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बिहार में खतियानी जमीन को लेकर बड़ा बदलाव, सरकार ने उठाया कड़ा कदम

पटना। बिहार में खतियानी जमीन को लेकर राज्य सरकार ने अहम फैसला लिया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में कहा कि कई जगह जमीन के रिकॉर्ड को जानबूझकर छिपाने या नष्ट करने की शिकायतें मिली हैं। इस पर कार्रवाई करते हुए सरकार ने सभी जिलों में अभिलेखों की जांच और खोज अभियान शुरू कर दिया है।

डिजिटल ट्रैकिंग से पारदर्शिता

सरकार का लक्ष्य है कि भविष्य में भूमि विवादों को कम किया जा सके। इसके लिए एक नई तकनीकी व्यवस्था लागू की जा रही है, जो हर जमीन का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रखेगी। अब कोई दस्तावेज छिपाना या नष्ट करना आसान नहीं होगा। उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तकनीकी गलती या विवाद की स्थिति में न्यायालय का रास्ता हमेशा खुला रहेगा।

केवल 45% जमीन शुद्ध खतियानी

राज्य के आंकड़ों के अनुसार, बिहार की जमीन का केवल 45 प्रतिशत ही पूरी तरह खतियानी श्रेणी में आता है। लगभग 5 प्रतिशत जमीन के रिकॉर्ड गायब या साजिशन मिटाए गए हैं। इस समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने हर जिले में फाइलों और अभिलेखों की जांच का काम शुरू कर दिया है।

बक्सर और गोपालगंज में मिली अनियमितताएं

विशेष रूप से बक्सर और गोपालगंज जिलों में पुराने सर्वे में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। डुमरांव क्षेत्र में 1989 के सर्वे के दौरान कुछ जमीनें गलत तरीके से 'अनाबाद बिहार सरकार' खाते में दर्ज कर दी गई थीं। स्थानीय लोगों ने इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उपमुख्यमंत्री ने साफ कहा कि दोषी अधिकारियों या कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस नई पहल का मुख्य मकसद है जमीन से जुड़े विवादों को जड़ से खत्म करना और हर नागरिक को उसके अधिकार का संरक्षण देना। डिजिटल रिकॉर्ड और प्रशासनिक निगरानी से अब भविष्य में भूमि से संबंधित धोखाधड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी। इस कदम से बिहार में खतियानी जमीन का रिकॉर्ड सुरक्षित, पारदर्शी और भरोसेमंद बन सकेगा, जिससे आम जनता का भरोसा भी मजबूत होगा।

बिहार में 'शिक्षकों' का होगा प्रमोशन, सरकार ने की घोषणा

पटना। बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने लगभग दस साल से कार्यरत शिक्षकों को प्रमोशन देने का फैसला किया है। यह कदम शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रमोशन की प्रक्रिया कब शुरू होगी?

शिक्षकों के प्रमोशन को लेकर विधान परिषद में सवाल उठाया गया। एमएलसी प्रो. संजय कुमार सिंह ने इस विषय पर चर्चा की। इसके जवाब में शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने स्पष्ट किया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के समाप्त होने के बाद प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

किसे मिलेगा इसका लाभ?

इस फैसले का लाभ उन शिक्षकों को मिलेगा जो पिछले लगभग दस साल से सरकारी स्कूलों में कार्यरत हैं और अभी तक प्रमोशन नहीं पा सके हैं। इससे न केवल उनके पदोन्नति स्तर में सुधार होगा, बल्कि वेतनमान और भत्तों में भी बढ़ोतरी की संभावना है।

शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव

शिक्षकों के प्रमोशन से शिक्षा तंत्र में संतुलन और दक्षता बढ़ेगी। लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षक अब अपने करियर की अगली स्थिति में पहुँच पाएंगे, जिससे सरकारी स्कूलों में कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल भी उच्च होगा।

आगे की प्रक्रिया

सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि प्रमोशन प्रक्रिया पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से की जाएगी। जिलों और स्कूलों के आधार पर प्राथमिकता और योग्यता को ध्यान में रखते हुए शिक्षकों का चयन किया जाएगा। इस निर्णय से बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए एक नई उम्मीद जगी है और शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।

बिहार में 'जिला परियोजना अधिकारी' की भर्ती, स्नातक करें आवेदन

बक्सर। बिहार के बक्सर जिले में जिला परियोजना अधिकारी के पद पर भर्ती की घोषणा की गई है। यह भर्ती 2026 के लिए है और उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार नोटिश को पढ़ें और आवेदन की प्रक्रिया को समय से पहले पूरा करें।

पद और संख्या

पोस्ट नाम: जिला परियोजना अधिकारी

वेतन और भत्ते

इस पद के लिए मासिक वेतन ₹36,000/- निर्धारित किया गया है। इसके अतिरिक्त उम्मीदवारों को स्थापना शुल्क के रूप में ₹2,500/-, यात्रा भत्ता या दैनिक भत्ता ₹2,000/- और मोबाइल एवं संचार शुल्क ₹500/- प्रति माह मिलेगा।

योग्यता

इस पद पर आवेदन करने के लिए किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक (Graduate) की डिग्री अनिवार्य है।

आयु सीमा

31 जनवरी 2026 को उम्मीदवार की अधिकतम आयु 35 वर्ष होनी चाहिए। इसके बारे में और अधिक जानकारी के लिए नोटिश देखें।

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक उम्मीदवार बक्सर जिला कलेक्टर कार्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 है। उम्मीदवारों से अनुरोध है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक विवरण और पात्रता मानदंड ध्यानपूर्वक पढ़ लें।

कल से 5 दिन बैंक बंद: अपने शहर में छुट्टियों का पूरा शेड्यूल जान लें

लखनऊ। अगर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम करना है तो देर न करें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा घोषित अवकाश सूची के अनुसार, आने वाले दिनों में अलग-अलग राज्यों और शहरों में बैंक शाखाएं कई दिन बंद रहेंगी। साप्ताहिक छुट्टी और होली के त्योहार के कारण यह लंबा ब्रेक बन रहा है।

चौथा शनिवार और रविवार से शुरुआत

28 फरवरी को चौथा शनिवार होने के कारण देशभर में बैंक बंद रहेंगे। इसके बाद 1 मार्च को रविवार है, जिससे लगातार दो दिन शाखाएं नहीं खुलेंगी। महीने की शुरुआत में ही इस दो दिवसीय अवकाश के चलते चेक क्लियरेंस, नकद जमा और ड्राफ्ट से जुड़े काम प्रभावित हो सकते हैं।

होलिका दहन पर कुछ शहरों में अवकाश

वीकेंड के बाद 2 मार्च को अधिकांश राज्यों में बैंक खुलेंगे, लेकिन उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों लखनऊ और कानपुर में होलिका दहन के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। इन शहरों में स्थानीय अवकाश घोषित किया गया है, जबकि अन्य जगहों पर सामान्य कामकाज होगा।

होली पर कई महानगरों में ब्रेक

3 मार्च को धुलंडी और अन्य उत्सवों के चलते कई शहरों में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहेंगी। मुंबई, जयपुर, कोलकाता, भोपाल, पटना, हैदराबाद और देहरादून सहित कई स्थानों पर शाखाएं बंद रहेंगी। 4 मार्च को होली के मुख्य पर्व पर नई दिल्ली, चंडीगढ़, अहमदाबाद, रायपुर और भुवनेश्वर समेत कई शहरों में बैंक अवकाश रहेगा।

डिजिटल सेवाएं रहेंगी चालू

हालांकि शाखाएं बंद रहेंगी, लेकिन एटीएम, मोबाइल बैंकिंग और नेट बैंकिंग जैसी ऑनलाइन सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। ग्राहक फंड ट्रांसफर, बिल भुगतान और बैलेंस चेक जैसे काम डिजिटल माध्यम से कर सकेंगे।

सोने-चांदी के ETF में बड़ा सुधार: 1 अप्रैल से नया नियम लागू

नई दिल्ली। सोना और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए एक अहम बदलाव आने वाला है। बाजार नियामक Securities and Exchange Board of India (सेबी) ने गोल्ड और सिल्वर ETF की वैल्यू तय करने के नियमों में संशोधन किया है। नया ढांचा 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा और इसके बाद इन फंड्स की कीमत सीधे भारतीय बाजार से जुड़ी होगी।

अब तक क्या व्यवस्था थी?

अब तक गोल्ड और सिल्वर ETF की नेट एसेट वैल्यू (NAV) अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क पर आधारित रहती थी। इसके लिए London Bullion Market Association (LBMA) द्वारा जारी लंदन रेट को आधार माना जाता था। विदेशी कीमत को भारतीय बाजार के अनुरूप बनाने के लिए उसे डॉलर से रुपये में बदला जाता था, फिर आयात शुल्क, टैक्स और अन्य खर्च जोड़े जाते थे। यानी अंतिम कीमत कई चरणों के बाद तय होती थी और सीधे घरेलू स्पॉट रेट पर आधारित नहीं होती थी।

नए नियम में क्या बदलाव?

सेबी के संशोधित नियमों के तहत अब म्यूचुअल फंड हाउस सोना और चांदी की कीमत भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध स्पॉट प्राइस के आधार पर तय करेंगे। इसका अर्थ है कि ETF की NAV अब घरेलू बाजार की वास्तविक दर से सीधे जुड़ी रहेगी। इस प्रक्रिया को एकरूप बनाने के लिए Association of Mutual Funds in India (AMFI) भी सेबी के साथ समन्वय करेगा, ताकि सभी फंड हाउस एक समान पद्धति अपनाएं।

निवेशकों के लिए इसका मतलब

इस बदलाव से मूल्य निर्धारण अधिक स्पष्ट और सरल होगा। विदेशी दरों और मुद्रा परिवर्तन की जटिल गणना से जुड़ी असमंजस की स्थिति कम होगी। अलग-अलग ETF के रिटर्न में दिखाई देने वाला मामूली अंतर भी घट सकता है, क्योंकि सभी योजनाएं एक ही घरेलू मूल्य को आधार बनाएंगी। इसके अलावा, कीमत अब भारतीय मांग-आपूर्ति की स्थिति को अधिक सटीक रूप से दर्शाएगी, जिससे निवेशक बाजार की वास्तविक चाल समझ सकेंगे।

आगे क्या है बड़ी उम्मीद?

1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला यह नियम कमोडिटी आधारित निवेश को अधिक पारदर्शी और घरेलू बाजार उन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे गोल्ड और सिल्वर ETF निवेशकों को कीमत समझने और तुलना करने में आसानी होगी, साथ ही बाजार में भरोसा भी मजबूत होने की संभावना है।

8वें वेतन आयोग: ₹19,900 और ₹29,200 वालों की नई सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के बीच संभावित 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वेतन निर्धारण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका फिटमेंट फैक्टर की होती है। 2016 में लागू 7th Central Pay Commission ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर तय किया था, जिसके बाद न्यूनतम वेतन ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 कर दिया गया था। अब आगामी 8th Central Pay Commission में नए फिटमेंट फैक्टर को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं।

फिटमेंट फैक्टर कैसे काम करता है?

नई बेसिक सैलरी तय करने का सीधा फॉर्मूला है—

नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक पे × फिटमेंट फैक्टर।

यानी जितना अधिक फिटमेंट फैक्टर होगा, उतनी अधिक वेतन वृद्धि होगी।

तीन संभावित आंकड़ों पर चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स में फिलहाल 1.92, 2.08 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर की चर्चा है। यदि 1.92 का फैक्टर लागू होता है तो ₹19,900 बेसिक पाने वाले कर्मचारी की नई सैलरी लगभग ₹38,208 हो सकती है। 2.08 के हिसाब से यही वेतन करीब ₹41,392 तक पहुंच सकता है। वहीं 2.86 लागू होने की स्थिति में यह बढ़कर लगभग ₹56,914 तक जा सकता है।

इसी तरह ₹29,200 बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारी के लिए 1.92 फैक्टर पर सैलरी लगभग ₹56,064, 2.08 पर करीब ₹60,736 और 2.86 की स्थिति में लगभग ₹83,512 तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि यह केवल संभावित गणना है, अंतिम फैसला सरकार की आर्थिक स्थिति और वित्तीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए ही लिया जाएगा।

अंतिम निर्णय का इंतजार

फिलहाल अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। लेकिन इतना तय है कि फिटमेंट फैक्टर ही वेतन वृद्धि का मुख्य आधार बनेगा। लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की नजर अब सरकार के अंतिम निर्णय पर टिकी है, जो उनकी आय और भविष्य की आर्थिक योजना को सीधे प्रभावित करेगा।

अब डॉक्टर भी बन रहा AI, दिल्ली AIIMS में होगी एंट्री

नई दिल्ली। भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। शिक्षा, वित्त और प्रशासन के बाद अब स्वास्थ्य क्षेत्र में भी इसकी मजबूत एंट्री हो रही है। देश की विशाल और जटिल स्वास्थ्य व्यवस्था को देखते हुए AI आधारित समाधान की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इसी दिशा में एक नया नाम तेजी से उभर रहा है Ashwin AI।

हेल्थकेयर की चुनौतियों के बीच तकनीकी पहल

भारत का स्वास्थ्य तंत्र दुनिया के सबसे बड़े सिस्टमों में से एक है, लेकिन संसाधनों की कमी, डॉक्टरों पर अत्यधिक दबाव और डेटा प्रबंधन की दिक्कतें आज भी बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में AI आधारित टूल डॉक्टरों के लिए सहायक की भूमिका निभा सकते हैं जैसे मरीजों के डेटा का विश्लेषण, रिपोर्ट की प्रारंभिक जांच, और क्लिनिकल निर्णय में सहयोग। Ashwin AI का उद्देश्य मरीजों की देखभाल को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

तीन दोस्तों का विजन

इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत तीन पेशेवरों की साझी सोच से हुई। प्रभु राजगोपाल, जो आईआईटी मद्रास में प्रोफेसर हैं, इस पहल के संस्थापक और अध्यक्ष हैं। अनिरुद्ध वर्ना सह-संस्थापक और मुख्य तकनीकी अधिकारी के रूप में इसकी तकनीकी संरचना को दिशा दे रहे हैं। विजयराजा संचालन और विस्तार की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इन तीनों ने मिलकर ऐसा AI टूल विकसित किया है जो मेडिकल प्रोफेशनल्स को बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सके।

AI समिट 2026 में सराहना

हाल ही में आयोजित AI समिट 2026 में इस हेल्थकेयर समाधान को विशेष रूप से सराहा गया। विशेषज्ञों ने इसे भारत के स्वास्थ्य ढांचे में उपयोगी और व्यावहारिक कदम बताया। इस मंच के बाद Ashwin AI की चर्चा तेज हो गई और इसे सरकारी स्तर पर भी गंभीरता से लिया जाने लगा।

सरकारी संस्थानों तक पहुंच

Ashwin AI की टीम फिलहाल राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के साथ मिलकर काम कर रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली जल्द ही इस तकनीक को अपने सिस्टम में शामिल करने की तैयारी में है।

AIIMS दिल्ली में इस तकनीक का उपयोग शुरू होना इस बात का संकेत है कि भारत का स्वास्थ्य क्षेत्र अब डिजिटल बदलाव को अपनाने के लिए तैयार है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो भविष्य में अन्य सरकारी और निजी अस्पताल भी ऐसे AI प्लेटफॉर्म को अपनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

बिहार के शिक्षकों को बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी राहत!

पटना। बिहार में कार्यरत शिक्षकों के लिए हालिया घटनाक्रम उत्साहजनक माना जा रहा है। विधान परिषद में शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने संकेत दिया कि प्रारंभिक विद्यालयों में पुराने वेतनमान पर कार्यरत स्नातक ग्रेड और प्रधानाध्यापक पद के शिक्षकों के अंतर-जिला स्थानांतरण को लेकर सरकार संवेदनशील है।

लंबे समय से कई शिक्षक अपने गृह जिले या सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापन की मांग कर रहे थे। मंत्री के बयान के बाद यह उम्मीद जगी है कि स्थानांतरण नीति में व्यावहारिक बदलाव देखने को मिल सकता है।

अब तक बड़े स्तर पर हुए तबादले

विधान परिषद में पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक लगभग ढाई लाख शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है। इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया और अधिकांश मामलों में संतोषजनक परिणाम मिले हैं।

सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था स्थायी नहीं बल्कि सतत प्रक्रिया है। जिला स्तर की समितियां स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या और रिक्त पदों के आधार पर आगे भी तबादले करती रहेंगी, ताकि किसी भी विद्यालय में शिक्षकों की कमी न रहे।

जहां जरूरत, वहां प्राथमिकता

सरकार की प्राथमिकता उन स्कूलों को मजबूत करना है जहां शिक्षकों की संख्या कम है। संतुलित पदस्थापन से न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता सुधरेगी बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग भी संभव होगा। प्रशासनिक स्तर पर यह कोशिश की जा रही है कि स्थानांतरण पारदर्शी और आवश्यकता-आधारित हो।

आकस्मिक अवकाश नियमों में बदलाव की तैयारी

सरकारी स्कूलों में आकस्मिक अवकाश की गणना को लेकर भी सवाल उठे। वर्तमान नियमों में छुट्टी की अवधि के बीच आने वाले रविवार या अन्य अवकाश को भी गिना जाता है, जिससे शिक्षकों को वास्तविक लाभ कम मिल पाता है। मंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी और आवश्यक संशोधन कर इसे अधिक तर्कसंगत बनाया जाएगा।

कर्मचारियों के लिए बंपर खबर: NPS से 80% निकासी की छूट, जानें नियम

नई दिल्ली। कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर हैं। अगर आपने सालों तक NPS में पैसा जमा किया है, तो रिटायरमेंट के बाद उसे निकालने के नियम आपके कुल फंड पर निर्भर करेंगे। हाल ही में सरकार ने कर्मचारियों के लिए NPS निकासी में बड़ी राहत की घोषणा की है, जिससे 80% तक की निकासी संभव हो जाएगी।

कितना पैसा निकाल सकते हैं?

₹8 लाख या उससे कम: इस स्थिति में आप पूरा पैसा एकमुश्त निकाल सकते हैं या SLW/SUR विकल्प चुन सकते हैं।

₹8 लाख से ₹12 लाख के बीच: आप ₹6 लाख तक एकमुश्त निकाल सकते हैं। शेष राशि कम से कम 6 साल में SUR के माध्यम से या एन्युटी में निवेश करनी होगी।

₹12 लाख से अधिक (गैर-सरकारी कर्मचारी): आप कुल फंड का 80% निकाल सकते हैं, जबकि 20% एन्युटी में निवेश करना अनिवार्य है, ताकि जीवनभर पेंशन मिलती रहे। सरकारी कर्मचारियों के लिए कम से कम 40% फंड एन्युटी में होना चाहिए।

SLW और SUR में क्या अंतर है?

SLW (Systematic Lump-sum Withdrawal): हर महीने तय रकम मिलेगी, जैसे ₹50,000। बाजार ऊपर-नीचे हो, रकम स्थिर रहेगी।

SUR (Systematic Unit Redemption): हर महीने तय यूनिट बिकती हैं। रकम बाजार के भाव पर निर्भर करेगी।

उदाहरण: अगर आपके पास ₹1 करोड़ है और NAV ₹10 है, तो आपके पास 10 लाख यूनिट हैं। SLW में ₹50,000 फिक्स मिलेगा, लेकिन SUR में यूनिट की कीमत के हिसाब से राशि बदलती रहेगी।

यूपी में बड़ी घोषणा: होली पर 4 दिन स्कूल-कॉलेज बंद, छात्रों को बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कर्मचारियों और छात्रों के लिए खुशखबरी दी है। इस साल होली के अवसर पर उत्तर प्रदेश में 2, 3 और 4 मार्च 2026 को सरकारी अवकाश घोषित किया गया है। इसको लेकर दिशा निर्देश जारी किये गए हैं। 

2 मार्च: होलिका दहन

3 मार्च: संभावित अवकाश (सरकारी निर्णय अनुसार)

4 मार्च: रंगों वाली होली

चूंकि 1 मार्च रविवार है, इसलिए कर्मचारियों और छात्रों को लगातार चार दिन की छुट्टी मिल सकती है। हालांकि, 28 फरवरी (शनिवार) को राज्य में कार्यदिवस घोषित किया गया है और सरकारी दफ्तर खुले रहेंगे।

बैंकिंग सेवाओं पर असर

होली के दौरान 2, 3 और 4 मार्च को बैंक बंद रहेंगे। हालांकि ऑनलाइन बैंकिंग सेवाएं चालू रहेंगी। इसलिए नागरिकों को सलाह दी गई है कि जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें, ताकि किसी तरह की असुविधा न हो।

स्कूल और कॉलेज

सरकारी कैलेंडर के अनुसार, राज्य के सभी स्कूलों और कॉलेजों में 2, 3 और 4 मार्च को अवकाश रहेगा। इसका मतलब है कि बच्चों को भी लगातार चार दिन छुट्टी का आनंद मिलेगा।

आज सोने-चांदी में बंपर तेजी, बाजार में हड़कंप मच गया!

नई दिल्ली। देश के मल्टी कमोडिटी मार्केट में शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 के कारोबारी दिन सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। खासकर एमसीएक्स (MCX) पर गोल्ड और सिल्वर फ्यूचर्स ने निवेशकों की नजरें खींच ली हैं।

सोने में हलचल

एमसीएक्स पर 2 अप्रैल 2026 के एक्सपायरी वाले गोल्ड फ्यूचर वायदा ने 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ ट्रेड किया। सुबह कारोबार शुरू होने पर सोना 1,60,050 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि दिन के उच्चतम स्तर पर यह 1,60,234 रुपये तक पहुँच गया। आज सोने का भाव पिछले कारोबारी दिन की तुलना में 196 रुपये अधिक रहा।

शहरवार सोने के दाम इस प्रकार हैं:

दिल्ली: 24 कैरेट – 1,61,820 रुपए, 22 कैरेट – 1,48,340 रुपए, 18 कैरेट – 1,21,400 रुपए

मुंबई: 24 कैरेट – 1,61,010 रुपए, 22 कैरेट – 1,47,590 रुपए, 18 कैरेट – 1,20,760 रुपए

चेन्नई: 24 कैरेट – 1,62,550 रुपए, 22 कैरेट – 1,49,000 रुपए, 18 कैरेट – 1,27,500 रुपए

कोलकाता: 24 कैरेट – 1,61,570 रुपए, 22 कैरेट – 1,48,100 रुपए, 18 कैरेट – 1,21,180 रुपए

चांदी का रुझान

सिल्वर फ्यूचर वायदा भी तेजी के साथ 1.90 प्रतिशत उछल कर 2,64,600 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रहा था। दिन के दौरान चांदी का उच्चतम स्तर 2,68,009 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया।

शहरवार चांदी की कीमतें इस प्रकार हैं:

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता: 10 ग्राम चांदी – 2,850 रुपये, 100 ग्राम – 28,500 रुपये

चेन्नई: 10 ग्राम चांदी – 2,950 रुपये

योगी सरकार का बड़ा ऐलान, यूपी में होली की 3 दिन की छुट्टी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होली का त्योहार इस बार सरकारी कर्मचारियों के लिए और भी खास बनने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में होली के अवसर पर तीन दिन का आधिकारिक अवकाश देने का ऐलान किया है। यह छुट्टी 2, 3 और 4 मार्च 2026 को लागू रहेगी।

अतिरिक्त अवकाश की व्यवस्था

सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एक विशेष बदलाव करते हुए 28 फरवरी 2026, शनिवार को वर्किंग डे घोषित किया है। इसके बदले कर्मचारियों को 3 मार्च 2026 को अतिरिक्त अवकाश दिया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य त्योहार और काम के बीच संतुलन बनाए रखना है, ताकि कर्मचारियों को छुट्टी का पूरा लाभ मिल सके।

वेतन भुगतान सुनिश्चित

होली के मौके पर मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सरकारी कर्मचारियों का वेतन समय पर उनके बैंक खातों में जमा होना चाहिए। यह व्यवस्था केवल नियमित कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि संविदाकर्मी, आउटसोर्सिंग कर्मचारी और सफाईकर्मी भी इसका लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा है कि वेतन भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कर्मचारियों के लिए राहत

इस घोषणा से लाखों कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। अब उन्हें होली पर न केवल परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा, बल्कि आर्थिक चिंता भी नहीं रहेगी। सरकारी दफ्तर 28 फरवरी को खुलेंगे, जिससे प्रशासनिक काम भी नियमित रूप से चलता रहेगा और कर्मचारियों को छुट्टी का फायदा भी मिलेगा।

28 फरवरी को 'सौभाग्य योग': इन 4 राशियों पर चमकेगा भाग्य

राशिफल। 28 फरवरी 2026 को एक खास सौभाग्य योग बन रहा है, जो चार राशियों के लिए विशेष लाभ लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दिन ग्रहों की स्थिति और शुभ संयोग इन राशियों के लिए सफलता, समृद्धि और खुशियाँ लेकर आएंगे।

28 फरवरी का सौभाग्य योग

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए शुभ रहेगा, जिनकी राशि मिथुन, कन्या, धनु और मीन है। इस दिन किए गए नए काम, निवेश या महत्वपूर्ण निर्णयों में सफलता की संभावना अधिक मानी जा रही है। यह योग शाम 5:02 बजे तक रहेगा, जिसके बाद शोभन योग शुरू होगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह दिन करियर और वित्तीय मामलों में सकारात्मक साबित हो सकता है। पुराने निवेशों में लाभ मिलेगा और नए अवसर भी सामने आएंगे। स्वास्थ्य पर ध्यान देने की सलाह दी जाती है, लेकिन सामान्य तौर पर दिन शुभ रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए 28 फरवरी का दिन पारिवारिक जीवन और सामाजिक संबंधों में सौभाग्य लेकर आएगा। किसी लंबित कार्य या परियोजना में सफलता मिलने की संभावना है। शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षा के मामलों में भी दिन लाभकारी रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन विशेष रूप से यात्रा, व्यापार और साझेदारी के मामलों में लाभकारी रहेगा। किसी पुराने विवाद का समाधान होगा और आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है।

मीन राशि

मीन राशि के लिए यह दिन भावनात्मक स्थिरता और मानसिक शांति का संकेत देता है। निवेश या संपत्ति संबंधी निर्णय सोच-समझकर लें, तो यह दिन आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

सोते समय चढ़ते हैं नस? 5 पोषक तत्वों की कमी का असर

हेल्थ डेस्क। सोते समय अचानक हाथ या पैर में नसें चढ़ना यानी झनझनाहट या सुन्नपन होना कई लोगों के लिए आम समस्या बन चुकी है। इसे अक्सर उम्र, बैठने या सोने की गलत मुद्रा से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह आपके शरीर में कुछ जरूरी पोषक तत्वों की कमी का संकेत भी हो सकता है।

1. मैग्नीशियम की कमी

मैग्नीशियम मांसपेशियों और नसों के सही कामकाज के लिए बेहद जरूरी है। इसकी कमी होने पर नसें सिकुड़ने लगती हैं और सोते समय हाथ-पैर झनझनाने लगते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स और साबुत अनाज मैग्नीशियम के अच्छे स्रोत हैं।

2. कैल्शियम की कमी

हड्डियों और मांसपेशियों के स्वस्थ विकास के लिए कैल्शियम आवश्यक है। इसकी कमी से मांसपेशियों में ऐंठन और नसों में असहजता हो सकती है। दूध, दही और पनीर कैल्शियम का अच्छा स्रोत हैं।

3. पोटेशियम की कमी

पोटेशियम नसों और मांसपेशियों के संचार और कार्य में मदद करता है। इसकी कमी से झटके, ऐंठन और रात में नसें चढ़ने की समस्या हो सकती है। केले, शकरकंद और पपीता पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थ हैं।

4. विटामिन बी12 की कमी

विटामिन बी12 नसों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। इसकी कमी होने पर नसों में झनझनाहट और सुन्नपन की शिकायत बढ़ जाती है। अंडा, मांस, दूध और पनीर विटामिन बी12 के प्रमुख स्रोत हैं।

5. विटामिन डी की कमी

विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए जरूरी है। इसकी कमी नसों और मांसपेशियों की कमजोरी का कारण बन सकती है। धूप लेना और विटामिन डी युक्त आहार जैसे मछली और अंडे का सेवन फायदेमंद है।

बंगाल में कमल खिलेगा? BJP ने तैयार किया जन-केंद्रित संकल्प पत्र

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी चुनाव रणनीति तेज कर दी है। पार्टी ने “जनता के लिए और जनता द्वारा” आधारित संकल्प पत्र तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसका उद्देश्य राज्य के लोगों की वास्तविक समस्याओं को सीधे तौर पर जनता तक पहुँचाना है।

जनता से सुझावों का व्यापक संग्रह

पार्टी ने फरवरी के पहले हफ्ते में “विकसित पश्चिम बंगाल संकल्प पत्र, परामर्श संग्रह अभियान” शुरू किया। इसके तहत राज्य के लगभग 1,000 स्थानों पर ड्रॉप बॉक्स लगाए गए हैं। इसके अलावा टोल-फ्री नंबर, ईमेल, ऑनलाइन फॉर्म, टाउन-हॉल मीटिंग्स और QR कोड के जरिए भी जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं।

क्षेत्रीय मुद्दों पर विशेष ध्यान

बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व का निर्देश है कि संकल्प पत्र राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की विशेष समस्याओं को ध्यान में रखकर बनाया जाए। खास तौर पर उत्तर बंगाल के 8 जिलों कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और मालदा की स्थानीय समस्याओं पर जोर दिया जाएगा। इन क्षेत्रों के लिए अलग मिनी-मैनिफेस्टो या विशेष घोषणापत्र लाने की योजना भी है।

बेरोजगारी और युवाओं के लिए प्रस्ताव

पार्टी के अंदरखाने चर्चा के मुताबिक, बेरोजगार युवाओं के लिए 25,000 रुपये तक मासिक प्रोत्साहन भत्ता देने और इसे जॉब ओरिएंटेड ट्रेनिंग से जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा 20 लाख नई नौकरियों, महिलाओं की सुरक्षा, भ्रष्टाचार को समाप्त करने और कानून व्यवस्था में सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

विकास और बुनियादी ढांचे में सुधार

संकल्प पत्र में केंद्रीय योजनाओं के विस्तार, मेट्रो और रेलवे सुविधाओं का विकास और क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी जैसे मुद्दों पर भी फोकस रहेगा। पार्टी टीएमसी के शासन के दौरान उत्पन्न हुई कमियों को उजागर करते हुए खुद को जनता का वास्तविक विकल्प के रूप में पेश करेगी।

मार्च तक होगा संकल्प पत्र जारी

संकल्प पत्र समिति संकलित सुझावों को एक-दो दिन में संकल्प पत्र के ड्राफ्ट में शामिल करेगी। केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद इसे राज्य में वापस भेजा जाएगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके जारी होने के समय केंद्रीय नेता, संभवतः गृह मंत्री सहित, उपस्थित रह सकते हैं। इस तरह बीजेपी बंगाल चुनाव में जनता की आवाज़ को सीधे अपने संकल्प पत्र में शामिल कर, खुद को जन-केंद्रित विकल्प के रूप में पेश करने की पूरी तैयारी कर रही है।

कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी, सैलरी-पेंशन बढ़ाने की तैयारी शुरू

न्यूज डेस्क। असम सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 8वें असम वेतन आयोग के गठन की घोषणा के साथ ही यह संकेत मिल गया है कि आने वाले समय में कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी संभव है। यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही सैलरी और भत्तों में सुधार की मांग को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

10 साल बाद सैलरी में बड़ा बदलाव

राज्य में आखिरी बार सैलरी में बड़ा बदलाव अप्रैल 2016 में हुआ था, जब 7वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू की गई थीं। तब से अब तक कर्मचारियों के वेतन संरचना में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। अब 2026 में 8वें असम वेतन आयोग की स्थापना के साथ पूरी समीक्षा प्रक्रिया शुरू हो गई है। इससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई और बढ़ते खर्च के बीच राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

आयोग की जिम्मेदारी और संरचना

सरकार ने इस आयोग की कमान रिटायर्ड आईएएस अधिकारी सुभाष चंद्र दास को सौंपी है। आयोग में उनके अलावा सात अन्य सदस्य शामिल होंगे, जो राज्य की आर्थिक स्थिति और कर्मचारियों की जरूरतों का अध्ययन करेंगे। इसमें वित्त विभाग, कार्मिक विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और गुवाहाटी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर रतुल महंता भी सदस्य हैं। आयोग का मुख्यालय गुवाहाटी में होगा और सचिव, वित्त विभाग, सदस्य सचिव की भूमिका निभाएंगे।

रिपोर्ट का समय और प्रक्रिया

8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने और सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस दौरान आयोग पुराने सैलरी रिवीजन, देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति और केंद्रीय वेतन आयोग की संभावित सिफारिशों का अध्ययन करेगा। रिपोर्ट आने के बाद राज्य सरकार चरणबद्ध तरीके से सैलरी और भत्तों में बदलाव लागू कर सकती है।

किसे मिलेगा लाभ और किसे नहीं

यह आयोग राज्य सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए काम करेगा, जिनकी सैलरी पुराने संरचना पर आधारित है। हालांकि, ऑल इंडिया सर्विस के अधिकारी, कॉलेज प्रोफेसर, मेडिकल और तकनीकी संस्थानों के कर्मचारी, और न्यायिक सेवा के अधिकारी इस आयोग के दायरे में शामिल नहीं होंगे।

यूपी सरकार का तोहफा: सभी सरकारी और संविदा कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले

लखनऊ। होली के पर्व से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी नियमित कर्मचारियों का वेतन हर हाल में होली से पहले उनके बैंक खातों में पहुंच जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि आउटसोर्सिंग कर्मी, संविदा कर्मचारी, सफाईकर्मी और अन्य अस्थायी कर्मचारियों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि वेतन या पेंशन वितरण में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस फैसले से प्रदेश के 35 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के कर्मियों, शहरी निकाय कर्मचारियों और कार्यप्रभारित कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा। लाखों संविदाकर्मियों और पेंशनरों को भी समय पर भुगतान मिलने से होली का पर्व उत्साह और सुकून के साथ मनाने का अवसर मिलेगा। 

अवकाश की व्यवस्था भी स्पष्ट

शासन ने 28 फरवरी 2026 (शनिवार) को कार्यदिवस घोषित किया है ताकि वेतन वितरण की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके। वहीं 2, 3 और 4 मार्च को होली के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश रहेगा। 3 मार्च 2026 को विशेष अवकाश भी दिया गया है। लगातार अवकाश को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि 28 फरवरी को ही वेतन और पेंशन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। 1 मार्च को सामान्य अवकाश (रविवार) और 2 मार्च को होलिका दहन के कारण सार्वजनिक अवकाश रहेगा। ऐसे में किसी प्रकार की देरी से बचने के लिए अग्रिम तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।

पेंशनरों को भी मिलेगा लाभ

कोषागार से पेंशन प्राप्त करने वाले पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को भी फरवरी माह की पेंशन 28 फरवरी को ही उपलब्ध कराने को कहा गया है। वित्त विभाग ने साफ किया है कि त्योहार से पहले सभी लाभार्थियों के खातों में धनराशि पहुंचना अनिवार्य है।

बिहार में 'सिविल जज' की बंपर भर्ती, 18 मार्च तक आवेदन

पटना। बिहार में सिविल जज के पदों के लिए बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के 173 रिक्त पदों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 25 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन bpsc.bihar.gov.in वेबसाइट के माध्यम से ही किया जा सकेगा।

पद और संख्या

पोस्ट का नाम: सिविल जज (जूनियर डिवीजन)

रिक्त पदों की संख्या: 173

योग्यता मानक

इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार के पास बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा मान्यता प्राप्त किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज से एलएलबी की डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही उम्मीदवार को अधिवक्ता के रूप में कम से कम तीन वर्षों का लगातार व्यावसायिक अनुभव होना चाहिए।

आयु सीमा

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 22 वर्ष, जबकि अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित किया गया हैं।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। आप बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की वेबसाइट पर जा कर आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन शुरू होने की तिथि: 25 फरवरी 2026

आवेदन करने की अंतिम तिथि: 18 मार्च 2026

केंद्र सरकार की अच्छी स्किम: किसानों को पेंशन की सौगात

नई दिल्ली। भारत की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। लेकिन सच्चाई यह है कि हर किसान आर्थिक रूप से सुरक्षित नहीं है। उम्र बढ़ने के साथ खेतों में काम करने की क्षमता घटती है और आमदनी भी कम हो जाती है। ऐसे समय में नियमित आय का कोई साधन न हो तो जीवन कठिन हो सकता है। 

इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना की शुरुआत की। यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, ताकि उन्हें बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा मिल सके।

कितनी मिलती है पेंशन?

इस योजना के तहत पात्र किसान को 60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद हर महीने 3,000 रुपये की निश्चित पेंशन दी जाती है। यानी सालाना 36,000 रुपये की गारंटीड राशि सीधे लाभार्थी को मिलती है। यह पेंशन किसानों को दैनिक खर्च, दवाइयों और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सहारा देती है।

कितना करना होता है योगदान?

योजना में शामिल होने के लिए किसान को अपनी उम्र के अनुसार हर महीने एक निश्चित राशि जमा करनी होती है। यह योगदान लगभग 55 रुपये से 200 रुपये प्रतिमाह तक हो सकता है। खास बात यह है कि किसान जितनी राशि जमा करता है, उतनी ही राशि सरकार भी उसके खाते में जमा करती है। यानी यह एक तरह की साझेदारी आधारित पेंशन योजना है।

कौन ले सकता है इसका लाभ?

यह योजना मुख्य रूप से 18 से 40 वर्ष आयु के छोटे और सीमांत किसानों के लिए है। लाभार्थी के पास कृषि योग्य जमीन होनी चाहिए और वह आयकरदाता या किसी अन्य बड़ी पेंशन योजना का लाभार्थी नहीं होना चाहिए।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

आवेदन की प्रक्रिया सरल रखी गई है। इच्छुक किसान को अपने आधार कार्ड, बैंक पासबुक और आयु प्रमाण पत्र के साथ नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाना होता है। वहां आधार आधारित पंजीकरण किया जाता है और किसान की उम्र के अनुसार मासिक अंशदान तय किया जाता है। पंजीकरण के बाद तय राशि हर महीने जमा की जाती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर किसान को नियमित रूप से 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिलने लगती है।

भारत-इजरायल के बीच 27 समझौते, दोनों देश मिलकर बढ़ाएंगे सैन्य ताकत!

नई दिल्ली। भारत और इजरायल के संबंधों ने एक और अहम पड़ाव पार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय राजकीय दौरे के बाद दोनों देशों ने कुल 27 महत्वपूर्ण परिणामों की घोषणा की। इनमें 17 समझौते (MoU) और 10 प्रमुख रणनीतिक घोषणाएं शामिल हैं। इनका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक, तकनीक-आधारित और लोगों के हितों पर केंद्रित बनाना है।

दोनों देशों ने अपने संबंधों को “स्पेशल स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप” तक विस्तारित करने की घोषणा की। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर संयुक्त समिति को मंत्री-स्तर तक उन्नत किया गया, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के नेतृत्व में क्रिटिकल और उभरती तकनीकों पर नई पहल शुरू की गई है। यह कदम रक्षा, साइबर और उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगा।

डिजिटल भुगतान और रेमिटेंस में बड़ा कदम

डिजिटल सहयोग के तहत NPCI और MASAV के बीच समझौता हुआ है। इसका उद्देश्य भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के माध्यम से क्रॉस-बॉर्डर रेमिटेंस को आसान और तेज बनाना है।

जियोफिजिकल और मिनरल एक्सप्लोरेशन

जियोफिजिकल एक्सप्लोरेशन के क्षेत्र में हुए समझौते के तहत एडवांस्ड जियोफिजिकल और AI तकनीकों का उपयोग कर खनिज संसाधनों की खोज को बढ़ावा दिया जाएगा। डेटा शेयरिंग, निवेश आकर्षण और सतत संसाधन विकास पर विशेष जोर रहेगा।

कृषि और मत्स्य क्षेत्र में इनोवेशन में सहयोग 

कृषि क्षेत्र में ICARऔर MASHAV के बीच इंडिया-इजराइल इनोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर स्थापित करने पर सहमति बनी है। यह केंद्र प्रिसिजन फार्मिंग, सैटेलाइट आधारित सिंचाई और आधुनिक कृषि मशीनरी पर काम करेगा। मत्स्य और एक्वाकल्चर क्षेत्र में भी उन्नत तकनीक, मैरीकल्चर और रोग प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए MoU साइन किए गए हैं।

सांस्कृतिक जुड़ाव और समुद्री विरासत

गुजरात के लोथल स्थित नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स के विकास में सहयोग पर भी सहमति बनी है। प्रदर्शनियों, शोध, प्रकाशनों और विशेषज्ञों के आदान-प्रदान के जरिए साझा समुद्री विरासत को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही 2026 से 2029 तक सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम चलाने पर सहमति हुई है, जिसके तहत संगीत, नृत्य, थिएटर और दृश्य कलाओं में सहयोग बढ़ेगा।

वित्तीय और तकनीकी सहयोग

वित्तीय क्षेत्र में IFSCA और ISA के बीच सहयोग समझौता हुआ है, जिससे फिनटेक और रेगटेक में साझेदारी मजबूत होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में एथिकल AI, रिसर्च और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है। शिक्षा में AI आधारित ह्यूमन-सेंटर्ड लर्निंग को बढ़ावा देने के लिए अलग से MoU साइन हुआ है।

शिक्षा और अकादमिक सहयोग

Nalanda University और Hebrew University of Jerusalem के बीच शैक्षणिक सहयोग समझौता हुआ है। इसके तहत बौद्ध अध्ययन, पुरातत्व, गणित और अंतरराष्ट्रीय संबंध जैसे विषयों में फैकल्टी और छात्र विनिमय को बढ़ावा मिलेगा। साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत में इंडो-इजराइल साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में भी लेटर ऑफ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

भारत करेगा खूंखार मिसाइल डिफेंस ट्रेनिंग, बढ़ेगी सुरक्षा ताकत

नई दिल्ली। हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सामरिक चुनौतियों के बीच भारतीय नौसेना अपने युद्धपोतों की सुरक्षा को नई धार देने की तैयारी में है। नौसेना ने अगली पीढ़ी के Expendable Aerial Target (EAT-NG) सिस्टम के लिए सूचना अनुरोध (RFI) जारी किया है। इन विशेष ड्रोन का उपयोग अभ्यास के दौरान वास्तविक दुश्मन मिसाइल की तरह किया जाएगा, जिन्हें बाद में मार गिराया जाएगा।

क्या होंगे ये खास ड्रोन?

Expendable Aerial Target दरअसल ऐसे टारगेट ड्रोन हैं जो दुश्मन की तेज रफ्तार, समुद्र की सतह के बेहद करीब उड़ने वाली एंटी-शिप मिसाइलों की नकल करते हैं। नौसेना चाहती है कि ये ड्रोन समुद्र से लगभग 5 मीटर की ऊंचाई पर उड़ान भरें और अचानक हमले जैसी स्थिति तैयार करें। इससे जहाजों पर तैनात मिसाइल और गन सिस्टम की वास्तविक क्षमता का परीक्षण किया जा सकेगा।

क्यों जरूरी है नई ट्रेनिंग?

भारतीय युद्धपोत पहले से उन्नत मिसाइल रक्षा प्रणाली बराक-8 से लैस हैं। लेकिन किसी भी सिस्टम की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए वास्तविक परिस्थितियों में अभ्यास बेहद जरूरी होता है। नए टारगेट ड्रोन को मिसाइल या तोप से निशाना बनाकर गिराया जाएगा, ताकि नौसैनिकों को असली खतरे जैसा अनुभव मिल सके।

तकनीकी मानक क्या होंगे?

नौसेना की शर्तों के अनुसार इन ड्रोन की रफ्तार करीब 300 मीटर प्रति सेकंड होनी चाहिए। वे कम से कम एक घंटे तक उड़ान भर सकें और बेहद कम ऊंचाई पर भी स्थिर रहें। साथ ही 2G तक के तीखे मोड़ लेने की क्षमता होनी चाहिए, ताकि वे चुस्त दुश्मन मिसाइल जैसा व्यवहार कर सकें। एक कंट्रोल स्टेशन से कई ड्रोन एक साथ संचालित करने की सुविधा भी आवश्यक होगी।

लॉन्च और रिकवरी व्यवस्था

इन टारगेट ड्रोन को जहाज या तट से रॉकेट सहायता से लॉन्च किया जा सकेगा। समुद्र की मध्यम स्थिति और तेज हवाओं में भी इनके संचालन की क्षमता जरूरी होगी। अभ्यास पूरा होने के बाद ड्रोन कुछ समय तक पानी पर तैर सकें, ताकि उन्हें वापस लाकर डेटा का विश्लेषण किया जा सके।

बिहार में नई रेल लाइन? केंद्र सरकार को भेजी गई सिफारिश

पटना। बिहार में रेल नेटवर्क विस्तार की दिशा में एक अहम पहल की गई है। मधुबनी–बेनीपट्टी–पुपरी के बीच नई रेल लाइन बिछाने के प्रस्ताव को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय को औपचारिक सिफारिश भेज दी है। यह जानकारी विधान परिषद में दी गई।

प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने सदन में बताया कि इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस रेल लाइन को क्षेत्रीय विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानती है और इसके लिए केंद्र से सहयोग की अपेक्षा है।

आपको बता दें की यह जानकारी धनश्याम ठाकुर द्वारा लाए गए गैर-सरकारी संकल्प के जवाब में दी गई। मंत्री ने कहा कि प्रस्ताव को औपचारिक रूप से भेज दिया गया है और अब केंद्र सरकार तथा रेल मंत्रालय के स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मधुबनी, बेनीपट्टी और पुपरी को रेल मार्ग से जोड़ने की मांग लंबे समय से उठती रही है। इस परियोजना के साकार होने पर सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी। साथ ही व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी आसान होने की उम्मीद है।

यदि केंद्र से स्वीकृति मिलती है तो यह रेल लाइन उत्तर बिहार के लिए एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजना साबित हो सकती है। फिलहाल राज्य सरकार की नजर केंद्र के निर्णय पर टिकी है।

1 से 7 मार्च तक शुभ योग: ये 5 राशियां पाएंगी विशेष लाभ

राशिफल। 1 से 7 मार्च के बीच ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कई मायनों में विशेष मानी जा रही है। इस अवधि में बनने वाले शुभ योग कुछ राशियों के लिए प्रगति, लाभ और नए अवसरों के संकेत दे रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह सप्ताह आर्थिक, करियर और पारिवारिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। आइए जानते हैं किन 5 राशियों के लिए यह समय विशेष फलदायी रह सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह सप्ताह ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। रुके हुए कार्यों में गति आएगी। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जो भविष्य में पदोन्नति का मार्ग खोल सकती है। व्यापार में भी नए संपर्क लाभ दिला सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। निवेश से जुड़े निर्णय सोच-समझकर लें, लाभ के संकेत हैं। परिवार में सुखद माहौल रहेगा। पुराने विवाद सुलझने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। यदि कोई नया प्रोजेक्ट शुरू करने की योजना है तो सप्ताह अनुकूल है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा या इंटरव्यू की तैयारी कर रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। साझेदारी में किया गया कार्य लाभकारी रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए करियर और व्यवसाय में उन्नति के योग बन रहे हैं। धन आगमन के नए स्रोत बन सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा, जिससे संबंध मजबूत होंगे।

बिहार में राशन कार्ड जांच में तेजी, ई-केवाईसी 31 मार्च तक पूरी करें

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में संदिग्ध राशन कार्डों की जांच प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश जारी किए हैं। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के विशेष सचिव उपेंद्र कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के अधिकारियों से कहा कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटाया जाए।

ई-केवाईसी की समयसीमा

अब तक लगभग 82 प्रतिशत लाभुकों का ई-केवाईसी कार्य पूरा हो चुका है। शेष बचे लाभुकों का 31 मार्च तक ई-केवाईसी पूरा करना अनिवार्य है। ई-केवाईसी से फर्जी और अपात्र कार्डों की पहचान आसान होगी और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ सुनिश्चित किया जा सकेगा।

लाइसेंस 30 अप्रैल तक

विशेष सचिव ने स्पष्ट किया कि पीडीएस दुकानों में मौजूद रिक्त पदों को 31 मार्च तक भरना अनिवार्य है। उनका कहना था कि खाली पदों के कारण लाभुकों को राशन मिलने में कोई रुकावट नहीं होनी चाहिए। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 अप्रैल तक सभी पात्र उम्मीदवारों को लाइसेंस जारी कर दिया जाए। इससे राशन वितरण की व्यवस्था और अधिक सुचारु होगी।

निगरानी और जवाबदेही

अधिकारियों को पीडीएस प्रकाश ऐप के जरिए दुकानों की नियमित मॉनिटरिंग करने का निर्देश भी दिया गया। विभाग का उद्देश्य है कि राशन वितरण में कोई अनियमितता न हो और लाभ सीधे पात्र लाभुकों तक पहुंचे। विशेष सचिव ने बैठक में बार-बार कहा कि समय पर कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि सभी योजना लाभार्थियों को बिना किसी बाधा के राशन मिल सके।

मैक 5 स्पीड + AI दिमाग: इजरायल से आएगी बड़ी ताकत

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना (IAF) ने इजरायल की Sky Sting एयर-टू-एयर मिसाइल को अपने बेड़े में शामिल करने पर विचार कर रही है। यह मिसाइल उच्च गति और स्मार्ट तकनीक के साथ विकसित की जा रही है, जिससे लंबी दूरी पर टारगेट को निशाना बनाना आसान होगा।

विशेषताएँ और ताकत

Sky Sting लगभग 250 किलोमीटर तक निशाना साध सकती है और इसकी रफ्तार मैक 5 से अधिक है। हल्के लड़ाकू विमान भी इसे आसानी से ले जा सकते हैं, इसलिए HAL Tejas Mk1A में इसे इस्तेमाल करने की योजना है। भविष्य में Sukhoi Su-30MKI पर इसे लगाने की संभावना भी देखी जा रही है।

मिसाइल में तीन-पल्स रॉकेट मोटर है, जो अंतिम चरण में स्पीड बढ़ाती है। इसमें AI आधारित टारगेट पहचान, जैमिंग-रोधी क्षमता और दो-तरफा डेटा लिंक जैसी आधुनिक तकनीक मौजूद है। इसका मतलब है कि उड़ान के दौरान पायलट टारगेट बदल सकते हैं या बेहतर लॉकिंग कर सकते हैं।

खरीद और उत्पादन योजना

शुरुआत में Sky Sting को इजरायल से सीधे आयात किया जा सकता है। बाद में भारत में Rafael Advanced Defense Systems के साथ मिलकर उत्पादन पर काम किया जा सकता है। हालांकि, इस कदम से भारत की स्वदेशी Astra मिसाइल परियोजना पर असर पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

पहले से मौजूद इजरायली सिस्टम

भारत पहले से ही कई इजरायली हथियारों का इस्तेमाल करता है, जिनमें Python-5, I-Derby ER, SPYDER एयर डिफेंस और SPICE गाइडेड बम शामिल हैं। Sky Sting को इन्हीं हथियारों के साथ एक अतिरिक्त ताकत के रूप में देखा जा रहा है।

शनि का जादू छाएगा: ये 5 राशियां बनेंगी धन और भाग्य की सुपरस्टार

राशिफल। इस समय ग्रह शनि की चाल इन 5 राशियों के लिए बेहद अनुकूल मानी जा रही है। ज्योतिषियों के अनुसार, शनि का प्रभाव आने वाले समय में इन राशियों के जीवन में कई सकारात्मक बदलाव ला सकता है। विशेष रूप से करियर, धन और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लाभ के संकेत मिल रहे हैं।

1. मकर राशि

मकर राशि वाले अपने करियर में स्थिरता और सफलता की नई ऊँचाई तक पहुँच सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए काम या निवेश में अचानक लाभ मिलने की संभावना है।

2. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि की चाल से वित्तीय मजबूती आएगी। पुराने कर्ज़ या आर्थिक परेशानियों से मुक्ति मिल सकती है। साथ ही, नौकरी या व्यवसाय में तरक्की के अवसर बढ़ेंगे।

3. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लोग शनि के प्रभाव से स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति में सुधार देख सकते हैं। साथ ही भाग्य के अच्छे पल सामने आएंगे, जिससे नई परियोजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए शनि का प्रभाव परिवार और संबंधों में सामंजस्य बढ़ाएगा। निवेश और धन संबंधी मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए शनि की स्थिति से लंबे समय से रुकी हुई योजनाएँ साकार हो सकती हैं। वित्तीय लाभ के साथ-साथ करियर में मान-सम्मान बढ़ने की संभावना है।

2026 में हथियार बेचने वाले दुनिया के 10 सबसे बड़े देश

न्यूज डेस्क। 2026 में हथियार निर्यात के क्षेत्र में वैश्विक रैंकिंग में अमेरिका ने अपनी बढ़त बनाए रखी है। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक अमेरिका है, जिसके पास वैश्विक हथियार निर्यात का लगभग 43% हिस्सा है।

टॉप निर्यातक देश और उनके आंकड़े

अमेरिका (USA): अमेरिका की अग्रणी स्थिति मुख्य रूप से आधुनिक विमान, टैंक और मिसाइल सिस्टम के निर्यात के कारण है।

फ्रांस (France): 9.6% हिस्सेदारी के साथ फ्रांस दूसरे स्थान पर है। राफेल विमानों की बढ़ती मांग ने रूस को पीछे छोड़ दिया।

रूस (Russia): 7.8% हिस्सेदारी। यूक्रेन युद्ध और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के कारण रूस का निर्यात पिछले कुछ वर्षों में काफी कम हुआ है।

चीन (China): चीन का 5.9% हिस्सा है। यह मुख्य रूप से पाकिस्तान और अफ्रीकी देशों को हथियार आपूर्ति करता है।

जर्मनी (Germany): 5.6% हिस्सेदारी के साथ जर्मनी पनडुब्बियों और बख्तरबंद वाहनों के लिए जाना जाता है।

इटली (Italy): 4.8% हिस्सेदारी के साथ इटली तेजी से अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।

यूनाइटेड किंगडम (UK): 3.6% हिस्सेदारी, विशेषकर वायु रक्षा और आधुनिक हथियार प्रणालियों में।

इजरायल (Israel): लगभग 3.1% हिस्सेदारी। इजरायल मिसाइल रक्षा प्रणालियों और ड्रोन टेक्नोलॉजी में अग्रणी है।

स्पेन (Spain): 3.0% हिस्सेदारी। स्पेन का निर्यात मुख्य रूप से समुद्री और हवाई रक्षा उपकरण में केंद्रित है।

दक्षिण कोरिया (South Korea): 2.2% हिस्सेदारी। दक्षिण कोरिया तेजी से वैश्विक हथियार बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज कर रहा है।