दो साल से अटकी थी वेतन वृद्धि
टीआरई-1 से नियुक्त शिक्षक पिछले करीब दो वर्षों से वार्षिक वेतन वृद्धि की मांग कर रहे थे। शिक्षकों का कहना था कि उन्हें जुलाई 2024 से ही इंक्रीमेंट का लाभ मिल जाना चाहिए था, लेकिन एचआरएमएस प्रणाली में तकनीकी दिक्कतों के कारण मामला लगातार लटका रहा। अब विभाग ने इन तकनीकी बाधाओं को दूर कर प्रक्रिया को आगे बढ़ा दिया है।
जिला स्तर पर तेजी से हो रहा काम
वेतन वृद्धि से जुड़ा कार्य जिला स्थापना शाखा में तेज गति से किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार एक-दो दिनों में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। इसी क्रम में आयोजित शिक्षक वेतन मेले के दौरान बड़ी संख्या में शिक्षकों की समस्याएं सुनी गईं और मौके पर ही कई मामलों का निपटारा किया गया।
वेतन मेले में सामने आईं कई परेशानियां
शिक्षक वेतन मेले के दौरान वार्षिक वेतन वृद्धि के अलावा कई अन्य समस्याएं भी सामने आईं। इनमें लंबित एरियर, वेतन निर्धारण में त्रुटि, तकनीकी कारणों से वेतन कटौती, कुछ दिनों का वेतन नहीं मिलना और प्राण नंबर से जुड़ी दिक्कतें प्रमुख रहीं। विभाग ने सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए समाधान का आश्वासन दिया है।
टीचरों के लिए लंबित वेतन बना सबसे बड़ा मुद्दा
सबसे ज्यादा शिकायतें लंबित वेतन भुगतान को लेकर दर्ज की गईं। इसके साथ ही चिकित्सा अवकाश, पितृत्व अवकाश, अर्जित अवकाश और मातृत्व अवकाश के दौरान वेतन न मिलने के आवेदन भी आए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रोवेशन अवधि में कार्यरत शिक्षकों को फिलहाल केवल मातृत्व अवकाश में वेतन की सुविधा दी जा रही है, जबकि अन्य अवकाशों को अवैतनिक माना जाता है।
विभाग का कहना है कि वेतन वृद्धि की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी और जनवरी के वेतन में इसका सीधा लाभ दिखाई देगा। साथ ही एरियर भुगतान और अन्य तकनीकी समस्याओं को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।

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