नई व्यवस्था के तहत सुनवाई करने वाले अधिकारी को मामला मिलने के 30 दिनों के भीतर फैसला देना होगा। अगर संबंधित व्यक्ति निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो वह आदेश मिलने के 30 दिन के अंदर एडीएम या निर्धारित अपीलीय अधिकारी के पास अपील कर सकेगा। अपील पर भी 30 दिनों के भीतर निर्णय करना होगा। निर्धारित समय में फैसला नहीं होने पर संबंधित अधिकारी पर 5 हजार से 10 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
ई-चालान पोर्टल और एप शुरू
वाहन चालान से जुड़ी इस नई व्यवस्था के लिए नेक्स्ट जेन ई-चालान मोबाइल एप और पोर्टल को प्रभावी कर दिया गया है। इसका उद्देश्य चालान के मामलों में ऑनलाइन सुनवाई और अपील की प्रक्रिया को आसान बनाना है।
चालान लंबित रहने पर सेवाओं पर असर
अगर वाहन मालिक चालान का भुगतान नहीं करता है और मामला कोर्ट या सक्षम अधिकारी के सामने भी लंबित नहीं है, तो चालान का निपटारा होने तक वाहन से जुड़ी कुछ सेवाओं पर रोक लग सकती है। इनमें आरसी ट्रांसफर, एनओसी और डुप्लीकेट आरसी जैसी सेवाएं शामिल हैं। पोर्टल पर संबंधित वाहन को लेनदेन के लिए प्रतिबंधित भी दिखाया जा सकता है।
हालांकि, अगर चालान का मामला कोर्ट या सक्षम प्राधिकारी के पास विचाराधीन है, तो उस अवधि में यह प्रतिबंध लागू नहीं होंगे। नई व्यवस्था से वाहन चालान पर सुनवाई और अपील की प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने का प्रयास किया गया है।

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