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केंद्र सरकार का आदेश, देशभर के किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के किसानों को खेती के लिए आसान कर्ज उपलब्ध कराने पर केंद्र सरकार का फोकस बढ़ा है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों से हर किसान तक किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की सुविधा पहुंचाने के प्रयास तेज करने को कहा है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थियों को KCC से जोड़ने पर जोर दिया जा सकता है, जिससे उन्हें अपेक्षाकृत कम ब्याज दर पर कृषि ऋण मिल सके।

राज्यों को केंद्र की मदद का भरोसा

दक्षिणी राज्यों के क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में चौहान ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा। कृषि क्षेत्र के लिए राज्यों की स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक अलग रोडमैप तैयार करने पर भी जोर दिया गया।

सरकार का फोकस खेती की लागत कम करने, उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने, फसल विविधीकरण, फसल बीमा और मिट्टी की सेहत सुधारने जैसे क्षेत्रों पर है। अल नीनो जैसी मौसम संबंधी चुनौतियों को देखते हुए जिलावार तैयारी और कम पानी वाली फसलों को बढ़ावा देने की बात भी कही गई है।

किसानों की उपज और बीज पर भी जोर

राज्यों से किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने और खराब बीज व कीटनाशकों से सुरक्षा के लिए मौजूदा नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया है। केंद्र ने दालों की खरीद और कृषि क्षेत्र में बाजार व उत्पादन से जुड़े उपायों पर भी जोर दिया है।

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, हर दो घंटे में होगी चेकिंग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पावर कारपोरेशन ने निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। प्रमुख सचिव ऊर्जा और पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर जिले में बिजली आपूर्ति की स्थिति का नियमित रिकॉर्ड तैयार किया जाए।

हर दो घंटे में बनेगी रिपोर्ट

नई व्यवस्था के तहत विद्युत वितरण कंपनियों के कंट्रोल रूम से हर दो घंटे में फीडरवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी। इसमें यह जानकारी भी दर्ज होगी कि किसी इलाके में रोस्टरिंग के कारण बिजली बंद हुई है या फिर ब्रेकडाउन की वजह से आपूर्ति प्रभावित हुई। इससे किसी भी फीडर की स्थिति की जानकारी जरूरत पड़ने पर तुरंत मिल सकेगी।

डिस्काम के प्रबंध निदेशकों को रोजाना बिजली आपूर्ति की समीक्षा कर जिलेवार और फीडरवार रिपोर्ट मुख्यालय भेजने को कहा गया है। फीडर मीटरों के आंकड़ों का भी नियमित विश्लेषण किया जाएगा और जहां कमी मिलेगी, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

त्योहारों में निर्बाध बिजली पर जोर

रणवीर प्रसाद ने आगामी त्योहारों को देखते हुए निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक बिजली उपलब्ध कराने के लिए पहले से प्रभावी तैयारी करने को कहा। साथ ही भविष्य में कोयले की कमी से बिजली संकट न हो, इसके लिए वैकल्पिक इंतजाम मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा बिजनेस प्लान के तहत चल रहे कार्यों को समय पर पूरा करने और वितरण व्यवस्था में सुधार के लिए स्पष्ट कार्ययोजना बनाने पर भी जोर दिया गया है। नई निगरानी व्यवस्था से शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में भी बिजली आपूर्ति की स्थिति पर नजर और मजबूत होने की उम्मीद है।

यूपी सरकार की बड़ी तैयारी, 28 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी, लोगों को राहत!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार पूर्वांचल में निवेश, रोजगार और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए नई परियोजना शुरू करने की तैयारी में है। UP-AGE (Enabling District-Led Economic Growth) नाम की इस परियोजना को विश्व बैंक के सहयोग से करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत से पांच साल में लागू करने का प्रस्ताव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विश्व बैंक के अधिकारियों के साथ योजना को लेकर चर्चा की।

28 जिलों में बढ़ेंगे आर्थिक अवसर

UP-AGE के पहले चरण में पूर्वांचल के 28 जिलों को शामिल किया गया है। बुंदेलखंड के सात जिलों को भी इससे जोड़ने की संभावना है। योजना के तहत हर जिले की स्थानीय जरूरत और उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखकर अलग आर्थिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

सरकार का फोकस केवल खेती तक सीमित न रहकर उद्योग और सेवा क्षेत्र को मजबूत करने पर है। स्थानीय उत्पादों को बेहतर डिजाइन, पैकेजिंग और नए बाजारों से जोड़कर निर्यात बढ़ाने की कोशिश होगी। ODOP उत्पादों को भी नए बाजार उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा।

एक लाख नए कारोबार का प्रस्ताव

परियोजना के तहत करीब 1 लाख नए कारोबार शुरू कराने और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव है। पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं में भी रोजगार व निवेश के नए अवसर तैयार किए जाएंगे।

वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में कौशल प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में मेडिसिटी और हेल्थ टूरिज्म की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। कृषि प्रसंस्करण के विस्तार के अलावा करीब 10 हजार पॉलीहाउस बनाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।

अब परियोजना की प्रारंभिक रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजी जाएगी। मंजूरी की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद योजना को जमीन पर उतारने की दिशा में काम तेज होने की उम्मीद है।

मंगल का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-करियर में लाभ के योग

राशिफल। 24 सितंबर 2026 को मंगल ग्रह पुष्य नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष में पुष्य नक्षत्र का स्वामी शनि माना जाता है। मंगल और शनि की ऊर्जा के इस संयोग को कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस नक्षत्र परिवर्तन से कुछ राशियों के लिए धन, नौकरी और कारोबार से जुड़े सकारात्मक अवसर बन सकते हैं।

इन 5 राशियों को मिल सकता है लाभ

मेष राशि: 

कामकाज में तेजी आ सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं।

वृषभ राशि: 

आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग बन सकते हैं। रुके हुए काम आगे बढ़ने के साथ आय के नए साधन मिलने की संभावना बन सकती है।

कर्क राशि: 

करियर में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। कारोबार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा होने की संभावना है। मेहनत का बेहतर परिणाम मिल सकता है।

तुला राशि: 

नौकरी और व्यापार में प्रगति के योग बन सकते हैं। आर्थिक मामलों में लिया गया कोई फैसला भविष्य में लाभ दे सकता है। परिवार का सहयोग भी मिल सकता है।

धनु राशि: 

मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए उपलब्धियों के नए रास्ते खोल सकता है। कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ने और धन लाभ के अवसर मिलने की संभावना है।

भारत की अर्थव्यवस्था ने मचाई धूम! चीन और यूरोप पीछे, ग्रोथ में भारत सबसे आगे

नई दिल्ली। भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर वैश्विक स्तर पर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के सितंबर 2026 के आकलन में भारत का ग्रोथ आउटलुक सर्वे में शामिल क्षेत्रों में सबसे मजबूत बताया गया है। वहीं चीन के आर्थिक परिदृश्य को लेकर विशेषज्ञों की उम्मीदें कमजोर हुई हैं, जबकि यूरोप सबसे कमजोर क्षेत्र बना हुआ है।

भारत पर बढ़ा अर्थशास्त्रियों का भरोसा

WEF के सर्वे में 98% मुख्य अर्थशास्त्रियों ने माना कि अगले 12 महीनों में भारत की आर्थिक वृद्धि औसत या उससे बेहतर रह सकती है। वहीं 74% विशेषज्ञों को मजबूत या बहुत मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है। मई में यह आंकड़ा 52% था। WEF ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि का अनुमान 6.7% रखा है। भारत की मजबूत घरेलू मांग को आर्थिक विकास का प्रमुख सहारा माना गया है। हालांकि, ऊंची ऊर्जा कीमतें और जियोपॉलिटिकल तनाव आगे चुनौती बन सकते हैं।

चीन और यूरोप का आउटलुक कमजोर

भारत के मुकाबले चीन की तस्वीर अलग है। WEF के मुताबिक करीब एक-तिहाई अर्थशास्त्रियों को चीन में कमजोर आर्थिक वृद्धि की आशंका है। यूरोप की स्थिति और कमजोर बताई गई है, जहां 61% विशेषज्ञों ने कमजोर या बहुत कमजोर ग्रोथ की संभावना जताई। अमेरिका, दक्षिण-पूर्व एशिया और मध्य एशिया को लेकर भी अपेक्षाकृत मजबूत वृद्धि की उम्मीद जताई गई है।

वैश्विक जोखिम के बीच भारत को घरेलू मांग का सहारा

सर्वे में शामिल अर्थशास्त्रियों के मुताबिक अगले साल जियोपॉलिटिकल टकराव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी अनिश्चितता रह सकते हैं। इसके बावजूद भारत की घरेलू मांग को मजबूत माना जा रहा है, जो बाहरी झटकों के असर को कुछ हद तक कम कर सकती है। यह आकलन भारत के अप्रैल-जून तिमाही के GDP आंकड़े जारी होने से पहले किया गया था। बाद में इस अवधि में अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 7.8% दर्ज की गई।

बिहार में रेलवे का विस्तार! तीसरी-चौथी लाइन के लिए टेंडर शुरू, इन जिलों को खुशखबरी

पटना। बिहार में रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। डीडीयू-पटना-झाझा रेलखंड पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए रेलवे ने रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। पूर्व मध्य रेल प्रशासन डीडीयू से झाझा के बीच करीब 400 किलोमीटर अतिरिक्त रेल लाइन विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है।

छह हिस्सों में आगे बढ़ेगा काम

योजना के तहत डीडीयू से किऊल तक तीसरी और चौथी लाइन, जबकि किऊल से झाझा के बीच तीसरी लाइन विकसित की जाएगी। पूरे प्रोजेक्ट को छह सेक्शन में बांटा गया है। डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा। रेलवे की ओर से अलग-अलग हिस्सों में काम को आगे बढ़ाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा?

डीडीयू से झाझा का यह रूट दिल्ली-हावड़ा कॉरिडोर के व्यस्त रेल मार्गों में शामिल है। यहां यात्री ट्रेनों के साथ बड़ी संख्या में मालगाड़ियां भी चलती हैं। अतिरिक्त लाइन बनने से ट्रेनों के संचालन के लिए ज्यादा क्षमता उपलब्ध होगी और परिचालन का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

इसका फायदा राजधानी और सुपरफास्ट ट्रेनों समेत दूसरी यात्री सेवाओं को भी मिल सकता है। ट्रेनों के आउटर पर रुकने और परिचालन में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है। साथ ही बिहार के साथ उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बीच यात्री आवागमन व माल ढुलाई को भी बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिल सकती है।

बिहार में 4-लेन सड़क का नया रास्ता तैयार! कई जिलों के लोगों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। मुंगेर-मिर्जाचौकी ग्रीनफील्ड फोरलेन के पैकेज-1 पर 15 नवंबर से वाहनों की आवाजाही शुरू कराने की तैयारी चल रही है। इस पैकेज में मुंगेर के जानकी नगर से खड़िया गांव तक करीब 22.56 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क तैयार की गई है।

इस परियोजना पर लगभग 845.27 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं और अब तक 87.14 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। फिलहाल ओवरब्रिज के संपर्क मार्ग, अंडरपास कनेक्शन और कुछ हिस्सों में कंक्रीट का काम बाकी है।

बाढ़ और जमीन विवाद बनी बड़ी चुनौती

गंगा के आसपास के इलाके में हर साल कई महीनों तक बाढ़ और जलजमाव रहने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। वहीं करीब 9.5 किलोमीटर हिस्से में जमीन मुआवजे से जुड़े विवाद के कारण भी काम की रफ्तार धीमी रही। बाद में प्रशासनिक स्तर पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाकर इन अड़चनों को दूर किया गया।

पांड ऐश से तैयार हुआ तटबंध

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में तटबंध निर्माण के लिए पर्याप्त मिट्टी नहीं मिल पाने पर NTPC से पांड ऐश मंगाकर उसका इस्तेमाल किया गया। इससे निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने में मदद मिली और परियोजना अब अंतिम चरण में पहुंच गई है।

बेहतर होगी कनेक्टिविटी

फोरलेन शुरू होने के बाद मुंगेर से भागलपुर, बांका और झारखंड सीमा की ओर आवागमन आसान होने की उम्मीद है। आगे यह मार्ग मिर्जाचौकी और साहिबगंज के जरिए झारखंड से जुड़ता है। इससे यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने और समय व परिवहन खर्च घटने में मदद मिल सकती है।

बिहार सरकार ने दी राहत! जमीन मालिकों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी, परेशानी दूर

पटना। बिहार में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए चल रहे विशेष अभियान में अब जमीन मालिकों को अपनी जमाबंदी की गलती ठीक कराने के लिए आवेदन लेकर अधिकारियों के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चल रहे अभियान में अंचल अधिकारी खुद गलत और अधूरी जमाबंदियों की पहचान कर पुराने रिकॉर्ड से मिलान कर सुधार कराएंगे।

1. आवेदन का इंतजार किए बिना सुधरेगी जमाबंदी

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उपलब्ध सूची के आधार पर हलका वार अधूरी और गलत जमाबंदियों की जांच की जाए। नाम, खाता-खेसरा, रकबा या अन्य जानकारी में गड़बड़ी मिलने पर पुराने दस्तावेजों से मिलान करके रिकॉर्ड दुरुस्त कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर राजस्व कर्मचारी संबंधित हलका में जाकर पुराने कागजात जुटाएंगे। यानी रैयत के आवेदन का इंतजार किए बिना विभागीय स्तर पर सुधार की कार्रवाई होगी।

2. मृत जमीन मालिकों के वारिसों का नाम भी जुड़ेगा

मृत जमाबंदीदारों के मामलों में भी अधिकारियों को खुद पहल करने को कहा गया है। पंचायत सचिव और सरपंच की मदद से वंशावली जुटाकर उत्तराधिकार नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। अगर जमीन का आपसी बंटवारा नहीं हुआ है, तो सभी वैध उत्तराधिकारियों के नाम जमाबंदी में दर्ज किए जाएंगे।

3. अंचल अधिकारी रोज करेंगे निगरानी

जमाबंदी सुधार के साथ दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और जमाबंदी वेरिफिकेशन जैसे राजस्व कार्यों की भी नियमित समीक्षा होगी। अंचल अधिकारियों को रोजाना प्रगति की निगरानी करने और कर्मचारियों के काम की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं।

वहीं, अभियान बसेरा के तहत पात्र भूमिहीन लोगों से आवेदन लेने के लिए पंचायत स्तर पर 22 से 25 सितंबर और अंचल स्तर पर 22 से 28 सितंबर तक शिविर लगाए जा रहे हैं। लाभुक अंचल कार्यालय में आवेदन दे सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है।

यूपी में 24 घंटे मिलेगी बिजली, उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी त्योहारों के दौरान बिजली कटौती से उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने बिजली विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं। तय शेड्यूल के अनुसार निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ ही फीडर स्तर पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है। इससे प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक शहरी और ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को फायदा मिलने की उम्मीद है।

22 सितंबर को लखनऊ स्थित शक्ति भवन में प्रमुख सचिव ऊर्जा एवं यूपी पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष रणवीर प्रसाद ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बिजली व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में निर्देश दिया गया कि त्योहारों के दौरान बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए सभी डिस्कॉम पहले से पूरी तैयारी रखें।

हर दो घंटे में होगी बिजली सप्लाई की निगरानी

बिजली वितरण कंपनियों के कंट्रोल रूम से हर दो घंटे में फीडरवार रिपोर्ट ली जाएगी। किसी इलाके में अचानक फॉल्ट, ब्रेकडाउन या सप्लाई बाधित होने पर संबंधित अधिकारियों से तत्काल जानकारी लेकर समस्या दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। नगरीय, तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के आंकड़ों की भी लगातार निगरानी होगी।

लाइन लॉस वाले इलाकों पर विशेष फोकस

बैठक में अधिक लाइन लॉस वाले फीडरों की पहचान कर उनके लिए अलग कार्ययोजना बनाने को कहा गया है। बिजली चोरी और तकनीकी नुकसान कम करने के लिए जांच अभियान चलाने के साथ ही नए सबस्टेशन और ट्रांसफॉर्मर से जुड़े काम समय पर पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। बार-बार फॉल्ट वाले क्षेत्रों को भी हॉटस्पॉट मानकर विशेष निगरानी की जाएगी।

कोयले की कमी से निपटने की तैयारी

त्योहारी सीजन में बिजली की मांग बढ़ने के साथ कोयले की उपलब्धता को लेकर भी विभाग अलर्ट है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि कोयले की कमी से बिजली उत्पादन प्रभावित न हो। जरूरत पड़ने पर पावर एक्सचेंज से बिजली खरीदने की वैकल्पिक व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाएगी।

सभी डिस्कॉम के एमडी को रोजाना बिजली आपूर्ति की समीक्षा कर मुख्यालय को फीडरवार रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य त्योहारों के दौरान उपभोक्ताओं को निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक बिजली उपलब्ध कराना और शिकायतों का तेजी से समाधान करना है।

केंद्र सरकार का बड़ा एक्शन! नए LPG कनेक्शन पर रोक जारी, बढ़ा इंतजार

नई दिल्ली: नया घर लेने, परिवार बढ़ने या नौकरी के कारण दूसरे शहर में शिफ्ट होने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। एलपीजी की सप्लाई सीमित रहने के कारण नए घरेलू कनेक्शन और डबल बॉटल कनेक्शन (DBC) पर फिलहाल रोक जारी है। इसका असर गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे नए आवेदनों पर भी दिख रहा है।

मार्च से बंद है नए कनेक्शन की सुविधा

एलपीजी उपलब्धता में कमी के बाद पेट्रोलियम मंत्रालय ने मार्च से नए घरेलू कनेक्शन जारी करने पर रोक लगाई थी। इंडेन, भारत गैस और एचपी गैस वितरकों के पास नए कनेक्शन के लिए आवेदन जमा हैं, लेकिन फिलहाल मौजूदा ग्राहकों की जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। इससे नया घर बसाने वाले या स्थान बदलकर आए परिवारों को अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है।

14 दिन से बढ़कर 25 दिन हुआ अंतर

एलपीजी की कमी का असर बुकिंग व्यवस्था पर भी पड़ा है। शहरी इलाकों में जहां पहले सामान्यतः करीब 14 दिन बाद घरेलू सिलिंडर बुक किया जा सकता था, अब यह अंतर बढ़ाकर 25 दिन किया गया है। वैश्विक आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने से भारत तक LPG की खेप पहुंचने में भी ज्यादा समय लग रहा है। अधिकारियों के अनुसार समुद्री मार्ग से खेप आने में करीब 43 से 52 दिन लग रहे हैं।

छोटे सिलिंडर का विकल्प मौजूद

नए कनेक्शन के इंतजार के बीच पांच और 10 किलो वाले सिलिंडर विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं। दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 10 किलो रिफिल ₹1,400 और 5 किलो सिलिंडर ₹1,600 का है। वहीं 5 किलो के रिफिल के लिए करीब ₹767 देने पड़ते हैं। इन दरों के कारण सामान्य घरेलू परिवारों के लिए यह विकल्प महंगा पड़ सकता है।

ई-केवाईसी भी जरूरी

LPG ग्राहक संबंधित कंपनी के मोबाइल ऐप से ई-केवाईसी कर सकते हैं। इंडेन के लिए इंडेन ऑयल वन, भारत गैस के लिए हेलो बीपीसीएल और एचपी गैस के लिए एचपी पे ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। आधार फेस आरडी के जरिए फेस वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। ऑनलाइन दिक्कत होने पर गैस एजेंसी में आधार, गैस पासबुक और पंजीकृत मोबाइल नंबर लेकर प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है।

सीएम योगी की बड़ी तैयारी, यूपी के किसानों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए कृषि ऋण को सस्ता करने की तैयारी की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की शुरुआत करेंगे। योजना के तहत लघु और सीमांत किसानों को सहकारी ग्राम विकास बैंक के जरिए 6 प्रतिशत ब्याज दर पर दीर्घकालीन कृषि ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

11.50% तक की दर से घटकर 6% होगा ब्याज

अभी सहकारी ग्राम विकास बैंक से कृषि ऋण पर करीब 11 से 11.50 प्रतिशत तक ब्याज लिया जाता है। नई व्यवस्था में पात्र किसानों को यह ऋण 6 प्रतिशत की दर पर मिलेगा। योजना के लिए 384 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

किसान इस योजना के तहत अधिकतम 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण ले सकेंगे। सरकार का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 5 लाख किसानों को योजना से जोड़ना है। नियमित रूप से पुराने ऋण की किस्त चुकाने वाले किसानों को भी ब्याज अनुदान का लाभ मिलने की बात कही गई है।

ऑनलाइन होगी ऋण मंजूरी

कृषक समृद्धि योजना के तहत आवेदन और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी जाएगी। इसके लिए अलग ई-पोर्टल शुरू किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान सहकारिता विभाग का ऊर्वरक सेतु ऐप और उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर का UPCDC मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा।

दूसरी बड़ी पहल: भारत टैक्सी सेवा

मुख्यमंत्री इसी कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में भारत टैक्सी सेवा की भी शुरुआत करेंगे। दोनों पहलों का शुभारंभ सुबह 9:30 बजे, 5-कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास से प्रस्तावित है। कार्यक्रम में सहकारिता, कृषि, परिवहन और नागर विमानन विभाग से जुड़े मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, सभी 75 जिलों में होंगे लागू, बुजुर्गों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों की सेहत को लेकर सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए हैं। समाज कल्याण विभाग के तहत संचालित प्रदेश के सभी 75 वृद्धाश्रमों में अब नियमित रूप से हर सप्ताह स्वास्थ्य जांच शिविर लगाने की व्यवस्था की जा रही है। इसका उद्देश्य बुजुर्गों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।

हर सप्ताह आश्रम पहुंचेंगे डॉक्टर

मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को वृद्धाश्रमों में साप्ताहिक मेडिकल कैंप आयोजित कराने के निर्देश दिए गए हैं। शिविर में चिकित्सकीय टीम बुजुर्गों की ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, आंखों और सामान्य स्वास्थ्य की जांच करेगी। जरूरत पड़ने पर आवश्यक दवाएं भी बिना शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी।

टीवी, पुस्तकालय और योग की सुविधा

सरकार ने सिर्फ इलाज तक व्यवस्था सीमित नहीं रखी है। वृद्धाश्रमों में स्वच्छ पेयजल, टीवी और पुस्तकालय जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा बुजुर्गों को सक्रिय रखने के लिए योग और ध्यान की गतिविधियां कराई जा रही हैं। आश्रमों की मूलभूत सुविधाओं और रखरखाव की भी निगरानी की जा रही है।

6,607 बुजुर्ग रह रहे, पेंशन और आयुष्मान का लाभ

विभाग के अनुसार प्रदेश के 75 वृद्धाश्रमों में इस समय 6,607 बुजुर्ग रह रहे हैं। इनमें 4,901 पात्र बुजुर्गों को वृद्धावस्था पेंशन मिल रही है, जबकि 2,551 लोगों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान 1,073 नए बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़े जाने की जानकारी दी गई है। इस पहल के जरिए सरकार वृद्धाश्रमों में रहने वाले बुजुर्गों को स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता और बेहतर दैनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है।

यूपी सरकार की बड़ी तैयारी! बेटियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, अब मिलेंगी फ्री स्कूटी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की मेधावी छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। सरकार की योजना के तहत पहले चरण में 40 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की तैयारी है। इसके लिए 320 करोड़ रुपये की लागत से खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

26 सितंबर तक कंपनियां कर सकेंगी आवेदन

उच्च शिक्षा विभाग ने स्कूटी खरीदने के लिए जेम पोर्टल पर निविदा जारी की है। इसमें कंपनियां 26 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकती हैं, जबकि 27 सितंबर को टेंडर खोला जाएगा। खरीद पूरी होने के बाद पात्र छात्राओं को स्कूटी वितरण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

टॉप 5 फीसदी छात्राओं का होगा चयन

योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक पूरा करने वाली उच्च शिक्षण संस्थानों की शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं को मेरिट के आधार पर लाभ देने का प्रावधान है। दिव्यांग छात्राओं, बलिदानी सैनिकों के परिवार की बेटियों और निराश्रित बालिकाओं को निर्धारित मेरिट में 10 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। छात्राओं को केवल स्कूटी ही नहीं मिलेगी, बल्कि रजिस्ट्रेशन, बीमा और हेलमेट की सुविधा भी दी जाएगी। शुरुआती ईंधन की व्यवस्था भी योजना में शामिल है।

अक्टूबर-नवंबर में वितरण की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगस्त में लखनऊ के एक कार्यक्रम में अक्टूबर-नवंबर के दौरान 50 हजार छात्राओं को स्कूटी देने की घोषणा की थी। इसी दिशा में अब पहले चरण की 40 हजार स्कूटी खरीदने की प्रक्रिया शुरू हुई है।

योजना का उद्देश्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं के लिए आवागमन को आसान बनाना और उन्हें पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। पात्रता और चयन संस्थानों की मेरिट सूची के आधार पर किया जाएगा।

भारत बना ग्रोथ का ग्लोबल बॉस! 6.7% की रफ्तार से बढ़ेगी अर्थव्यवस्था, बड़ी इकॉनमी में सबसे आगे

नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की सितंबर 2026 में जारी चीफ इकोनॉमिस्ट्स आउटलुक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 6.7 प्रतिशत रह सकती है। रिपोर्ट में शामिल प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में यह सबसे तेज विकास दर है।

घरेलू बाजार से मिल रही मजबूती

WEF की रिपोर्ट में भारतीय अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत घरेलू मांग को बताया गया है। अमेरिका, चीन, यूरोप, जापान और भारत समेत 10 प्रमुख क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति का आकलन करने वाली इस रिपोर्ट के लिए सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के 92 अर्थशास्त्रियों से राय ली गई।

भारत की आर्थिक संभावनाओं को लेकर विशेषज्ञों का भरोसा भी बढ़ा है। मई में जहां 52 प्रतिशत अर्थशास्त्री मजबूत या बहुत मजबूत वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे, वहीं सितंबर में यह आंकड़ा बढ़कर 74 प्रतिशत हो गया। इसके अलावा 98 प्रतिशत विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 12 महीनों में भारत की आर्थिक वृद्धि कम से कम मध्यम स्तर या उससे बेहतर रह सकती है।

रोजगार और महंगाई के मोर्चे पर राहत

रोजगार के आंकड़ों में भी हल्का सुधार देखने को मिला है। 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की आबादी में बेरोजगारी दर जुलाई के 5.1 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 5 प्रतिशत रह गई। इसी अवधि में श्रम बल भागीदारी दर 55.4 प्रतिशत से बढ़कर 55.6 प्रतिशत पहुंची।

महंगाई को लेकर भी विशेषज्ञों की चिंता पहले की तुलना में कम हुई है। मई में 61 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने ऊंची महंगाई की आशंका जताई थी, जबकि अब 55 प्रतिशत विशेषज्ञ अगले एक साल में मध्यम महंगाई की उम्मीद कर रहे हैं। अगस्त में खुदरा महंगाई 4.8 प्रतिशत रही।

नीतियों में बड़े बदलाव की उम्मीद कम

मौद्रिक नीति को लेकर भी फिलहाल स्थिरता का अनुमान है। सर्वे में शामिल 67 प्रतिशत विशेषज्ञों का मानना है कि अगले 12 महीनों में मौद्रिक नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। वहीं 72 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने राजकोषीय नीति में भी स्थिरता की संभावना जताई है। अगस्त में आरबीआई ने नीतिगत दर 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखी थी।

GDP आंकड़ों के बाद बढ़ा भरोसा

WEF का सर्वे 20 अगस्त को पूरा हुआ था। इसके बाद जारी पहली तिमाही के आंकड़ों में भारत की GDP वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई। मजबूत आर्थिक प्रदर्शन के बाद मूडीज ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया।

दरअसल, WEF की रिपोर्ट में घरेलू मांग, रोजगार और महंगाई जैसे मोर्चों पर भारत की स्थिति को अपेक्षाकृत मजबूत बताया गया है। साथ ही हालिया GDP आंकड़े और वैश्विक संस्थानों के संशोधित अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था की आगे की दिशा को लेकर महत्वपूर्ण संकेत दे रहे हैं।

गुरु के प्रभाव से पलटेगा भाग्य! 4 राशियों के जीवन में आ सकते हैं बड़े बदलाव

राशिफल। ज्योतिष में गुरु यानी बृहस्पति को ज्ञान, धन, शिक्षा, विवाह, संतान और भाग्य का कारक ग्रह माना जाता है। जब गुरु का शुभ प्रभाव किसी राशि पर पड़ता है तो मान्यता के अनुसार उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना बढ़ जाती है। आने वाला समय मेष, मिथुन, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए विशेष रह सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए गुरु का प्रभाव आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने और रुके हुए काम आगे बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कारोबार करने वालों को नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और व्यापार के लिहाज से लाभकारी माना जा सकता है। मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने के साथ कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है। निवेश या आर्थिक योजना बनाते समय सोच-समझकर फैसला करने पर फायदा मिलने की संभावना रहेगी।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए गुरु का प्रभाव भाग्य का साथ बढ़ाने वाला हो सकता है। लंबे समय से अटके किसी काम में सफलता मिल सकती है। नौकरी में तरक्की, नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिलने के योग बन सकते हैं। परिवार में भी सकारात्मक माहौल रहने की संभावना है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों पर गुरु का प्रभाव खास माना जाता है, क्योंकि गुरु इस राशि के स्वामी ग्रह हैं। इस दौरान शिक्षा, करियर और आर्थिक मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने में सफलता मिलने की संभावना बन सकती है।

बिहारवासियों के लिए डबल खुशखबरी! केंद्र-राज्य दोनों की मदद से मिलेगा पैसा!

पटना। बिहार में घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र परिवारों को सोलर पैनल लगाने पर केंद्र के साथ बिहार सरकार से भी आर्थिक सहायता मिलेगी। दोनों स्तर की मदद जुड़ने पर पात्र लाभार्थी को अधिकतम ₹98 हजार तक की सहायता मिल सकती है।

केंद्र से ₹78 हजार, राज्य से ₹20 हजार तक

केंद्र की ओर से 1 किलोवाट के प्लांट पर ₹30 हजार, 2 किलोवाट पर ₹60 हजार और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के लिए अधिकतम ₹78 हजार की सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा बिहार सरकार 1.1 किलोवाट तक ₹10 हजार और 3 किलोवाट तक अधिकतम ₹20 हजार अतिरिक्त सहायता देगी। 

534 प्रखंडों में खुलेंगे सोलर मार्ट

योजना को गांवों तक पहुंचाने के लिए बिहार के सभी 534 प्रखंडों में सोलर मार्ट स्थापित करने की तैयारी है। इन्हें जीविका दीदियों के सहयोग से संचालित करने की योजना है। इसके लिए उन्हें सौर ऊर्जा प्रणालियों से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

किसानों तक भी पहुंचेगी सौर बिजली

सरकार का अगला फोकस कृषि क्षेत्र है। अगले दो वर्षों में कृषि फीडरों को पूरी तरह सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि किसानों को दिन के समय सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध कराई जा सके। सरकार के अनुसार इससे कृषि बिजली सब्सिडी में करीब ₹5,000 करोड़ तक की बचत का लक्ष्य है।

इसके अलावा पीएम-कुसुम योजना के तहत करीब 2,500 कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जाएगा। बिहार में ग्रीन हाइड्रोजन के लिए नीति लाने की तैयारी है, जिसमें करीब ₹16 हजार करोड़ के निवेश की संभावना जताई गई है।

बिहार की बेटियों के लिए खुशखबरी! हर महीने मिलेंगे ₹10 हजार, सरकार का बड़ा ऐलान

पटना। बिहार में उच्च शिक्षा और शोध से जुड़ी छात्राओं के लिए नई फेलोशिप योजना लाने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना को राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में लागू करने का प्रस्ताव तैयार हो चुका है। वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद अब इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

चार साल तक मिलेगी आर्थिक मदद

इस योजना के लिए ₹55 करोड़ का प्रावधान प्रस्तावित है। चयनित छात्राओं को हर महीने ₹10 हजार की फेलोशिप दी जाएगी। यह सहायता अधिकतम चार वर्षों तक जारी रहने का प्रस्ताव है। इस हिसाब से एक छात्रा को पूरी अवधि में ₹4.80 लाख तक मिल सकते हैं।

1,000 छात्राओं का होगा चयन

योजना के तहत 1,000 छात्राओं को लाभ देने की तैयारी है। चयन विशेषज्ञों की कमेटी के जरिए किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य छात्राओं को पीएचडी और शोध कार्य के लिए आर्थिक सहयोग देना तथा उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। फेलोशिप जारी रखने से पहले छात्राओं के शोध कार्य की प्रगति भी देखी जाएगी। नियमित समीक्षा के आधार पर अगली किस्त जारी करने का फैसला होगा।

केंद्रीय फेलोशिप से ज्यादा प्रस्तावित राशि

प्रस्तावित योजना में ₹10 हजार मासिक सहायता रखी गई है, जो केंद्रीय विश्वविद्यालयों में पीएचडी के लिए बताई गई ₹9 हजार मासिक फेलोशिप से अधिक है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अगस्त में इस योजना की घोषणा की थी। अब कैबिनेट की मंजूरी के बाद इसे राज्य के विश्वविद्यालयों में लागू करने का रास्ता साफ होगा।

खुशखबरी का बड़ा ऐलान! यूपी में एकसाथ 3 बड़ी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक साथ तीन भर्ती के मौके सामने आए हैं। इनमें गोरखपुर में 132 शिक्षक और गैर-शिक्षक पद, UPSSSC की ओर से 1,308 पशुधन प्रसार/वेटरिनरी फार्मासिस्ट पद और 12 कंप्यूटर ऑपरेटर व असिस्टेंट कंप्यूटर ऑपरेटर पद शामिल हैं। तीनों भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया और पात्रता अलग-अलग रखी गई है।

1 .गोरखपुर में 132 पदों पर भर्ती

बेसिक शिक्षा विभाग, गोरखपुर की ओर से 132 शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पदों के लिए भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती में पात्र महिला उम्मीदवार आवेदन कर सकती हैं। आवेदन ऑफलाइन माध्यम से रजिस्टर्ड पोस्ट या स्पीड पोस्ट द्वारा भेजना होगा।

आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 शाम 5 बजे तक निर्धारित है। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन से पहले विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन में पदों, योग्यता और अन्य शर्तों की जानकारी जरूर जांच लें। संबंधित जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट gorakhpur.nic.in देखी जा सकती है।

2 .वेटरिनरी फार्मासिस्ट के 1,308 पद

दूसरी बड़ी भर्ती UPSSSC ने वेटरिनरी फार्मासिस्ट मेन परीक्षा (PET-2025) के तहत निकाली है। इस अभियान में 1,308 रिक्तियां शामिल हैं।

इस भर्ती के लिए वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने PET-2025 में हिस्सा लिया हो और उनके पास वैध स्कोरकार्ड हो। ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं और 5 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकते हैं। आवेदन आयोग की वेबसाइट upsssc.gov.in पर ऑनलाइन करना होगा।

3 .कंप्यूटर ऑपरेटर के 12 पद

तीसरा अवसर UPSSSC की ओर से कंप्यूटर ऑपरेटर और असिस्टेंट कंप्यूटर ऑपरेटर के कुल 12 पदों के लिए है। इस भर्ती में निर्धारित योग्यता रखने वाले उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तारीख 28 सितंबर 2026 है। उम्मीदवारों को आवेदन UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही करना होगा।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन पढ़ना जरूरी

तीनों भर्तियों में आवेदन का तरीका, योग्यता और पात्रता अलग है। इसलिए उम्मीदवार अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना संबंधित भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन पढ़कर आवेदन करें। आवेदन फॉर्म भरते समय दस्तावेज, शैक्षणिक विवरण और अन्य जरूरी जानकारी सही दर्ज करना भी जरूरी है।

खुशखबरी का पिटारा खुला! बिहार में 1 नई भर्ती का ऐलान, शुरू होगा आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0 यानी TRE-4.0 के लिए 32,388 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती शिक्षा विभाग के तहत होगी और आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी।

32,388 शिक्षक पदों पर होगी भर्ती

आयोग के विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत स्कूल शिक्षक के कुल 32,388 पद रखे गए हैं। भर्ती में प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के पद शामिल हैं। यानी कक्षा 1 से 5, 6 से 8, 9 से 10 और 11 से 12 तक पढ़ाने वाले शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।

25 सितंबर से आवेदन की तैयारी

दिए गए कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन 25 सितंबर 2026 से शुरू होने और 26 अक्टूबर 2026 तक चलने थे। उम्मीदवारों को आवेदन BPSC के ऑनलाइन OTR पोर्टल के माध्यम से करना होगा।

बिना इंटरव्यू होगी नियुक्ति

TRE-4.0 में चयन प्रक्रिया परीक्षा आधारित रखी गई है। उम्मीदवारों को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के चरण से गुजरना होगा। परीक्षा वस्तुनिष्ठ/CBT मोड में आयोजित होने की जानकारी दी गई है और इंटरव्यू का प्रावधान नहीं है।

भर्ती का संचालन बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा किया जाएगा। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तें जरूर देखनी चाहिए।

24 से 30 सितंबर तक शुभ योग! इन 5 राशियों के खुलेंगे किस्मत के नए रास्ते

राशिफल। सितंबर का आखिरी सप्ताह कुछ राशि के जातकों के लिए खास रह सकता है। 24 से 30 सितंबर 2026 के बीच बनने वाले शुभ ग्रह योगों का असर मेष, वृषभ, मिथुन, तुला और धनु राशि के जातकों पर पड़ सकता है। इस दौरान नौकरी, कारोबार, धन और निजी जीवन से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह सप्ताह नई शुरुआत का मौका लेकर आ सकता है। कामकाज में अटके हुए मामलों को गति मिल सकती है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को धन से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं और पहले किए गए प्रयासों का परिणाम मिलने की उम्मीद है। कारोबारियों के लिए भी सप्ताह उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से समय अनुकूल रह सकता है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। किसी जरूरी काम में सफलता मिलने के साथ भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुभ योग आर्थिक और पारिवारिक मामलों में सकारात्मक संकेत दे सकते हैं। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी या व्यापार में कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है।

धनु राशि

धनु राशि वालों को भाग्य का साथ मिलने की उम्मीद है। शिक्षा, नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। यात्रा या किसी नए संपर्क से भविष्य में फायदा होने की संभावना बन सकती है।

किडनी ट्रांसप्लांट कैसे होता है? जानिए नई किडनी शरीर में कैसे लगाई जाती है

हेल्थ डेस्क। किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में शामिल है, जो खून से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त पानी को बाहर निकालने में मदद करती है। जब दोनों किडनियां गंभीर रूप से काम करना बंद कर देती हैं, तो कुछ मरीजों के लिए किडनी ट्रांसप्लांट इलाज का विकल्प बन सकता है। इसमें खराब किडनी को निकालना जरूरी नहीं होता, बल्कि स्वस्थ डोनर की किडनी को मरीज के शरीर में प्रत्यारोपित किया जाता है।

सबसे पहले होती है डोनर और मरीज की जांच

ट्रांसप्लांट से पहले मरीज और संभावित डोनर की कई जांच की जाती हैं। इनमें ब्लड ग्रुप, टिश्यू मैच, एंटीबॉडी और सामान्य स्वास्थ्य से जुड़ी जांच शामिल हो सकती हैं। डॉक्टर यह भी देखते हैं कि डोनर किडनी देने के लिए चिकित्सकीय रूप से उपयुक्त है या नहीं। ट्रांसप्लांट के लिए जीवित डोनर या मृत डोनर की किडनी इस्तेमाल की जा सकती है।

पेट के निचले हिस्से में लगाई जाती है नई किडनी

सर्जरी के दौरान डोनर की स्वस्थ किडनी को मरीज के पेट के निचले हिस्से, आमतौर पर श्रोणि क्षेत्र में रखा जाता है। नई किडनी की रक्त वाहिकाओं को मरीज की रक्त नलिकाओं से जोड़ा जाता है, ताकि उसमें खून का प्रवाह शुरू हो सके। इसके बाद किडनी से निकलने वाली यूरेटर को मूत्राशय से जोड़ा जाता है, जिससे पेशाब शरीर से बाहर निकल सके।

सर्जरी के बाद क्यों जरूरी होती हैं दवाएं?

ट्रांसप्लांट के बाद मरीज को ऐसी दवाएं दी जाती हैं जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित रखें। इसका उद्देश्य शरीर द्वारा नई किडनी को अस्वीकार करने यानी रिजेक्शन के जोखिम को कम करना होता है। इन दवाओं की नियमित निगरानी और डॉक्टर की सलाह के अनुसार सेवन जरूरी होता है।

रिकवरी में कितना समय लग सकता है?

सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति, किडनी के काम करने और किसी जटिलता के आधार पर अस्पताल में रहने की अवधि अलग-अलग हो सकती है। डिस्चार्ज के बाद भी नियमित जांच, दवाओं और डॉक्टर की निगरानी जारी रहती है। नई किडनी की कार्यक्षमता पर लगातार नजर रखी जाती है।

किडनी ट्रांसप्लांट एक बड़ी सर्जरी है और इसके फायदे व जोखिम मरीज की स्थिति के अनुसार अलग हो सकते हैं। इसलिए ट्रांसप्लांट का निर्णय विशेषज्ञ डॉक्टर की जांच और सलाह के बाद ही लिया जाता है।

1 अक्टूबर से बैंक से जुड़े बदलेंगे कई नियम! ग्राहकों पर पड़ेगा असर, चेक करें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली। सितंबर खत्म होने के साथ अक्टूबर की शुरुआत होने वाली है। 1 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग और उससे जुड़े कुछ नियमों में बदलाव लागू होने की बात कही गई है। इनका असर बैंक अकाउंट रखने वाले ग्राहकों से लेकर निवेश करने वालों तक पड़ सकता है। ऐसे में नए नियमों की जानकारी पहले से रखना जरूरी है।

FD से जुड़े नियम में बदलाव

बड़ी FD यानी बल्क डिपॉजिट की सीमा में बदलाव किया गया है। अब 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की FD को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाएगा, जबकि पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी। आम ग्राहकों के लिए समान राशि और समान अवधि की FD पर बैंक की शाखाओं में एक जैसी ब्याज दर रखने का नियम बताया गया है। वहीं बैंकिंग संस्थानों को हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक अपनी बल्क FD की ब्याज दरें वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी।

SBI Salary Account में भी बदलाव

SBI के सैलरी अकाउंट ग्राहकों के लिए दूसरे बैंक के ATM से मुफ्त लेनदेन की सीमा 10 से घटाकर 5 किए जाने की बात कही गई है। इसमें कैश निकालने के साथ बैलेंस चेक जैसे वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन शामिल होंगे। हालांकि SBI के अपने ATM पर सैलरी अकाउंट से लेनदेन की सुविधा मुफ्त और असीमित बताई गई है।

SBI BSBD खाताधारकों के लिए शुल्क

SBI के BSBD अकाउंट से जुड़े ग्राहकों के लिए भी बदलाव बताया गया है। 1 अक्टूबर से महीने में 4 बार तक नकद निकासी मुफ्त रहेगी। इसके बाद प्रत्येक निकासी पर 15 रुपये और GST का शुल्क लग सकता है। यह सीमा ATM, शाखा और AEPS जैसी नकद निकासी सेवाओं पर लागू होगी।

LPG सब्सिडी के लिए आधार सत्यापन जरूरी

1 अक्टूबर से LPG सब्सिडी से जुड़ा आधार बायोमेट्रिक सत्यापन भी महत्वपूर्ण होगा। जिन उपभोक्ताओं ने Biometric Aadhaar Authentication (BAA) पूरा नहीं किया है, उन्हें सब्सिडी पाने में परेशानी हो सकती है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही सब्सिडी की राशि बैंक खाते में भेजे जाने का प्रावधान बताया गया है।

बिहार वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! 6 जगह बनेंगे बाईपास, जाम से मिलेगी राहत

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में बड़ा काम होने जा रहा है। NH-333A को अपग्रेड करने के लिए एक साथ छह स्थानों पर नए बाईपास तैयार किए जाएंगे। इन बाईपास की कुल लंबाई करीब 19.45 किलोमीटर होगी। इसके अलावा सड़क के दो अन्य हिस्सों पर भी काम किया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट में करीब 21.821 किलोमीटर सड़क को 2 लेन प्लस पेव्ड शोल्डर मानक के अनुरूप विकसित करने की योजना है।

इन 6 जगहों पर बनेंगे बाईपास सड़क

प्रस्तावित बाईपास मंगोबंदर, केंदुआ, टोलसोना, झाझा, नरगंजो और भैरोगंज में बनाए जाएंगे। इनका उद्देश्य संबंधित इलाकों में मुख्य सड़क पर ट्रैफिक के दबाव को कम करना और वाहनों की आवाजाही को ज्यादा व्यवस्थित करना है।

बाईपास के साथ सड़क का विकास

परियोजना केवल छह बाईपास तक सीमित नहीं है। इसके तहत दो अन्य सड़क हिस्सों को भी तैयार किया जाएगा। इन्हें मिलाकर करीब 21.821 किलोमीटर सड़क को 2 लेन प्लस पेव्ड शोल्डर के मानक के अनुसार विकसित करने की योजना है। इससे NH-333A के कई हिस्सों की सड़क व्यवस्था मजबूत होगी।

टेंडर प्रक्रिया शुरू

इस काम के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से ई-टेंडर जारी किया गया है। टेंडर से संबंधित अपडेट और संशोधन भी जारी किए जा चुके हैं। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार 9 नवंबर 2026 तक बोली जमा की जा सकेगी, जबकि 16 नवंबर 2026 को बोली खोली जाएगी।

NH-333A पर पहले से भी सड़क सुधार से जुड़े अलग-अलग कार्य प्रस्तावित हैं। ऐसे में नए बाईपास बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर होने और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

खुशखबरी! बिहार में बिछेगी 400 KM लंबी नई रेल लाइन, इन इलाकों को मिलेगा बड़ा फायदा

पटना। बिहार से रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। डीडीयू-पटना-झाझा रेल रूट पर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और यातायात के दबाव को कम करने के लिए करीब 400 किलोमीटर लंबी अतिरिक्त रेल लाइन बिछाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इससे ट्रेनों के आउटर पर खड़े रहने और परिचालन में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलेगी।

छह हिस्सों में आगे बढ़ेगा काम

योजना के तहत डीडीयू से किऊल तक तीसरी और चौथी लाइन, जबकि किऊल से झाझा के बीच तीसरी लाइन तैयार की जाएगी। परियोजना को छह सेक्शन में बांटकर काम को आगे बढ़ाया जा रहा है। इनमें डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा रेलखंड शामिल हैं।

किऊल-झाझा में पुलों पर काम तेज

किऊल-झाझा सेक्शन में अतिरिक्त ट्रैक के लिए जरूरी बड़े रेल पुलों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई गई है। साथ ही रेलवे फाटकों को हटाकर वहां आरओबी या एलएचएस बनाने के लिए तकनीकी सर्वे भी किया जा रहा है।

यात्रियों के साथ माल ढुलाई को भी फायदा

नई रेल लाइनें तैयार होने के बाद इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए अलग ट्रैक उपलब्ध होने से एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के परिचालन में रुकावट कम हो सकती है। इससे बिहार के साथ उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बीच रेल कनेक्टिविटी और माल ढुलाई को भी गति मिलने की उम्मीद है।

यूपी के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, बुढ़ापे में मिलेगी 3 हजार रुपये पेंशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) के तहत पात्र किसानों को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने 3,000 रुपये पेंशन दी जाती है। यानी सालभर में किसान को कुल 36,000 रुपये की पेंशन मिलती है।

किसान के योगदान के बराबर सरकार भी देगी राशि

यह योजना अंशदान पर आधारित है। किसान की उम्र के हिसाब से मासिक योगदान तय किया गया है। 18 साल की उम्र में योजना से जुड़ने पर 55 रुपये प्रति माह, जबकि 40 साल की उम्र में शामिल होने पर 200 रुपये प्रति माह जमा करने होते हैं। किसान जितना योगदान करता है, उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी अपनी ओर से देती है।

मृत्यु के बाद जीवनसाथी को भी लाभ

योजना के तहत पेंशन पाने वाले किसान की मृत्यु होने की स्थिति में उसके जीवनसाथी को 1,500 रुपये प्रति माह पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान है।

कौन किसान ले सकता है लाभ?

इस योजना में 18 से 40 वर्ष की उम्र वाले छोटे और सीमांत किसान शामिल हो सकते हैं। किसान के पास अधिकतम 2 हेक्टेयर तक कृषि योग्य जमीन होनी चाहिए। वहीं EPFO, ESIC या NPS जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थी और आयकरदाता किसान इसके लिए पात्र नहीं हैं।

ऐसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर नामांकन करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन से जुड़े दस्तावेज यानी खतौनी की जरूरत होगी। किसान चाहें तो आधिकारिक पोर्टल पर Self Enrollment के जरिए खुद भी आवेदन कर सकते हैं। PM-Kisan सम्मान निधि पाने वाले किसान चाहें तो अपने अंशदान की राशि उसी से कटवाने का विकल्प भी चुन सकते हैं।

पेंशनर्स के लिए खुशखबरी? नए वेतन आयोग से हों सकते हैं 5 बड़े फायदे

नई दिल्ली। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय पेंशनभोगियों के बीच उम्मीदें बढ़ी हुई हैं। संभावित सिफारिशों का असर पेंशन की रकम से लेकर पारिवारिक पेंशन, महंगाई राहत और मेडिकल सुविधाओं तक पड़ सकता है। करीब 65 लाख केंद्रीय पेंशनर्स इससे प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, नीचे बताए गए आंकड़े और बदलाव फिलहाल प्रस्ताव या अनुमान के तौर पर सामने आए हैं।

1. न्यूनतम पेंशन बढ़ने की उम्मीद

वर्तमान में न्यूनतम बेसिक पेंशन 9,000 रुपये प्रति माह बताई गई है। इसे बढ़ाकर 20,500 से 45,000 रुपये तक करने की मांग/प्रस्ताव सामने आया है। कुछ पेंशनर्स संगठनों ने न्यूनतम पेंशन को अंतिम वेतन के 67 फीसदी तक करने की मांग भी रखी है।

2. फिटमेंट फैक्टर से पेंशन में बदलाव

पेंशन संशोधन में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभा सकता है। इसके 2.28 से 3.83 के बीच रहने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि ऊंचे फिटमेंट फैक्टर जैसी मांग स्वीकार होती है, तो मौजूदा बेसिक पेंशन में बड़ा बदलाव हो सकता है। उदाहरण के तौर पर 20,000 रुपये की पेंशन पर 3.83 का गुणक लगाने से राशि 76,600 रुपये बनती है, लेकिन यह केवल उदाहरण है, अंतिम सरकारी निर्णय नहीं।

3. फैमिली पेंशन में सुधार की मांग

पारिवारिक पेंशन को लेकर भी बदलाव की मांग है। इसे कर्मचारी के अंतिम वेतन के 50 फीसदी तक करने का प्रस्ताव बताया गया है। ऐसा होने पर कर्मचारी की मृत्यु के बाद आश्रित परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ सकती है।

4. DR में नया समायोजन

नए वेतन आयोग के लागू होने पर महंगाई राहत यानी DR को नए सिरे से समायोजित किए जाने की संभावना बताई जा रही है। इसके तहत मूल पेंशन में बदलाव के बाद महंगाई के आधार पर DR का निर्धारण किया जा सकता है।

5. मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी

पेंशनर्स की चिकित्सा जरूरतों को देखते हुए Fixed Medical Allowance (FMA) बढ़ाने की मांग भी सामने आई है। यदि इसमें वृद्धि होती है तो बुजुर्ग पेंशनभोगियों को स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में अतिरिक्त आर्थिक मदद मिल सकती है।

दरअसल, 8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को कई स्तरों पर राहत मिलने की उम्मीदें हैं, लेकिन पेंशन, फिटमेंट फैक्टर और भत्तों की अंतिम राशि सरकार तथा आयोग की आधिकारिक सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगी।

LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर, 1 से नए नियम होंगे लागू

नई दिल्ली। घरेलू LPG सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर 2026 से एक अहम बदलाव होने जा रहा है। सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए Biometric Aadhaar Authentication पूरा होना जरूरी होगा। यानी जिन ग्राहकों का अभी तक आधार का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हुआ है, उन्हें सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग से पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

89.9 फीसदी ग्राहक पहले ही करा चुके सत्यापन

सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार देश में सक्रिय घरेलू LPG कनेक्शनों में से 27.43 करोड़ यानी 89.9 फीसदी उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक आधार सत्यापन पहले ही पूरा हो चुका है। ऐसे ग्राहकों को दोबारा किसी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी और उनकी LPG बुकिंग सामान्य तरीके से जारी रहेगी।

वहीं करीब 2.47 करोड़ उपभोक्ताओं का सत्यापन अभी बाकी है। इन ग्राहकों को सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग से पहले आधार बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

घर बैठे भी कराया जा सकता है सत्यापन

जिन लोगों ने अभी तक आधार सत्यापन नहीं कराया है, उनके लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। LPG सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल ऐप के जरिए भी आधार सत्यापन कराया जा सकता है। इसके अलावा उपभोक्ता अपने LPG वितरक के शोरूम पर जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

कंपनियों के ऐप से भी होगा काम

उपभोक्ता अपनी संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे भी आधार सत्यापन कर सकते हैं। Indane ग्राहक IndianOil ONE, Bharatgas ग्राहक HelloBPCL और HP Gas उपभोक्ता HP PAY ऐप के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

इसलिए जिन LPG उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक आधार सत्यापन अभी बाकी है, उनके लिए 1 अक्टूबर से पहले यह प्रक्रिया पूरी कर लेना जरूरी होगा, ताकि सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग में परेशानी न हो।