अब 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर तीन संभावित आंकड़े सामने आ रहे हैं, 1.92, 2.08 और 2.86। इन्हीं के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय होने की संभावना है।
फिटमेंट फैक्टर की भूमिका
फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक पे को गुणा कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। फॉर्मूला स्पष्ट है— नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर। जितना अधिक फिटमेंट फैक्टर होगा, उतनी ही अधिक सैलरी में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
Level-1 से Level-5 तक संभावित सैलरी
अनुमानों के मुताबिक, यदि अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू होते हैं, तो सैलरी में इस तरह बदलाव आ सकता है
Level-1 (₹18,000 बेसिक)
1.92 फैक्टर पर ₹34,560
2.08 फैक्टर पर ₹37,440
2.86 फैक्टर पर ₹51,480
Level-2 (₹19,900 बेसिक)
1.92 फैक्टर पर ₹38,208
2.08 फैक्टर पर ₹41,392
2.86 फैक्टर पर ₹56,914
Level-3 (₹21,700 बेसिक)
1.92 फैक्टर पर ₹41,664
2.08 फैक्टर पर ₹45,136
2.86 फैक्टर पर ₹62,062
Level-4 (₹25,500 बेसिक)
1.92 फैक्टर पर ₹48,960
2.08 फैक्टर पर ₹53,040
2.86 फैक्टर पर ₹72,930
Level-5 (₹29,200 बेसिक)
1.92 फैक्टर पर ₹56,064
2.08 फैक्टर पर ₹60,736
2.86 फैक्टर पर ₹83,512
न्यूनतम वेतन में बड़ी छलांग की उम्मीद
अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 तय किया जाता है, तो न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹51,000 से अधिक हो सकता है। हालांकि, इससे सरकार पर वित्तीय बोझ भी काफी बढ़ेगा। वहीं 1.92 या 2.08 जैसे विकल्प अपेक्षाकृत संतुलित माने जा रहे हैं।
भत्तों पर भी पड़ेगा असर
बेसिक सैलरी बढ़ने का सीधा असर महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), पेंशन और ग्रेच्युटी पर भी पड़ेगा। इसी कारण 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों में खासा उत्साह है। फिलहाल ये सभी आंकड़े अनुमान पर आधारित हैं। 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक सिफारिशें और सरकार की मंजूरी के बाद ही वास्तविक तस्वीर साफ होगी। तब तक कर्मचारियों की निगाहें फिटमेंट फैक्टर के अंतिम फैसले पर टिकी हुई हैं।

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