डिस्काउंट का दिखाना होगा असली हिसाब
नए नियमों के तहत किसी सामान पर कीमत घटाकर दिखाए जाने पर प्लेटफॉर्म को कम की गई कीमत के साथ उसकी पिछली कीमत भी बतानी होगी। पिछली कीमत से मतलब उस उत्पाद की पिछले 30 दिनों में रही सबसे कम कीमत से होगा। इससे ग्राहकों को ऑफर की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी।
Sponsored प्रोडक्ट और सर्च पर भी नजर
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पैसे देकर प्रमोट किए जाने वाले प्रोडक्ट को स्पष्ट रूप से Sponsored बताना होगा। इसके अलावा कंपनियां इस तरह सर्च रिजल्ट में बदलाव नहीं कर सकेंगी, जिससे ग्राहक को उसकी खोज के मुकाबले भ्रामक या कम प्रासंगिक परिणाम मिलें।
शिकायतों और प्रोडक्ट की जानकारी
सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को National Consumer Helpline (NCH) के साथ जुड़ना होगा। नए प्रावधानों में शिकायत मिलने के 48 घंटे के भीतर उसकी पुष्टि और शिकायत की एक कॉपी देने का प्रावधान भी है। शिकायत का निपटारा एक महीने के भीतर करना होगा। इसके अलावा विक्रेताओं को रिटर्न, रिफंड, एक्सचेंज, वारंटी, डिलीवरी और भुगतान से जुड़ी जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी। आयातित सामान के मामले में देश का नाम और आयातक की जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।
Dark Patterns पर भी सख्ती
ई-कॉमर्स कंपनियों को Dark Patterns से जुड़ी 2023 की गाइडलाइंस का पालन करना होगा और हर साल अपनी वेबसाइट या प्लेटफॉर्म का सेल्फ-ऑडिट भी करना होगा। नियमों का मकसद ग्राहकों को ऑनलाइन खरीदारी के दौरान भ्रामक डिजिटल तरीकों से बचाना और उन्हें जरूरी जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराना है।

0 comments:
Post a Comment