जीविका दीदियों को मिलेगा आर्थिक संबल
मुजफ्फरपुर जिले में सात लाख से अधिक जीविका दीदियां मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लाभान्वित हो रही हैं। योजना के अंतर्गत प्रत्येक दीदी को 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है, जिससे उन्होंने छोटे-छोटे स्वरोजगार शुरू किए हैं। कहीं बकरी पालन हो रहा है तो कहीं सब्जी, सिलाई या किराने की दुकान के जरिए महिलाएं अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं।
6 महीने बाद मिलेंगे 2-2 लाख
योजना की खास बात यह है कि छह महीने के बाद दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा। इस दौरान यह देखा जाएगा कि शुरू किया गया स्वरोजगार कितना लाभकारी रहा, महिलाएं उसे आगे जारी रखना चाहती हैं या नहीं और उसका भविष्य कैसा हो सकता है। अगर आकलन सकारात्मक रहा तो संबंधित जीविका दीदियों को दो-दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। इससे वे अपने व्यवसाय को और बड़ा रूप दे सकेंगी।
मजदूरों के लिए भी खुशखबरी
महिलाओं के साथ-साथ मजदूर वर्ग के लिए भी राहत की खबर है। विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन के तहत जिले के करीब 3.76 लाख मजदूरों को अब साल में 125 दिन का रोजगार मिलेगा। पहले जहां 100 दिन का काम मिलता था, अब इसमें बढ़ोतरी की गई है। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए बायोमीट्रिक हाजिरी और मोबाइल एप के जरिए ई-केवाईसी की व्यवस्था की जा रही है।
ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान
योजना की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए पंचायतों में ग्रामसभाओं का आयोजन किया जा रहा है। यहां मजदूरों को उनके अधिकार, काम के दिनों और भुगतान की प्रक्रिया के बारे में बताया जा रहा है। कुल मिलाकर, ये योजनाएं बिहार में महिलाओं और मजदूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं।
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