इस बार राज्य सरकार ने धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग भी केंद्र सरकार से की है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी ने केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को पत्र भेजकर मौजूदा 35 लाख टन के लक्ष्य को बढ़ाकर 50 लाख टन करने का अनुरोध किया है।
35 लाख टन का लक्ष्य बढ़ाने की मांग
राज्य सरकार का कहना है कि बिहार की खाद्यान्न जरूरत को देखते हुए 35 लाख टन का लक्ष्य पर्याप्त नहीं है। सरकार के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली के लिए राज्य को हर साल करीब 33.16 लाख टन चावल की जरूरत होती है। इसके लिए लगभग 48.87 लाख टन धान की आवश्यकता पड़ती है।
स्थानीय खरीद बढ़ाने पर जोर
सरकार का मानना है कि धान की खरीद का लक्ष्य 50 लाख टन होने से बिहार अपनी खाद्यान्न जरूरत को स्थानीय स्तर पर पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। इससे दूसरे राज्यों से चावल मंगाने में होने वाला परिवहन खर्च भी कम हो सकता है।
फिलहाल बिहार में धान खरीद का लक्ष्य बढ़ाने को लेकर केंद्र सरकार के फैसले का इंतजार है। वहीं, 1 नवंबर से प्रस्तावित खरीद शुरू होने से किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ मिलने की उम्मीद है।
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