मोबाइल से पूरा होगा काम
इस सुविधा के तहत पेंशनर AadhaarFaceRD और JeevanPramaan ऐप की मदद ले सकते हैं। AadhaarFaceRD ऐप चेहरे की पहचान के जरिए आधार आधारित प्रमाणीकरण में मदद करता है, जबकि JeevanPramaan ऐप के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार किया जाता है।
ऐसे होगा फेस ऑथेंटिकेशन
सबसे पहले स्मार्टफोन में AadhaarFaceRD ऐप इंस्टॉल करना होगा। इसके जरिए चेहरे का प्रमाणीकरण किया जाता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद JeevanPramaan ऐप में जाकर पेंशन से जुड़ी जरूरी जानकारी और मोबाइल नंबर जैसी डिटेल दर्ज करनी होती है। इसके बाद मोबाइल पर प्राप्त OTP दर्ज करके दोबारा फेस ऑथेंटिकेशन पूरा किया जाता है। सफल सत्यापन के बाद डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जनरेट हो जाता है।
दफ्तर जाने की परेशानी कम
डिजिटल प्रक्रिया का सबसे बड़ा फायदा यह है कि बुजुर्ग पेंशनरों को लंबी कतारों और आने-जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है। प्रमाण पत्र तैयार होने के बाद इसकी जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध हो जाती है। जरूरत पड़ने पर परिवार का कोई सदस्य भी प्रक्रिया पूरी करने में मदद कर सकता है।
हालांकि, ऐप इस्तेमाल करने से पहले पेंशनर संबंधित आधिकारिक प्रक्रिया और अपने पेंशन विभाग की आवश्यकताओं की जांच जरूर कर लें।

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