दरअसल इस सड़क के निर्माण के लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद सचिवों की विशेषज्ञ समिति ने परियोजना पर हरी झंडी दे दी है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से इस योजना पर चर्चा भी हो चुकी है।
सड़क बन जाने से क्या बदलाव होंगे?
इस फोरलेन सड़क के बन जाने से क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव होगा। बैरिया से आरा तक सिर्फ एक घंटे में और पटना तक दो घंटे में पहुंचना आसान हो जाएगा। वीरेंद्र सिंह मस्त ने बताया कि पहले यह सड़क दो लेन की बननी थी, जिसके लिए 600 करोड़ रुपये स्वीकृत थे, लेकिन केंद्रीय मंत्री की रुचि और सुझाव के बाद इसे फोरलेन सड़क और पुल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
सड़क मार्ग और कनेक्टिविटी
सड़क महुली से बिहार के खवासपुर होते हुए धतुरी टोला, लक्ष्मण छपरा, शोभा छपरा, कर्णछपरा और अंततः जिन बाबा के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 31 से जुड़ेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बीएसटी बांध के आसपास छोटे-छोटे कारखाने, वेयरहाउस, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय और अन्य संस्थान विकसित करने के रास्ते खुलेंगे।
वहीं, दूसरे फेज में इस सड़क को जिन बाबा से बिहार के सिवान तक जोड़ने का प्रस्ताव भी है। इसके तहत सुरेमनपुर, दियराचंल के गांव और डुमाईगढ़ में सरयू नदी पर पुल बनाकर सिवान तक पहुंचाने की योजना है। हालांकि, यह प्रस्ताव अभी मंत्रालय में विचाराधीन है।
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