केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, गिग वर्कर्स के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। गिग वर्कर्स, घरेलू सहायकों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों के लिए एक बड़ी राहत आने वाली है। केंद्र सरकार अप्रैल 2026 से एक नई माइक्रोक्रेडिट योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत हर साल बिना किसी गारंटी के 10,000 रुपये तक का लोन दिया जाएगा। इस योजना का लाभ ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत पांच लाख से अधिक गिग वर्कर्स को मिलेगा, जबकि सरकार का लक्ष्य इसे और अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

पीएम-स्वनिधि की तर्ज पर तैयार होगी योजना

नई योजना की रूपरेखा प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) की तर्ज पर बनाई जा रही है। पीएम-स्वनिधि के तहत स्ट्रीट वेंडर्स को पहले चरण में 10,000 रुपये, समय पर भुगतान पर 20,000 और आगे बढ़कर 50,000 रुपये तक ऋण दिया जाता है। सात प्रतिशत ब्याज सब्सिडी और डिजिटल भुगतान पर प्रोत्साहन भी मिलता है। नई गिग वर्कर्स योजना में इन्हीं प्रावधानों को उनके काम और जरूरतों के अनुसार ढाला जाएगा, ताकि वे मोटरसाइकिल, उपकरण या काम से जुड़ी अन्य आवश्यक वस्तुएं खरीद सकें।

ई-श्रम पोर्टल से मिलेगा आसान लाभ

योजना के लिए पात्र वही होंगे जिनका नाम सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत कामगार, जिनके पास सरकारी पहचान पत्र और यूनिवर्सल अकाउंट नंबर होगा, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। नवंबर 2025 तक पोर्टल पर 31 करोड़ असंगठित कामगार और लगभग पांच लाख गिग वर्कर्स पंजीकृत हो चुके हैं।

1.15 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य इस योजना के तहत कुल 1.15 करोड़ लोगों को लाभ पहुंचाना है, जिसमें 50 लाख नए लाभार्थी शामिल होंगे। योजना की अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाई गई है और इसके लिए 7,332 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को RuPay क्रेडिट कार्ड भी जारी किया जाएगा। योजना का दायरा अब कस्बों और अर्ध-शहरी क्षेत्रों तक विस्तारित किया जाएगा।

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