500 KM रेंज! भारत के ‘दिव्यास्त्र Mk1’ खरीदेगा ये देश, तैयारी शुरू

नई दिल्ली। भारत और आर्मेनिया के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग के बीच अब एक स्वदेशी ड्रोन सिस्टम को लेकर चर्चा तेज हो गई है। रिपोर्टों के मुताबिक, आर्मेनिया भारत के ‘दिव्यास्त्र Mk1’ लॉयटरिंग म्यूनिशन में रुचि दिखा रहा है। इससे काकेशस क्षेत्र में दोनों देशों के बीच सैन्य संतुलन को लेकर बहस शुरू हो गई है।

500 किमी तक बताई गई रेंज

लखनऊ की कंपनी होवरिट से जुड़ी जानकारी के अनुसार, दिव्यास्त्र Mk1 को एक ऑटोनोमस टैक्टिकल स्ट्राइक सिस्टम के तौर पर विकसित किया गया है। इसकी अधिकतम रेंज करीब 500 किलोमीटर और पेलोड क्षमता 15 किलोग्राम बताई जाती है। यह सिस्टम कई ड्रोन को एक साथ संचालित करने वाली स्वार्म तकनीक से भी लैस बताया गया है।

अजरबैजान में क्यों बढ़ी चिंता?

आर्मेनिया की संभावित खरीद को लेकर अजरबैजान की मीडिया में सवाल उठाए गए हैं। वहां की कुछ रिपोर्टों में आशंका जताई गई है कि लंबी दूरी की क्षमता वाला ऐसा सिस्टम क्षेत्र में सैन्य समीकरणों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, किसी हथियार की वास्तविक सैन्य क्षमता और उसका प्रभाव केवल उसकी रेंज या पेलोड से तय नहीं होता।

भारत-आर्मेनिया रक्षा सहयोग

भारत और आर्मेनिया के बीच हाल के वर्षों में रक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ा है। आर्मेनिया पहले ही भारत से पिनाका मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर सहित कुछ रक्षा प्रणालियां हासिल कर चुका है। वहीं, दिव्यास्त्र परिवार के अन्य संस्करणों पर भी काम जारी रहने की जानकारी सामने आई है।

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