1. आयोग का गठन और प्रमुख सदस्य
केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। आयोग की अध्यक्षता रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। इसके अलावा 1990 बैच के आईएएस अधिकारी पंकज जैन को मेंबर-सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष को पार्ट-टाइम सदस्य बनाया गया है। इन नियुक्तियों के साथ ही कर्मचारियों को उम्मीद थी कि जल्द ही सैलरी बढ़ोतरी की घोषणा होगी।
2. 1 जनवरी 2026 से सैलरी क्यों नहीं बढ़ी?
सरकार ने पहले नोटिफिकेशन में कहा था कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी से लागू होंगी। लेकिन आयोग की रिपोर्ट अभी तक सरकार को सौंपना बाकी है। जब तक रिपोर्ट को मंजूरी नहीं मिलती, नई सैलरी लागू नहीं की जा सकती। इसलिए जनवरी से कर्मचारियों की सैलरी में कोई बदलाव नहीं हुआ।
3. सैलरी में बढ़ोतरी कितनी हो सकती है?
विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार बढ़ोतरी काफी बड़ी हो सकती है। न्यूनतम वेतन वर्तमान 18,000 रुपये से बढ़ाकर लगभग 36 से 50 हजार रुपये प्रति माह तक हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो सरकारी सैलरी संरचना प्राइवेट सेक्टर के करीब आ जाएगी।
4 .एरियर का क्या होगा?
सरकार की नियमावली के मुताबिक, नई सैलरी लागू होने के बाद भी एरियर की गणना 1 जनवरी 2026 से की जाएगी। इसका मतलब है कि जैसे ही वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होंगी, कर्मचारियों और पेंशनर्स को पिछली तारीख से ही एरियर मिलेगा।
5. नई सैलरी कब लागू होगी?
फिलहाल सरकार या आयोग ने कोई निश्चित तारीख नहीं दी है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि पिछली बार की देरी से बचने के लिए इस बार सिफारिशें अपेक्षा से पहले लागू की जा सकती हैं। कर्मचारियों को अब आयोग की रिपोर्ट और सरकार के निर्णय का इंतजार करना होगा।

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