केंद्र सरकार का फैसला, 3 राज्यों के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने किसानों को बाजार में फसल की कीमत गिरने से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में दलहन और तिलहन की खरीद को मंजूरी दी है। इन तीनों राज्यों से कुल 5,547.99 करोड़ रुपये की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बाजार में कीमतों में गिरावट की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा देना है। खरीद की प्रक्रिया के दौरान किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे बैंक खाते में किए जाने की बात भी कही गई है।

यूपी के किसानों के लिए करीब 4 हजार करोड़ की खरीद

इस फैसले में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए रखा गया है। राज्य में कुल 3,992.57 करोड़ रुपये की फसलों की खरीद को मंजूरी मिली है। इसके तहत करीब 4,66,000 मीट्रिक टन तुअर की खरीद की जाएगी, जिसका अनुमानित मूल्य 3,937.70 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 6,250 मीट्रिक टन मूंग भी खरीदी जाएगी, जिसकी कीमत करीब 54.87 करोड़ रुपये बताई गई है 

कर्नाटक में इन फसलों की होगी खरीद

कर्नाटक के किसानों के लिए भी केंद्र सरकार ने बड़ी खरीद को मंजूरी दी है। राज्य में कुल 1,107 करोड़ रुपये की दलहन और तिलहन फसलों की खरीद प्रस्तावित है। इसमें करीब 1,15,500 मीट्रिक टन सोयाबीन की खरीद होगी, जिसका मूल्य लगभग 659.27 करोड़ रुपये है। वहीं 38,250 मीट्रिक टन मूंग करीब 335.83 करोड़ रुपये और 13,413 मीट्रिक टन सूरजमुखी लगभग 111.90 करोड़ रुपये के मूल्य पर खरीदी जाएगी।

तेलंगाना के किसानों को भी राहत

तेलंगाना में भी PSS के तहत फसलों की खरीद के लिए 448.42 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। राज्य से 62,000 मीट्रिक टन सोयाबीन की खरीद की जाएगी, जिसकी अनुमानित कीमत 353.90 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही करीब 10,766 मीट्रिक टन मूंग की खरीद भी की जाएगी। इसका अनुमानित मूल्य 94.52 करोड़ रुपये है।

किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?

मूल्य समर्थन योजना के तहत खरीद का उद्देश्य किसानों को उस समय सहारा देना है, जब बाजार में उनकी फसल का भाव MSP से नीचे जाने लगे। ऐसी स्थिति में सरकारी खरीद किसानों को निर्धारित समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का विकल्प उपलब्ध करा सकती है। केंद्र सरकार के मुताबिक खरीद केंद्रों पर प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और किसानों को भुगतान समय पर सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

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