2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार का लक्ष्य
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मास्को में भारतीय राजदूत विनय कुमार ने भरोसा जताया कि भारत और रूस वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नेतृत्व और व्यापारिक संस्थानों के बीच मजबूत समन्वय इस लक्ष्य को वास्तविकता में बदल सकता है।
व्यापार में रिकॉर्ड बढ़ोतरी ने बदली तस्वीर
वित्त वर्ष 2024-25 भारत–रूस आर्थिक संबंधों के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। दोनों देशों के बीच व्यापार लगभग 68.7 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। इस उछाल में रूस से भारत को होने वाले कच्चे तेल के आयात की अहम भूमिका रही है। ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में यह सहयोग भारत के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हुआ है।
नए क्षेत्रों में सहयोग से बढ़ेगी विविधता
अब भारत और रूस केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहना चाहते। उर्वरक, कृषि उत्पाद, इंजीनियरिंग, मशीनरी और औद्योगिक तकनीक जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तलाशे जा रहे हैं। इससे द्विपक्षीय व्यापार में विविधता आएगी और दोनों अर्थव्यवस्थाओं को स्थायी मजबूती मिलेगी।
मुक्त व्यापार समझौता बनेगा गति का इंजन
व्यापारिक संबंधों को और तेज़ करने के लिए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को एक अहम आधार माना जा रहा है। इस समझौते से टैरिफ और अन्य व्यापारिक बाधाएं कम होंगी, जिससे कंपनियों को सीमा पार कारोबार करने में आसानी होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि FTA लागू होने पर 100 अरब डॉलर का लक्ष्य तय समय से पहले भी हासिल किया जा सकता है।
रुपया–रूबल में लेनदेन से बढ़ी आत्मनिर्भरता
एक महत्वपूर्ण बदलाव भुगतान प्रणाली में देखने को मिला है। भारत और रूस अब अपने व्यापार का बड़ा हिस्सा स्थानीय मुद्राओं—रुपया और रूबल—में कर रहे हैं। इससे डॉलर पर निर्भरता कम हो रही है और दोनों देशों की आर्थिक स्वायत्तता मजबूत हो रही है। यह कदम वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में एक वैकल्पिक मॉडल के रूप में भी देखा जा रहा है।
‘मेक इन इंडिया’ में रूस की भागीदारी, संबंधों का नया दौर
प्रधानमंत्री मोदी ने इंडिया–रूस बिजनेस फोरम के दौरान रूसी कंपनियों को ‘मेक इन इंडिया’ अभियान से जुड़ने का खुला निमंत्रण दिया। इससे भारत में निवेश, तकनीक हस्तांतरण और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है। भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजदूत विनय कुमार ने कहा कि भारत–रूस संबंध इस समय बेहद सक्रिय और लक्ष्य-केंद्रित चरण में हैं।

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