और ऑनलाइन सेवाओं को बढ़ावा देने के प्रयास के हिस्से के रूप में बताया। यह पहल राज्य में बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकारी सेवाओं को अधिक सुलभ और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बिहार के बुजुर्ग नागरिक अब बिना दफ्तर जाए, अपने घर की सुविधा में बैठकर जमीन की रजिस्ट्री करा सकेंगे। यह पहल सामाजिक न्याय और सेवा की भावना को मजबूत करती है और राज्य सरकार की जनहितैषी नीतियों का एक उदाहरण है।

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