कैसे होगा डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस प्रक्रिया को आसान और चरणबद्ध तरीके से लागू किया है। सबसे पहले जमीन मालिक को भू-अभिलेख पोर्टल पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद डॉक्यूमेंट अपलोड के दो हिस्सों (भाग 1 और भाग 2) में सभी जरूरी जानकारी भरनी होगी।
भाग 1: फॉर्म में पहले से भरी गई जानकारी की जांच, बारकोड विवरण भरना और नेक्स्ट पर क्लिक करना।
भाग 2: स्कैन की गई पीडीएफ फाइल अपलोड करना, जानकारी की पुष्टि करना और डिक्लेरेशन बॉक्स चेक करने के बाद अपलोड बटन दबाना।
सही ढंग से अपलोड होने के बाद तुरंत ही पुष्टि संदेश और मोबाइल नोटिफिकेशन प्राप्त होगा। इसके बाद जमीन मालिक पोर्टल से डिजिटल साइंड कॉपी के लिए अनुरोध कर सकते हैं।
फायदे जमीन मालिकों के लिए
अब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरी तरह डिजिटल हो गया है।
सरकारी दफ्तरों में लंबी लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं।
समय की बचत के साथ-साथ पारदर्शिता बढ़ेगी।
डिजिटल साइंड कॉपी कानूनी रूप से वैध मानी जाएगी।
सरकार की प्रतिक्रिया
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस नई सुविधा को जमीन मालिकों के लिए “खुशखबरी” करार दिया है। विभाग ने कहा कि इसका उद्देश्य नागरिकों को अधिक सुविधाजनक, तेज और भरोसेमंद सेवा प्रदान करना है। बिहार सरकार की यह पहल न केवल डिजिटल इंडिया के सपनों को मजबूत करती है, बल्कि राज्य के भूमि प्रशासन में सुधार और जमीन मालिकों की सुविधाओं को बढ़ावा देने का भी एक बड़ा कदम है।

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