1 अक्टूबर से बदलेंगे 8 बड़े नियम! LPG से FD तक, देशभर में लागू

नई दिल्ली। नया महीना शुरू होते ही देश में कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव होने जा रहा है। 1 अक्टूबर 2026 से LPG सब्सिडी, बैंक FD, पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, NRI प्रॉपर्टी खरीद और बैंकिंग रिकॉर्ड से जुड़े नए नियम लागू होंगे। इनमें से कुछ बदलाव सीधे आम लोगों की जेब और रोजमर्रा के काम से जुड़े हैं।

1. LPG सब्सिडी के लिए बायोमेट्रिक

1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल के लिए Biometric Aadhaar Authentication पूरा करना जरूरी होगा। जिन लोगों ने अभी तक इसे पूरा नहीं किया है, वे डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी पर या संबंधित ऑयल कंपनी के मोबाइल ऐप से प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

2. Bulk FD के ब्याज नियमों में बदलाव

RBI के नए नियमों के तहत Bulk Fixed Deposits की ब्याज दरों को लेकर पारदर्शिता बढ़ाई जा रही है। 1 अक्टूबर से बैंकों को निर्धारित शर्तों के तहत FD की दरों की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध करानी होगी। खास तौर पर बड़े डिपॉजिट पर ब्याज दरों की जानकारी को लेकर नए नियम लागू होंगे।

3. पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट

80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू होगी। इससे उन्हें पेंशन जारी रखने के लिए जरूरी जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में सुविधा मिलेगी।

4. जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के नियम बदलेंगे

जन्म या मृत्यु का रजिस्ट्रेशन काफी देर से कराने पर प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक औपचारिक हो सकती है। देरी की अवधि बढ़ने के साथ अतिरिक्त सत्यापन और आवश्यक मंजूरी की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए ऐसे मामलों में समय पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा।

5. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TAN की जरूरत नहीं

NRI से भारत में प्रॉपर्टी खरीदने वाले कुछ खरीदारों के लिए TDS प्रक्रिया आसान होगी। नए प्रावधान के तहत पात्र व्यक्ति या HUF को केवल TDS काटने के लिए अलग से TAN लेने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि TDS की जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी।

6. एक्सपोर्ट से जुड़े नियमों में भी होगा बड़ा बदलाव

निर्यात कारोबार से जुड़े लोगों के लिए भी अक्टूबर से कई बदलाव महत्वपूर्ण हैं। एक्सपोर्ट डिक्लेरेशन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए नया Export Declaration Form लागू किया जा रहा है। कारोबारियों को नए प्रावधानों के अनुसार दस्तावेज और प्रक्रियाएं अपडेट करनी होंगी।

7. डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड को मिलेगा कानूनी आधार

Bankers’ Books Evidence Act, 2026 1 अक्टूबर से लागू होगा। यह 1891 के पुराने कानून की जगह लेगा। नए कानून में इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल, वर्चुअल और क्लाउड में रखे बैंकिंग रिकॉर्ड को भी कानूनी प्रक्रिया में प्रमाण के तौर पर मान्यता देने का आधुनिक ढांचा दिया गया है।

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