रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय रिफाइनरियों का LPG उत्पादन अब करीब 44 हजार टन प्रतिदिन पहुंच गया है। यह अगस्त के औसत स्तर से लगभग 20 फीसदी अधिक है। घरेलू उत्पादन बढ़ने से आयात पर निर्भरता को कुछ हद तक कम करने और देश में LPG की उपलब्धता बनाए रखने में मदद मिल सकती है।
खाड़ी क्षेत्र की सप्लाई पर दबाव
भारत दुनिया में LPG का दूसरा सबसे बड़ा आयातक है। देश की LPG जरूरत का एक बड़ा हिस्सा लंबे समय से फारस की खाड़ी क्षेत्र से आने वाली सप्लाई से पूरा होता रहा है। पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने और समुद्री मार्गों पर अनिश्चितता के कारण इस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है। ऐसे में भारत ने वैकल्पिक स्रोतों के साथ-साथ घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया है।
कुछ समय पहले अमेरिका और अफ्रीका से अतिरिक्त LPG सप्लाई मिलने के बाद भारतीय रिफाइनरियों ने उत्पादन में कमी की थी। अब त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने के अनुमान और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए उत्पादन फिर बढ़ाया गया है।
त्योहारों में बढ़ेगी रसोई गैस की मांग
देश में त्योहारों का सीजन शुरू हो चुका है और नवंबर में दिवाली तक मांग बढ़ने की संभावना है। इसके बाद सर्दियों में भी घरेलू LPG की खपत आमतौर पर बढ़ जाती है। ऐसे में आने वाले समय में रिफाइनरियां उत्पादन को और बढ़ा सकती हैं, ताकि बाजार में सिलिंडर की उपलब्धता बनी रहे।
ग्रामीण परिवारों के लिए भी LPG रिफिल को लेकर राहत दी गई है। सिलिंडर दोबारा भरवाने के लिए पहले लागू 45 दिन की अवधि को घटाकर 25 दिन किया गया है। बेहतर सप्लाई और कम बैकलॉग को इसके पीछे वजह बताया गया है। दरअसल, घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी से त्योहारी सीजन में LPG की बढ़ती जरूरत को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
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