इस पहल का श्रेय जाता है राज्य के परिवहन एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार को। हाल ही में मंत्री ने विभिन्न बस डिपो का निरीक्षण किया था और वहां खाने-पीने की खराब व्यवस्था देखी। उन्होंने कहा कि लंबी यात्रा के दौरान यात्रियों और चालक दल को उचित भोजन की सुविधा मिलनी चाहिए, नहीं तो यह बड़ी परेशानी बन जाती है। निरीक्षण के बाद मंत्री ने डिपो में जीविका दीदी की रसोई शुरू करने के निर्देश जारी किए।
पहले चरण में 19 बस डिपो शामिल
सरकार के अनुसार पहले चरण में जिन 19 डिपो में यह सुविधा शुरू होगी, उनमें शामिल हैं: बांकीपुर, फुलवारी शरीफ, मुजफ्फरपुर, आरा, बिहार शरीफ, सीतामढ़ी, मोतिहारी, छपरा, सिवान, दरभंगा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा। आगामी समय में योजना को और अधिक डिपो तक विस्तारित करने की संभावना है।
अस्पतालों और कार्यालयों में भी दीदी
‘जीविका दीदी की रसोई’ पहले से ही अस्पतालों, सरकारी कार्यालयों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सफलतापूर्वक संचालित हो रही है। इसमें स्वादिष्ट, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन कम कीमत में उपलब्ध कराया जाता है। अब यह सुविधा बस डिपो तक भी पहुंच रही है, जिससे यात्रियों को राहत के साथ-साथ चालकों की सुविधा और महिलाओं के स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
पटना में पुलिसकर्मियों के लिए भी सुविधा
पटना के निर्माणाधीन पुलिस लाइन में भी जीविका दीदी की रसोई की व्यवस्था की गई है। यहां पुलिसकर्मियों को ताजा और स्वच्छ भोजन मिलेगा, जिससे उनकी सेहत और कार्य क्षमता में सुधार होगा। इस योजना से स्थानीय महिलाओं के स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा।
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