मार्च तक कोर्स पूरा करने के निर्देश
विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, शिक्षक और प्रशासनिक स्टाफ को मार्च तक इन कोर्सों में पंजीकरण कर उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करना होगा। इसका उद्देश्य सिर्फ तकनीकी जानकारी देना नहीं, बल्कि पढ़ाई और प्रशासनिक कामकाज में नवाचार, पारदर्शिता और कार्यकुशलता को बढ़ाना है।
एआई आधारित कोर्सों की सूची जारी
प्रशिक्षण में किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए शिक्षा विभाग ने एआई और एमएल आधारित प्रमुख कोर्सों की सूची पहले ही सभी संबंधित कार्यालयों को भेज दी है। इन कोर्सों के माध्यम से शिक्षकों को डिजिटल टूल्स, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया और आधुनिक शिक्षण तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।
हर महीने एक कोर्स अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत पोर्टल पर सुझाए गए 57 प्रशिक्षण कोर्सों में से प्रत्येक कर्मचारी को हर महीने कम से कम एक कोर्स पूरा करना होगा। इस तरह 31 मार्च तक कुल 12 कोर्स पूरे करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे कर्मचारियों का कौशल लगातार अपडेट होता रहेगा और वे बदलती तकनीक के साथ खुद को ढाल सकेंगे।
शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी
सरकार का मानना है कि जब शिक्षक और कर्मचारी तकनीक में दक्ष होंगे, तो इसका सीधा लाभ छात्रों और शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा। डिजिटल समझ बढ़ने से न सिर्फ पढ़ाने के तरीकों में सुधार होगा, बल्कि प्रशासनिक कार्य भी अधिक प्रभावी और समयबद्ध हो सकेंगे।
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