1. सब्सिडी वाले सिलिंडर के लिए बायोमेट्रिक जरूरी
1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलिंडर लेने वाले ग्राहकों के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (BAA) जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं ने यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा कराने की जरूरत नहीं है। बाकी ग्राहक गैस एजेंसी, डिलीवरी के समय या संबंधित तेल कंपनी के ऐप के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
2. BAA नहीं कराया तो सब्सिडी का लाभ प्रभावित
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं करने वाले ग्राहकों को LPG की उपलब्धता बनी रहेगी, लेकिन उन्हें सब्सिडी वाले रेट पर रिफिल नहीं मिल सकेगा। ऐसे में जो परिवार सब्सिडी वाले सिलिंडर का लाभ लेते हैं, उनके लिए समय रहते आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना जरूरी है। सरकार का उद्देश्य इस प्रक्रिया के जरिए सही लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना है।
3. 1 अक्टूबर को LPG के दाम में बदलाव संभव
हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमत, आयात लागत, टैक्स और रुपये की स्थिति जैसे कई कारकों का असर सिलिंडर के दाम पर पड़ता है। इसलिए 1 अक्टूबर को कंपनियां नए रेट जारी कर सकती हैं।
4. हर जगह 25 दिन वाला बुकिंग नियम
LPG रिफिल की बुकिंग को लेकर भी ग्राहकों को सही जानकारी रखना जरूरी है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार शहरी इलाकों में दो रिफिल के बीच न्यूनतम 25 दिन, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतर रखा गया था। इसलिए अब पूरे देश में सभी LPG ग्राहकों के लिए केवल 25 दिन का नियम लागू हो जाएगा।
5. डिलीवरी के समय OTP की जरूरत पड़ सकती है
LPG सिलिंडर की डिलीवरी को सुरक्षित बनाने के लिए ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP या डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका मकसद बुकिंग और डिलीवरी को सही ग्राहक से जोड़ना है। इसलिए LPG कनेक्शन में मोबाइल नंबर अपडेट रखना जरूरी है, ताकि बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े जरूरी मैसेज समय पर मिल सकें।

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