यूपी में बड़ा एक्शन: संपत्ति छिपाने वाले की सैलरी पर रोक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ा कदम उठाया है। शासन ने 68,000 से अधिक सरकारी कर्मचारियों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है, क्योंकि उन्होंने मानव संपदा पोर्टल पर अपनी चल और अचल संपत्ति का विवरण समय पर अपलोड नहीं किया।

दरअसल, उत्तर प्रदेश शासन के कार्मिक अनुभाग ने पहले 24 नवंबर 2025 और फिर 6 जनवरी 2026 को आदेश जारी किया था, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का विवरण मानव संपदा पोर्टल पर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली 1956 के नियम 24 के तहत की गई है। 

डीएम के आदेश का विवरण:

लखनऊ के जिलाधिकारी विशाख जी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, राज्य के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति का विवरण 31 जनवरी 2026 तक अपलोड करना अनिवार्य था। जिन अधिकारियों ने यह विवरण नहीं दिया, उन्हें जनवरी माह का वेतन नहीं मिलेगा।

डीएम ने कहा कि कर्मचारियों का वेतन केवल तब भुगतान किया जाएगा जब पोर्टल पर उपलब्ध कराए गए विवरण का प्रमाण पत्र कोषागार में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद ही संबंधित विभाग के नियंत्रक प्राधिकारी या आहरण वितरण अधिकारी वेतन भुगतान की प्रक्रिया पूरी करेंगे।

मानव संपदा पोर्टल की भूमिका:

आपको बता दें की मानव संपदा पोर्टल उत्तर प्रदेश सरकार का एकीकृत मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली है। इसके माध्यम से कर्मचारियों की सेवा जानकारी, वेतन, संपत्ति विवरण और अन्य प्रशासनिक डेटा डिजिटल रूप से प्रबंधित होते हैं।

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