भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, IMF ने भी माना लोहा, दुनिया हैरान!

नई दिल्ली। भारतीय अर्थव्यवस्था ने एक बार फिर वैश्विक मंच पर अपनी मजबूती का प्रदर्शन किया है। अप्रैल से जून 2026 की पहली तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत दर्ज की गई। यह आंकड़ा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की उम्मीदों और कई अन्य अनुमानों से बेहतर रहा है।

सेवा क्षेत्र और निर्यात ने बढ़ाई रफ्तार

आईएमएफ की संचार विभाग की निदेशक जूली कोजक ने एक प्रेस ब्रीफिंग में भारत की ताजा विकास दर का जिक्र करते हुए कहा कि अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार में सेवा क्षेत्र के अच्छे प्रदर्शन की अहम भूमिका रही। इसके अलावा निर्यात गतिविधियों में उम्मीद से बेहतर तेजी भी विकास को सहारा देती नजर आई।

बताया प्रमुख विकास इंजन

आईएमएफ के मुताबिक, बाहरी आर्थिक दबावों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती महत्वपूर्ण है। संस्था ने भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक प्रमुख विकास इंजन के तौर पर रेखांकित किया। बेहतर तिमाही आंकड़ों को देश की आर्थिक क्षमता और चुनौतियों से निपटने की ताकत के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

आगे और बदलेगा अनुमान

भारत के नए जीडीपी आंकड़ों में औद्योगिक उत्पादन और उत्पादक मूल्य से जुड़े ताजा आंकड़े भी शामिल हैं। इन आंकड़ों के आधार पर आईएमएफ अपने आकलन में बदलाव कर सकता है। संस्था की ओर से भारत के लिए नया आर्थिक पूर्वानुमान अक्टूबर में जारी होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक के साथ सामने आने की उम्मीद है।

महंगी ऊर्जा बनी चुनौती

हालांकि वैश्विक स्तर पर आर्थिक तस्वीर पूरी तरह आसान नहीं है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ऊर्जा कीमतों पर दबाव बना हुआ है। जूली कोजक के अनुसार, महंगी ऊर्जा का असर तेल आयात करने वाले देशों पर पड़ रहा है। इसके बावजूद कई देशों ने इसके प्रभाव को सीमित करने के लिए कदम उठाए हैं।

आईएमएफ का मानना है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था ने ऊर्जा झटके का अब तक अनुमान से बेहतर तरीके से सामना किया है। वर्ष 2026 में वैश्विक आर्थिक उत्पादन में करीब 3 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद जताई गई है, हालांकि आर्थिक जोखिम अभी भी ऊंचे बने हुए हैं।

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