कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी अहम
DA केवल एक भत्ता नहीं है, बल्कि यह महंगाई के असर को संतुलित करने का सबसे बड़ा जरिया माना जाता है। जैसे-जैसे रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतें बढ़ती हैं, वैसे-वैसे DA में इजाफा कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक राहत देता है। DA बढ़ने का सीधा असर मासिक सैलरी और पेंशन पर पड़ता है, जिससे घर का बजट संभालना थोड़ा आसान हो जाता है।
नवंबर के महंगाई आंकड़े क्या संकेत दे रहे हैं?
सरकार हर साल दो बार जनवरी और जुलाई में DA और पेंशनर्स के लिए DR की समीक्षा करती है। अंतिम फैसला दिसंबर के महंगाई आंकड़े आने के बाद लिया जाएगा, लेकिन नवंबर के AICPI-IW (औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) के आंकड़े यह इशारा कर रहे हैं कि इस बार भी DA में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। यही वजह है कि कर्मचारियों की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं।
इस बार कितनी बढ़ोतरी संभव?
पिछले रुझानों पर नजर डालें तो जनवरी में आमतौर पर 2 प्रतिशत और जुलाई में 2 या 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। जनवरी 2025 में DA 2% बढ़कर 55% हुआ, जुलाई 2025 में 3% बढ़ोतरी के बाद DA 58% पर पहुंचा, इसी पैटर्न को देखते हुए माना जा रहा है कि जनवरी 2026 में DA 60% तक पहुंच सकता है।
DA की गणना कैसे होती है?
महंगाई भत्ते की गणना एक तय फॉर्मूले से की जाती है, जो AICPI-IW के 12 महीने के औसत पर आधारित होता है। हालांकि वर्तमान में CPI-IW का आधार वर्ष 2016 है, लेकिन DA की गणना के लिए इसे 2001 के आधार वर्ष में बदलने के लिए लिंकिंग फैक्टर 2.88 का उपयोग किया जाता है। इसी गणना के आधार पर सरकार DA की नई दर तय करती है।

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