1. सब्सिडी वाले सिलेंडर के लिए आधार ऑथेंटिकेशन
सब्सिडी वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर का लाभ लेने वाले ग्राहकों के लिए बायोमेट्रिक आधार ऑथेंटिकेशन जरूरी किया गया है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें अगली सब्सिडी वाली रिफिल से पहले इसे पूरा करना होगा।
2. हर महीने की शुरुआत में बदल सकते हैं गैस के दाम
एलपीजी की कीमतों की समीक्षा हर महीने की शुरुआत में की जाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमत, आयात लागत और टैक्स समेत कई कारकों को ध्यान में रखकर तेल कंपनियां नई दरें तय करती हैं। इसलिए महीने की पहली तारीख को घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर के नए दाम जारी हो सकते हैं।
3. रिफिल बुकिंग के नियम में बदलाव
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की अगली रिफिल बुक करने के अंतराल को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर रखा गया है। इससे एक ग्राहक द्वारा कम समय में बार-बार सिलेंडर बुक कराने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
4. PNG कनेक्शन वालों पर सख्ती
जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां एलपीजी इस्तेमाल करने वाले कुछ उपभोक्ताओं को लेकर भी सख्ती की जा रही है। नोटिस मिलने के बाद निर्धारित अवधि में PNG कनेक्शन नहीं लेने पर एलपीजी रिफिल पर रोक लग सकती है। इसका उद्देश्य उपलब्ध होने पर PNG के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
5. डिलीवरी के समय OTP से सत्यापन
गैस सिलेंडर की डिलीवरी को सुरक्षित बनाने के लिए OTP आधारित वेरिफिकेशन की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। सिलेंडर बुक करने के बाद रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जा सकता है, जिसे डिलीवरी के समय बताना होता है। इससे गलत व्यक्ति को सिलेंडर देने और फर्जी बुकिंग जैसी गड़बड़ियों पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलती है।
ग्राहकों के लिए जरूरी बात
एलपीजी से जुड़े नियम समय-समय पर अपडेट होते रहते हैं। इसलिए ग्राहक अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक ऐप या डिस्ट्रीब्यूटर से अपने कनेक्शन पर लागू नियम और बुकिंग की स्थिति जरूर जांच लें। खासकर सब्सिडी लेने वाले ग्राहकों को आधार ऑथेंटिकेशन पूरा होने की पुष्टि कर लेनी चाहिए।

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