बिहार के लिए बड़ी खुशखबरी! ये 2 जिले बनेंगे टेक्सटाइल हब, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

पटना। बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर और भागलपुर को टेक्सटाइल और इससे जुड़े उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर में लेदर और टेक्सटाइल पार्क

मुजफ्फरपुर में लेदर, फुटवियर और टेक्सटाइल आधारित पार्क विकसित किया जा रहा है। महबल में करीब 62.17 एकड़ क्षेत्र में मेगा लेदर और फुटवियर एक्सेसरीज पार्क बनाया जा रहा है। यहां बैग, जूते, लेदर और टेक्सटाइल से संबंधित उत्पादन इकाइयों को बढ़ावा देने की योजना है। इसके अलावा बेला औद्योगिक क्षेत्र और महबल में औद्योगिक शेडों की संख्या बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। टेक्सटाइल पार्क में एक आधुनिक उत्पादन इकाई भी शुरू की गई है।

भागलपुर में सिल्क के साथ नए उद्योग

भागलपुर पहले से ही सिल्क उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। अब यहां पारंपरिक सिल्क कारोबार को आधुनिक टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत बैग, फुटवियर और होजरी जैसे उत्पादों के निर्माण को भी बढ़ावा देने की तैयारी है।

स्थानीय युवाओं को मिल सकता है फायदा

इन औद्योगिक परियोजनाओं का मकसद केवल नई फैक्ट्रियां स्थापित करना नहीं है। इसके जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और छोटे सहायक उद्योगों के अवसर तैयार करने पर भी जोर है। मुजफ्फरपुर और भागलपुर की औद्योगिक क्षमता को देखते हुए यहां तैयार होने वाले उत्पादों को बिहार के अलावा दूसरे राज्यों और पड़ोसी देशों के बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

गया और बिहटा में भी औद्योगिक विकास

बिहार में औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए गया के डोभी में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) पर भी काम चल रहा है। वहीं बिहटा का ड्राईपोर्ट राज्य में तैयार उत्पादों को देश के प्रमुख बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मददगार हो सकता है।

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