CM सम्राट चौधरी ने किया ऐलान, बिहार के 4 जिलों के किसानों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार के गन्ना किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय से बंद चीनी उद्योग को फिर से रफ्तार देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वारिसलीगंज में नई चीनी मिल स्थापित करने के प्रस्ताव को बिहार कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी इसकी जानकारी साझा की है।

नवादा जिले के वारिसलीगंज में बनने वाली इस चीनी मिल की परियोजना पर 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने की उम्मीद है। मिल शुरू होने के बाद आसपास के क्षेत्र में गन्ने की खरीद और प्रसंस्करण की सुविधा बढ़ेगी, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए दूसरे क्षेत्रों पर निर्भरता कम हो सकती है।

चार जिलों के किसानों को मिलेगा फायदा

इस परियोजना का सीधा लाभ नवादा, नालंदा, शेखपुरा और जमुई के गन्ना किसानों को मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर चीनी मिल उपलब्ध होने से किसानों को गन्ने के लिए बाजार और प्रसंस्करण की सुविधा अपने क्षेत्र के आसपास ही मिल सकेगी।

इसके अलावा मिल की स्थापना से क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। 500 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावित निवेश से स्थानीय कारोबार को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

पहले भी हो चुका है जमीन का निरीक्षण

वारिसलीगंज में चीनी मिल को दोबारा स्थापित करने की प्रक्रिया पहले से चल रही थी। अप्रैल 2026 में गन्ना उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन की टीम ने मकनपुर में प्रस्तावित परियोजना के लिए चिह्नित जमीन का निरीक्षण किया था। इस दौरान 100 एकड़ से अधिक भूमि की स्थिति और उपलब्धता का जायजा लिया गया था।

अब कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद वारिसलीगंज में चीनी मिल परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हुआ है। इससे क्षेत्र के किसानों में भी नई उम्मीद जगी है।

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