ADB के मुताबिक भारत की आर्थिक रफ्तार को मजबूत सरकारी निवेश और निर्यात में सुधार से सहारा मिल रहा है। इसके अलावा टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े वैश्विक निवेश का भी भारतीय अर्थव्यवस्था को फायदा मिल रहा है। मजबूत निवेश गतिविधियों के कारण देश की विकास दर को लेकर तस्वीर पहले के मुकाबले बेहतर हुई है।
दक्षिण एशिया की ग्रोथ का अनुमान भी बढ़ा
ADB ने दक्षिण एशिया की आर्थिक वृद्धि का अनुमान भी बढ़ाया है। इस क्षेत्र के लिए 2026 की ग्रोथ का अनुमान जुलाई के 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.4 प्रतिशत किया गया है। हालांकि, रिपोर्ट में विकासशील एशिया और प्रशांत क्षेत्र की वृद्धि को लेकर कुछ जोखिम भी बताए गए हैं।
महंगाई और वैश्विक जोखिम पर नजर
ADB ने 2026 में क्षेत्रीय महंगाई का अनुमान 4.3 प्रतिशत से घटाकर 4.2 प्रतिशत किया है। हालांकि, पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और मौसम संबंधी परिस्थितियां आर्थिक गतिविधियों पर असर डाल सकती हैं। रिपोर्ट में अल नीनो के कारण खाद्य और ऊर्जा कीमतों पर दबाव बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।
दरअसल, ADB द्वारा भारत की GDP वृद्धि का अनुमान 7 प्रतिशत किए जाने से देश की आर्थिक स्थिति को लेकर सकारात्मक संकेत मिले हैं। वहीं, वैश्विक स्तर पर मौजूद जोखिमों के बीच आगे की आर्थिक रफ्तार पर नजर बनी रहेगी।

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