1. सैलरी में बड़ा उछाल
सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की हो सकती है। वर्तमान में इसे 3.35 करने का प्रस्ताव है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि सरकार इसे मान लेती है तो केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा संभव है, जिससे आर्थिक सुरक्षा में सुधार होगा।
2. सालाना इंक्रीमेंट की बढ़ोतरी
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सालाना इंक्रीमेंट की दर को भी 3% से बढ़ाकर 7% किया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों को नियमित आय में वृद्धि का लाभ मिलेगा और महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।
3. फैमिली यूनिट में भी बदलाव
फैमिली यूनिट की मौजूदा संख्या 3 है। कर्मचारी संगठनों ने इसे 5 करने का सुझाव दिया है। यदि यह मान लिया जाता है तो महंगाई के बीच कर्मचारियों को काफी राहत मिलेगी और उनकी बेसिक सैलरी में करीब 66% तक का इजाफा संभव होगा।
4. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली
कर्मचारी संगठनों ने डिफेंस और अन्य विभागों में लागू NPS और UPS को हटाकर पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग रखी है। इससे रिटायर होने वाले कर्मचारियों को स्थायी और सुरक्षित पेंशन की गारंटी मिलेगी।
5. लीव एनकैशमेंट और सीजीएचएस सुविधाएँ
रिटायरमेंट पर लीव एनकैशमेंट को 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने की मांग की जा रही है। इसके साथ ही, सीजीएचएस की सुविधा ना होने पर फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को 1,000 रुपये से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रतिमाह करने की अपील भी चार्टर में शामिल है।
इसके अलावा कर्मचारी संगठनों ने प्रमोशन की गारंटी और लीव ट्रैवल कंसेशन (LTC) को कैश में बदलने की मांग भी उठाई है। सुझाव है कि 30 साल की सेवा में कम से कम 5 प्रमोशन गारंटीड दिए जाएं।

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