सीएम के निर्देश के बाद तैयार हुआ प्रस्ताव
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद विभाग ने योजना का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। अब इसे वित्त विभाग की सहमति के लिए भेजा जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल के सामने रखा जा सकता है। सरकार की तैयारी चालू वित्त वर्ष में ही योजना को लागू करने की है।
2 लाख रुपये तक मिल सकता है अनुदान
प्रस्तावित योजना में नए और उपयोगी बिजनेस आइडिया को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। पात्र आवेदकों को 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का अनुदान मिलने का प्रावधान प्रस्ताव में रखा गया है। भविष्य में इस राशि को बढ़ाने की संभावना भी बताई जा रही है।
कौन कर सकेगा इसके लिए आवेदन?
योजना के प्रस्ताव के अनुसार आवेदन करने वाली महिला का बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी होगा। इसके साथ ही न्यूनतम उम्र 18 वर्ष रखे जाने की बात सामने आई है। ऐसे बिजनेस आइडिया को प्राथमिकता दी जा सकती है, जिनमें रोजगार के नए अवसर पैदा करने और व्यावहारिक रूप से कारोबार खड़ा करने की क्षमता हो।
बेटियों को उद्यमी बनाने की पहल
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर इस योजना का ऐलान किया था। योजना का उद्देश्य महिलाओं को नौकरी तलाशने तक सीमित रखने के बजाय उन्हें उद्यम शुरू करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है। उच्च शिक्षा विभाग और उद्योग विभाग मिलकर इसके स्वरूप पर काम कर सकते हैं।
हालांकि, योजना के अंतिम नियम, आवेदन प्रक्रिया और पात्रता की पूरी जानकारी कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रस्तावित योजना को बिहार की बेटियों के लिए स्टार्टअप के क्षेत्र में एक नए अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

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