पार्किंसन रोग के 5 बड़े संकेत! शरीर में दिखें ये लक्षण तो रहें सतर्क

हेल्थ डेस्क। पार्किंसन रोग तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें शरीर की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं, इसलिए शुरुआती बदलावों को पहचानना महत्वपूर्ण है। हर व्यक्ति में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते और केवल किसी एक लक्षण से बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

1. हाथ या शरीर में कंपन

पार्किंसन के शुरुआती संकेतों में हाथ, उंगलियों या शरीर के किसी हिस्से में आराम की स्थिति में बार-बार कंपन होना शामिल हो सकता है। यह कंपन अक्सर एक तरफ से शुरू होकर बाद में दूसरे हिस्से तक पहुंच सकता है।

2. चलने-फिरने में धीमापन

काम करने, उठने-बैठने या चलने की गति सामान्य से कम हो जाना भी संकेत हो सकता है। रोजमर्रा के छोटे काम करने में पहले की तुलना में अधिक समय लगने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. मांसपेशियों में अकड़न

हाथ-पैर या शरीर के अन्य हिस्सों में लगातार जकड़न और अकड़न महसूस होना पार्किंसन से जुड़ा लक्षण हो सकता है। कई बार इससे चलने या सामान्य गतिविधियां करने में असहजता होती है।

4. संतुलन और चाल में बदलाव

चलते समय कदम छोटे होना, शरीर का आगे की ओर झुकना या संतुलन बनाए रखने में परेशानी जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। हालांकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

5. लिखावट या चेहरे के हावभाव में बदलाव

लिखावट का अचानक छोटा या बदल जाना तथा चेहरे के हावभाव कम हो जाना भी शुरुआती संकेतों में शामिल हो सकता है। कुछ लोगों में आवाज धीमी होने जैसी समस्या भी दिखाई दे सकती है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

यदि इनमें से कोई लक्षण लगातार बना रहता है या समय के साथ बढ़ रहा है, तो न्यूरोलॉजिस्ट या चिकित्सक से जांच कराना उचित है। इन संकेतों का मतलब यह जरूरी नहीं कि व्यक्ति को पार्किंसन ही है, क्योंकि ऐसी समस्याएं अन्य कारणों से भी हो सकती हैं। सही जांच के बाद ही बीमारी की पुष्टि की जा सकती है।

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